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सामान बेचने के चक्कर में दुकानदार को लगी 19 हजार की चपत
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हिसार। ऑनलाइन ठगी के मामले में बढ़ रहे हैं। फिलहाल ठगों द्वारा सामान खरीदने के बहाने दुकानदारों को चूना लगाया जा रहा है। इस बार टाइल्स विक्रेता को 19 हजार रुपये की चपत लगी है। दुकानदार की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में प्रदीप कुमार ने बताया कि उसका टाइल्स का शोरूम है। 12 अप्रैल की शाम को उसके पास अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने 35-36 सौ की टाइल्स मांगी। साथ ही उसने कहा कि अपना पेटीएम अकाउंट नंबर दे दीजिए, उस पर पैसे ट्रांसफर कर देंगे। प्रदीप के अनुसार दुकान पर उस समय उसका भांजा निशांत बैठा था और उसी ने कॉल सुनी थी, इसलिए उसने अपना पेटीएम अकाउंट नंबर दे दिए। उसके अकाउंट में पैसे नहीं थे। इस कारण आरोपी ने कहा कि इसमें ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं, दूसरा पेटीएम नंबर दो। निशांत ने अपने मामा प्रदीप कुमार का पेटीएम नंबर दे दिया। प्रदीप के अनुसार कुछ देर बाद निशांत ने उससे ओटीपी मांगा तो वह किसी काम में व्यस्त था, जिस कारण उसे ओटीपी बता दिया, लेकिन जैसे ही याद आया कि ओटीपी किसी को नहीं देना होता तो निशांत से पूछा। तब तक वह आरोपियों को ओटीपी बता चुका था। प्रदीप ने बताया कि उसके अकाउंट में 19 हजार रुपये थे, जो कट चुके थे। जांचकर्ता हेड कांस्टेबल बलवंत के अनुसार शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 420 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की मामले की जांच की जा रही है।
‘मिस्टर फ्रॉड’ हैं ठगी करने वाले
ठगी करने वाले ‘मिस्टर फ्रॉड’ हैं। प्रदीप ने बताया कि जिस नंबर से उनके पास फोन आया था, उस नंबर को ट्रू-कॉलर पर चेक किया तो उसमें मिस्टर फ्रॉड के नाम से आया। प्रदीप ने बताया कि यह नंबर शनिवार तक मिल रहा था, लेकिन अब यह नंबर बंद आ रहा है।
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ठगी का यह नया तरीका
ऑनलाइन ठगी करने वालों का यह नया तरीका है। इसमें वे किसी भी दुकानदार की जानकारी हासिल कर उसके पास फोन करते हैं और उससे सामान खरीदने की बात कहकर पैसे ऑनलाइन किसी भी ऐप से ट्रांसफर करने की बात कहते हैं। दुकानदार जल्दबाजी में या जानकारी के अभाव में या अनजाने में उन्हें ओटीपी दे बैठते हैं और ठग उनके अकाउंट को खाली कर देते हैं।
अब तक हो चुकीं ठगी की चार वारदात
- 6 अप्रैल को सेक्टर-15 निवासी संचित चड्ढा से अलमारी खरीदने के बहाने एक लाख रुपये खाते से निकाले।
- 6 अप्रैल को नागरिक अस्पताल के सामने डेयरी चलाने वाले मनोज गुप्ता से साइट पर डाली गई बाइक खरीदने के बहाने 90 हजार रुपये ठगे।
- 7 अप्रैल को सुंडावास निवासी मनोज कुमार से साइट पर डाली गई बाइक खरीदने के बहाने 20 हजार रुपये की ठगी।
- 12 अप्रैल को प्रीति नगर के प्रदीप कुमार से टाइल्स खरीद के बहाने पेटीएम के माध्यम से 19 हजार रुपये निकाले।
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पुलिस को दी शिकायत में प्रदीप कुमार ने बताया कि उसका टाइल्स का शोरूम है। 12 अप्रैल की शाम को उसके पास अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने 35-36 सौ की टाइल्स मांगी। साथ ही उसने कहा कि अपना पेटीएम अकाउंट नंबर दे दीजिए, उस पर पैसे ट्रांसफर कर देंगे। प्रदीप के अनुसार दुकान पर उस समय उसका भांजा निशांत बैठा था और उसी ने कॉल सुनी थी, इसलिए उसने अपना पेटीएम अकाउंट नंबर दे दिए। उसके अकाउंट में पैसे नहीं थे। इस कारण आरोपी ने कहा कि इसमें ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं, दूसरा पेटीएम नंबर दो। निशांत ने अपने मामा प्रदीप कुमार का पेटीएम नंबर दे दिया। प्रदीप के अनुसार कुछ देर बाद निशांत ने उससे ओटीपी मांगा तो वह किसी काम में व्यस्त था, जिस कारण उसे ओटीपी बता दिया, लेकिन जैसे ही याद आया कि ओटीपी किसी को नहीं देना होता तो निशांत से पूछा। तब तक वह आरोपियों को ओटीपी बता चुका था। प्रदीप ने बताया कि उसके अकाउंट में 19 हजार रुपये थे, जो कट चुके थे। जांचकर्ता हेड कांस्टेबल बलवंत के अनुसार शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 420 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की मामले की जांच की जा रही है।
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‘मिस्टर फ्रॉड’ हैं ठगी करने वाले
ठगी करने वाले ‘मिस्टर फ्रॉड’ हैं। प्रदीप ने बताया कि जिस नंबर से उनके पास फोन आया था, उस नंबर को ट्रू-कॉलर पर चेक किया तो उसमें मिस्टर फ्रॉड के नाम से आया। प्रदीप ने बताया कि यह नंबर शनिवार तक मिल रहा था, लेकिन अब यह नंबर बंद आ रहा है।
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ठगी का यह नया तरीका
ऑनलाइन ठगी करने वालों का यह नया तरीका है। इसमें वे किसी भी दुकानदार की जानकारी हासिल कर उसके पास फोन करते हैं और उससे सामान खरीदने की बात कहकर पैसे ऑनलाइन किसी भी ऐप से ट्रांसफर करने की बात कहते हैं। दुकानदार जल्दबाजी में या जानकारी के अभाव में या अनजाने में उन्हें ओटीपी दे बैठते हैं और ठग उनके अकाउंट को खाली कर देते हैं।
अब तक हो चुकीं ठगी की चार वारदात
- 6 अप्रैल को सेक्टर-15 निवासी संचित चड्ढा से अलमारी खरीदने के बहाने एक लाख रुपये खाते से निकाले।
- 6 अप्रैल को नागरिक अस्पताल के सामने डेयरी चलाने वाले मनोज गुप्ता से साइट पर डाली गई बाइक खरीदने के बहाने 90 हजार रुपये ठगे।
- 7 अप्रैल को सुंडावास निवासी मनोज कुमार से साइट पर डाली गई बाइक खरीदने के बहाने 20 हजार रुपये की ठगी।
- 12 अप्रैल को प्रीति नगर के प्रदीप कुमार से टाइल्स खरीद के बहाने पेटीएम के माध्यम से 19 हजार रुपये निकाले।