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नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी
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राजस्थान में नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी
हिसार। नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। आजाद नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता तलवंडी बादशाहपुर निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर राजस्थान की उदयपुर वाटी तहसील जिला झुंझुनू के गांव धोलाखेड़ा निवासी बुधराम उर्फ रामपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आजाद नगर थाना पुलिस ने सुनील की शिकायत पर आरोपी बुधराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत केस दर्ज किया है। जांचकर्ता सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार के अनुसार इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपी के फोन की कॉल ट्रेस कर उसका सुराग लगाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस को दी शिकायत में सुनील ने बताया कि उसकी बुधराम के साथ कई सालों की जान-पहचान थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। बुधवार ने उससे कहा कि राजस्थान में जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी में सरकारी पद के लिए नौकरी निकली हुई है। इसके लिए उसकी वहां के अधिकारियों से 20 लाख रुपये में बात हुई है। अगर वह लगना चाहता है तो उसके लिए बात कर सकता है। सुनील ने बताया कि सालों पुरानी जान-पहचान होने के कारण बुधराम पर विश्वास किया और उसे तीन किस्तों में 20 लाख रुपये दिए। बुधराम ने लिखित में दिया कि यदि एक साल में काम नहीं हुआ तो वह ब्याज सहित पैसे वापस करेगा।
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गवाहों की मौजूदगी में लिखा गया परनोट
सुनील ने शिकायत में बताया कि उसने 7-7 लाख और फिर 6 लाख करके कुल 20 लाख रुपये दिए। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच 14 नवंबर 2017 को एक परनोट लिखा गया, जिसमें तलवंडी बादशाहपुर के सरपंच ओमप्रकाश, भिवानी के धूलकोट निवासी सतबीर ने गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए। इस परनोट में एडवोकेट सुखबीर सिंह ने भी हस्ताक्षर किए थे।
नहीं लगी नौकरी, बुधराम भी हुआ गायब
सुनील ने शिकायत में कहा कि नौकरी नहीं मिलने के बाद जब उसने बुधराम से बात करने की कोशिश की तो उसका फोन ही नहीं मिला। जब उसके घर गया तो पता चला कि वह वहां रहता ही नहीं और कई दिनों से फरार है। उसने आरोप लगाया कि बुधराम ने ठगी करने के लिए पूरा खेल रचा और फरार हो गया।
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हिसार। नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। आजाद नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता तलवंडी बादशाहपुर निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर राजस्थान की उदयपुर वाटी तहसील जिला झुंझुनू के गांव धोलाखेड़ा निवासी बुधराम उर्फ रामपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आजाद नगर थाना पुलिस ने सुनील की शिकायत पर आरोपी बुधराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत केस दर्ज किया है। जांचकर्ता सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार के अनुसार इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपी के फोन की कॉल ट्रेस कर उसका सुराग लगाने का प्रयास किया जाएगा।
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पुलिस को दी शिकायत में सुनील ने बताया कि उसकी बुधराम के साथ कई सालों की जान-पहचान थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। बुधवार ने उससे कहा कि राजस्थान में जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी में सरकारी पद के लिए नौकरी निकली हुई है। इसके लिए उसकी वहां के अधिकारियों से 20 लाख रुपये में बात हुई है। अगर वह लगना चाहता है तो उसके लिए बात कर सकता है। सुनील ने बताया कि सालों पुरानी जान-पहचान होने के कारण बुधराम पर विश्वास किया और उसे तीन किस्तों में 20 लाख रुपये दिए। बुधराम ने लिखित में दिया कि यदि एक साल में काम नहीं हुआ तो वह ब्याज सहित पैसे वापस करेगा।
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गवाहों की मौजूदगी में लिखा गया परनोट
सुनील ने शिकायत में बताया कि उसने 7-7 लाख और फिर 6 लाख करके कुल 20 लाख रुपये दिए। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच 14 नवंबर 2017 को एक परनोट लिखा गया, जिसमें तलवंडी बादशाहपुर के सरपंच ओमप्रकाश, भिवानी के धूलकोट निवासी सतबीर ने गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए। इस परनोट में एडवोकेट सुखबीर सिंह ने भी हस्ताक्षर किए थे।
नहीं लगी नौकरी, बुधराम भी हुआ गायब
सुनील ने शिकायत में कहा कि नौकरी नहीं मिलने के बाद जब उसने बुधराम से बात करने की कोशिश की तो उसका फोन ही नहीं मिला। जब उसके घर गया तो पता चला कि वह वहां रहता ही नहीं और कई दिनों से फरार है। उसने आरोप लगाया कि बुधराम ने ठगी करने के लिए पूरा खेल रचा और फरार हो गया।