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पुलिस ने घटना स्थल के पास से मोबाइल नंबर डंप किए
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने मोबाइल डंप किए हैं। साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाल रही है। डीएसपी जयपाल सिंह ने दावा किया है कि हमने करीब 95 प्रतिशत तक मामला हल कर लिया है। कुछ साइंटिक तथ्य जुटा रहे हैं। जल्दी ही मामले का खुलासा सबूूत के साथ कर देंगे।
वारदात के बाद पुलिस की साइबर सेल ने मौके से मोबाइल नंबर डंप किए हैं। इस एरिया में सक्रिय मोबाइल नंबर ट्रेस किए जाएंगे। इसके बाद संदिग्धों के नंबर की लोकेशन ट्रेस कर मिलान किया जाएगा।
पुलिस की दूसरी टीम ने भूना रोड पर दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों का रिकॉर्ड जुटाया। इसके अलावा टेलिफोन एक्सचेंज के गेट पर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी ली। अभी पुलिस इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने से बच रही है। फोरेंसिक विभाग की टीम ने झोपड़ी के द्वार पर कुछ पैरों के निशान भी देखे हैं। इन निशानों के सैंपल ले लिए। प्रथम चरण में अनुमान लगाया गया है कि दरिंदा सीधा वहीं घुसा, जहां लाडली की चारपाई थी। कुछ पांवों के निशान वहां भी मिले, जहां बच्ची का शव पाया गया।
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डॉग स्कवायड टीम को नहीं मिली सफलता
पुलिस डॉग स्कवायड टीम भी वारदात में आरोपी का सुराग लगाने में असफल रही। डॉग घटनास्थल के चारों घूमे जरूर, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए। वारदात स्थल पर लोगों की भीड़ के कारण डॉग को सफलता नहीं मिली।
डीएसपी जयपाल सिंह ने दावा किया है कि हमने करीब 95 प्रतिशत तक मामला हल कर लिया है। कुछ साइंटिक तथ्य जुटा रहे हैं। जल्दी ही मामले का खुलासा सबूूत के साथ कर देंगे।
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हिसार।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने मोबाइल डंप किए हैं। साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाल रही है। डीएसपी जयपाल सिंह ने दावा किया है कि हमने करीब 95 प्रतिशत तक मामला हल कर लिया है। कुछ साइंटिक तथ्य जुटा रहे हैं। जल्दी ही मामले का खुलासा सबूूत के साथ कर देंगे।
वारदात के बाद पुलिस की साइबर सेल ने मौके से मोबाइल नंबर डंप किए हैं। इस एरिया में सक्रिय मोबाइल नंबर ट्रेस किए जाएंगे। इसके बाद संदिग्धों के नंबर की लोकेशन ट्रेस कर मिलान किया जाएगा।
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पुलिस की दूसरी टीम ने भूना रोड पर दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों का रिकॉर्ड जुटाया। इसके अलावा टेलिफोन एक्सचेंज के गेट पर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी ली। अभी पुलिस इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने से बच रही है। फोरेंसिक विभाग की टीम ने झोपड़ी के द्वार पर कुछ पैरों के निशान भी देखे हैं। इन निशानों के सैंपल ले लिए। प्रथम चरण में अनुमान लगाया गया है कि दरिंदा सीधा वहीं घुसा, जहां लाडली की चारपाई थी। कुछ पांवों के निशान वहां भी मिले, जहां बच्ची का शव पाया गया।
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डॉग स्कवायड टीम को नहीं मिली सफलता
पुलिस डॉग स्कवायड टीम भी वारदात में आरोपी का सुराग लगाने में असफल रही। डॉग घटनास्थल के चारों घूमे जरूर, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए। वारदात स्थल पर लोगों की भीड़ के कारण डॉग को सफलता नहीं मिली।
डीएसपी जयपाल सिंह ने दावा किया है कि हमने करीब 95 प्रतिशत तक मामला हल कर लिया है। कुछ साइंटिक तथ्य जुटा रहे हैं। जल्दी ही मामले का खुलासा सबूूत के साथ कर देंगे।