फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   धोखाधड़ी और जालसाजी करने पर प्लॉट बेचने और खरीदने वाले को कैद

धोखाधड़ी और जालसाजी करने पर प्लॉट बेचने और खरीदने वाले को कैद

Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
धोखाधड़ी और जालसाजी करने पर प्लॉट बेचने और खरीदने वाले को कैद
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
न्यायिक दंडाधिकारी आशीष शर्मा की अदालत ने प्लॉट संबंधी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में बरवाला के वार्ड नंबर तीन निवासी नंबरदार नरेश जावा और खरक पूनिया निवासी खरीदार नरेश कुमार को धोखाधड़ी के जुर्म में तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने तथा जालसाजी के जुर्म में तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तीन साल की सजा पूरी होने पर दूसरी धाराओं की सजा शुरू होगी। यानी दोषियों को छह-छह साल जेल में बिताने पड़ेंगे।
बरवाला थाना पुलिस ने इस संबंध में 8 दिसंबर 2012 को धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। बरवाला के वार्ड नंबर 9 के नानक चंद ने शिकायत में कहा था कि उन्होंने बरवाला के प्रेमचंद से सन 1963 में एक प्लॉट खरीदा था और उस पर दो मंजिला भवन बनाकर रिहायश कर ली थी। उसने रजिस्ट्री कराने के बाद नगर पालिका से मकान का नक्शा पास कराया था। लेकिन इंतकाल नहीं करा पाया था। विक्रेता प्रेमचंद की मौत होने के बाद उनकी प्रॉपर्टी परिजनों के हिस्से में आ गई। आरोप है कि प्रेमचंद के बेटे नरेश ने गलत तरीके से इंतकाल कराकर वही प्लॉट खरक पूनिया के नरेेश को बेच दिया जबकि उस प्लॉट पर नानक चंद का मकान बना था। बाद में मामला कोर्ट में पहुंच गया था और लोकल कमीशन ने दौरा कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर कहा था कि मौके पर प्लॉट न होकर नानकचंद का मकान बना है। इसके एक हफ्ते बाद नरेश ने 23 अक्तूबर 2012 को जमीन को प्लॉट बताकर बेचा था। नानक चंद ने इस संबंध में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षडयंत्र रचने का केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन

कोर्ट ने यह सजा सुनाई
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि कोर्ट ने धारा 420 के तहत दोनों को तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा पूरी होने पर दूसरी धाराओं की सजा शुरू होगी। कोर्ट ने धारा 467 में तीन-तीन साल की कैद व तीन-तीन हजार जुर्माने, धारा 468 में तीन-तीन साल व एक-एक हजार रुपये जुर्माने और धारा 471 में दो-दो साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। धारा 467, 468 व 471 के तहत सुनाई गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed