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एचसीएस भर्ती घोटाला: जजपा नेता केसी बांगड़ सहित 29 के खिलाफ चार्जशीट दायर, जानिए पूरा मामला

Thu, 06 Jul 2023 02:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 06 Jul 2023 02:01 AM IST
सार

एचपीएससी के पूर्व सचिव आईएएस अधिकारी, पांच पूर्व सदस्यों, नौ एग्जामिनर के अलावा 13 चयनित एचसीएस को आरोपी बनाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में हुई एचसीएस के 66 पदों पर भर्ती में अनियमितताएं बरतने के मामले में चार्जशीट दाखिल हुई है।

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HCS recruitment scam: Chargesheet filed against 29 including JJP leader KC Bangar
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विस्तार

एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा) के 66 पदों पर करीब 21 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के शासन में हुई भर्ती की अनियमितता के मामले में पंचकूला एंटी करप्शन ब्यूरो ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने हिसार के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत में हरियाणा लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य एवं जजपा नेता केसी बांगड़ सहित 29 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। दायर की गई चार्जशीट में आयोग के सचिव सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हरदीप सिंह भी शामिल है।

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इस प्रकरण में एचपीएससी के पांच पूर्व सदस्यों, नौ एग्जामिनर के अलावा 13 चयनित एचसीएस को भी आरोपी बनाया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 10 अगस्त के लिए नोटिस जारी किया है। वहीं, अदालत में पेश हुए एसीबी के डीएसपी शरीफ सिंह ने कहा कि वे 20 दिन के अंदर सभी आरोपियों को चालान की हार्ड कॉपी दे देंगे।
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एसीबी ने आयोग के सदस्य पूर्व सदस्य महेंद्र सिंह शास्त्री, एनएन यादव, जगदीश राय, नरेंद्र विद्यालंकार, दयाल सिंह और एग्जामिनर पैनल में शामिल प्रोफेसर जेसी कैरिरयन कैप्पन, डॉ. महेश्वरी प्रसाद, प्रोफेसर चंद्र मोउली, डॉ. आरके बाॉस, पुष्पेंद्र कुमार, जगदीश सिंह, एसके वर्मा, प्रेम सागर चतुर्वेदी, दर्वेश गोपाल को भी आरोपी बनाया गया है।
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इसी प्रकार 13 चयनित अभ्यर्थी वत्सल वशिष्ठ, कुलधीर सिंह, रणजीत कौर, कमलेश कुमार, सरिता मलिक, अशोक कुमार, राकेश कुमार, पूनम नाड़ा, दिलबाग सिंह, वीना हुड्डा, जग निवास, सुरेंद्र कुमार व जगदीप को भी आरोपी बनाया है। जांच के दौरान जिन तीन सदस्यों सुरेश कुमार गुप्ता, गुलशन भारद्वाज और मेहर सिंह सैनी की मृत्यु हो चुकी है, उनको आरोपी नहीं बनाया गया है।

इसी प्रकार परीक्षा नियंत्रक बनवारी लाल के अलावा एग्जामिनर केडी पांडे, डॉ. विवेक पांडे, आरके पूनिया, देवेंद्र गोपाल को भी आरोपी नहीं बनाया गया है। इनमें डॉ. केडी पांडे की मृत्यु को चुकी है और बाकियों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

एचपीएससी के छह पूर्व सदस्यों ने मांगी अग्रिम जमानत
हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की ओर से चार्जशीट दाखिल करने से पहले ही हरियाणा लोक सेवा आयोग के छह पूर्व सदस्यों सतबीर सिंह बढ़ेसरा, छत्तर सिंह, ओपी बिश्नोई, डॉ. हुड्डा, युद्धवीर आर्य और डुंगर राम ने हिसार अदालत में अग्रिम जमानत याचिका के लिए आवेदन किया है। इस जमानत याचिका पर वीरवार को सुनवाई होगी। हालांकि एसीबी ने इनमें से किसी को भी आरोपी नहीं बनाया है।

जमानत याचिका दायर करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस नैन ने बताया कि यह जमानत याचिका एक जुलाई को दायर की थी, जिसमें कहा कि वर्ष 2001 की एचसीएस भर्ती के दौरान यह सभी आयोग के सदस्य ही नहीं थी। इन सभी की नियुक्तियां बाद में हुई थी। इसके अलावा एफआईआर में भी इनको आरोपी नहीं बनाया गया था। इस पर अदालत ने एसीबी से वीरवार को जवाब मांगा है।

एचसीएस भर्ती घोटाला: बिना उत्तर लिखे दे दिए थे अंक
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में हुई एचसीएस के 66 पदों पर भर्ती में अनियमितताएं बरतने के मामले में पंचकूला की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने हिसार की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसमें उत्तर पुस्तिका में कटिंग, ओवरराइटिंग, अंकों को बढ़ाना व घटना और साक्षात्कार में टॉपर को कम और कम अंक वालों को ज्यादा अंक देने की अनियमितताएं सामने आई हैं। कई अभ्यर्थी ऐसे मिले, जिनको बिना उत्तर तक लिखे और अंक दिए गए थे।

एसीबी की जांच रिपोर्ट के अनुसार 1 मार्च, 1999 को एचसीएस के कुल 66 पदों पर आवेदन मांगे गए थे और 21 845 व्यक्तियों ने आवेदन किया था। प्री एग्जाम के बाद तीन हजार, 951 ने लिखित परीक्षा दी और 196 को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। इसके बाद 22 अक्तूबर से 19 नवंबर, 2001 को पंचकूला में साक्षात्कार हुए और तीन मई, 2002 को परिणाम घोषित किया गया।

जांच के दौरान साक्षात्कार के लिए बुलाए गए 195 अभ्यर्थियों में से 117 की 696 उत्तर पुस्तिका को जांचा गया तो 101 अभ्यर्थियों की 198 उत्तर पुस्तिका में अनियमितताएं मिलीं। इन अनियमितताओं में ओवरराइटिंग, अंकों को बढ़ाना व घटाना, अलग-अलग स्याही का प्रयोग करना, पेज खाली छोड़ देना, प्रश्नों के उत्तर ना लिखने वालों को भी अंक दे देना शामिल थी। जांच एजेंसी ने करीब 98 उत्तर पुस्तिकाओं को जांच के लिए एफएसएल में भेजा तो उनमें बड़े पैमाने पर टैंपरिंग साबित हुई। जांच के दौरान कुल 15 अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिया जाना पाया गया।


कांग्रेसी नेता कर्ण सिंह दलाल ने उठाया था मामला
कांग्रेसी नेता कर्ण सिंह दलाल ने 78 अभ्यर्थियों की 465 उत्तर पुस्तिकाओं के आधार पर पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और इस भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी। इस पर हाईकोर्ट के ज्वाइंट रजिस्ट्रार रैंक अधिकारी ने जांच की और 35 अभ्यर्थियों की 54 उत्तर पुस्तिका में अंकों को घटना व बढ़ाना पाया गया गयाा। इसके बाद विजिलेंस जांच की अनुमति मिली थी।

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