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कांवड़ियों के लिए भंडारा लगा रहे, सरपंच उम्मीदवार की गोली मारकर हत्या, साथी गंभीर
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
गांव मात्रश्याम बस स्टैंड पर कांवड़ियों के लिए भंडारा लगा रहे सरपंच उम्मीदवार बलवंत सोनी और उसके साथी प्रदीप भिवानी पर गांव के दो युवकों ने ताबड़तोड़ फायर कर दिए। वारदात में बलवंत सोनी की मौत हो गई, प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
भंडारे में ठहरे कांवड़िए और गांव के लोग अंधाधुंध चली गोलियों की आवाज सुनकर मौके से भाग खड़े हुए। बाइक सवार दोनों युवकों ने वहां दोनों को गोली मारने के बाद गांव के बीच जाकर मंदिर के नजदीक भी दो फायर किए और फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही सदर थाना इंस्पेक्टर देवेंद्र नैन पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे।
मृतक के परिजनों ने बताया कि बलवंत आजाद नगर स्थित एचटीएम कॉलोनी में रहने वाले एडवोकेट जगदीश सोनी का बेटा है। वे मूल रूप से मात्रश्याम के रहने वाले हैं। पिछले पंचायत चुनाव में बलवंत ने जीतने वाले उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी थी। इस मामले में उनकी गांव के कुछ लोगों के साथ रंजिश चल रही थी। शिवरात्रि के अवसर पर 28 वर्षीय बलवंत ने गांव के बस स्टैंड पर भंडारा और सेवा शिविर लगाया। रात करीब नौ बजे वह अपने दोस्त प्रदीप भिवानी के साथ भंडारे में बैठकर हुक्का पी रहा था। इसी दौरान अचानक दो युवक बाइक पर आए। उन्होंने बलवंत पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जब तक मामला कुछ समझ में आता, वे भाग निकले। जैसे ही फायरिंग हुई मौके पर मौजूद लोग भाग खड़े हुए। गोली मारने वाले युवकों ने गांव के बीच में जाकर भी दहशत फैलाई। उन्होंने मंदिर के पास जाकर भी दो हवाई फायर किए। गोली लगने के बाद लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने बलवंत को मृत घोषित कर दिया। प्रदीप को जांघ में गोली लगी है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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सीआईए और पुलिस की कई टीमें लगी आरोपियों के पीछे
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सदर थाना और सीआईए समेत कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई। दोनों युवकों की पुलिस में पुलिस जुटी है।
अस्पताल में भारी सुरक्षा
गोलीबारी में मौत के बाद मृतक का शव सरकारी अस्पताल ले जाया गया। एहतियात के तौर पर वहां भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। सीआईए वन के इंचार्ज कृष्ण कुमार, इंस्पेक्टर नरेंद्र पाल सहित काफी संख्या में पुलिसकर्मी आ गए। वहीं मृतक के परिजन भी अस्पताल परिसर में पहुंच गए। मामले को लेकर अधिकांश ने चुप्पी साध रखी थी। पुलिस भी कुछ कहने से बच रही थी।
चुनावी रंजिश : तत्कालीन सरपंच ने पूरे परिवार को उतार दिया था मौत के घाट
वीरवार को हुई गोलीबारी से मात्रश्याम के लोगों को पुरानी यादें ताजा हो गईं। यह गांव करीब 15 साल पहले चर्चा में आया था। तत्कालीन सरपंच ईश्वर सिंह ने चुनावी रंजिश के चलते अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया था और इसका आरोप अपने विरोधी गुट पर लगा दिया था। बाद में पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। ईश्वर सिंह ने अपने दो साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। साथियों की मदद से उसने पत्नी, लड़कों सहित सभी को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। उसने शादीशुदा लड़की को लेने भेजा, लेकिन किन्हीं कारणों से उसके ससुराल के लोगों ने भेजने से मना कर दिया था। इस कारण उसकी बेटी बच गई। बाद में प्लॉट के विवाद के चलते कार सवार दो लोगों ने ईश्वर सिंह को भी गोली मार दी। इस तरह पूरा परिवार समाप्त हो गया था।
फोटो 75 और 76
- दो को मारी थी गोली, दूसरा घायल सिसाय का
हमलावरों ने गांव के बीच में जाकर भी किए दो फायर
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हिसार।
गांव मात्रश्याम बस स्टैंड पर कांवड़ियों के लिए भंडारा लगा रहे सरपंच उम्मीदवार बलवंत सोनी और उसके साथी प्रदीप भिवानी पर गांव के दो युवकों ने ताबड़तोड़ फायर कर दिए। वारदात में बलवंत सोनी की मौत हो गई, प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
भंडारे में ठहरे कांवड़िए और गांव के लोग अंधाधुंध चली गोलियों की आवाज सुनकर मौके से भाग खड़े हुए। बाइक सवार दोनों युवकों ने वहां दोनों को गोली मारने के बाद गांव के बीच जाकर मंदिर के नजदीक भी दो फायर किए और फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही सदर थाना इंस्पेक्टर देवेंद्र नैन पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे।
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मृतक के परिजनों ने बताया कि बलवंत आजाद नगर स्थित एचटीएम कॉलोनी में रहने वाले एडवोकेट जगदीश सोनी का बेटा है। वे मूल रूप से मात्रश्याम के रहने वाले हैं। पिछले पंचायत चुनाव में बलवंत ने जीतने वाले उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी थी। इस मामले में उनकी गांव के कुछ लोगों के साथ रंजिश चल रही थी। शिवरात्रि के अवसर पर 28 वर्षीय बलवंत ने गांव के बस स्टैंड पर भंडारा और सेवा शिविर लगाया। रात करीब नौ बजे वह अपने दोस्त प्रदीप भिवानी के साथ भंडारे में बैठकर हुक्का पी रहा था। इसी दौरान अचानक दो युवक बाइक पर आए। उन्होंने बलवंत पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जब तक मामला कुछ समझ में आता, वे भाग निकले। जैसे ही फायरिंग हुई मौके पर मौजूद लोग भाग खड़े हुए। गोली मारने वाले युवकों ने गांव के बीच में जाकर भी दहशत फैलाई। उन्होंने मंदिर के पास जाकर भी दो हवाई फायर किए। गोली लगने के बाद लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने बलवंत को मृत घोषित कर दिया। प्रदीप को जांघ में गोली लगी है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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सीआईए और पुलिस की कई टीमें लगी आरोपियों के पीछे
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सदर थाना और सीआईए समेत कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई। दोनों युवकों की पुलिस में पुलिस जुटी है।
अस्पताल में भारी सुरक्षा
गोलीबारी में मौत के बाद मृतक का शव सरकारी अस्पताल ले जाया गया। एहतियात के तौर पर वहां भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। सीआईए वन के इंचार्ज कृष्ण कुमार, इंस्पेक्टर नरेंद्र पाल सहित काफी संख्या में पुलिसकर्मी आ गए। वहीं मृतक के परिजन भी अस्पताल परिसर में पहुंच गए। मामले को लेकर अधिकांश ने चुप्पी साध रखी थी। पुलिस भी कुछ कहने से बच रही थी।
चुनावी रंजिश : तत्कालीन सरपंच ने पूरे परिवार को उतार दिया था मौत के घाट
वीरवार को हुई गोलीबारी से मात्रश्याम के लोगों को पुरानी यादें ताजा हो गईं। यह गांव करीब 15 साल पहले चर्चा में आया था। तत्कालीन सरपंच ईश्वर सिंह ने चुनावी रंजिश के चलते अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया था और इसका आरोप अपने विरोधी गुट पर लगा दिया था। बाद में पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। ईश्वर सिंह ने अपने दो साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। साथियों की मदद से उसने पत्नी, लड़कों सहित सभी को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। उसने शादीशुदा लड़की को लेने भेजा, लेकिन किन्हीं कारणों से उसके ससुराल के लोगों ने भेजने से मना कर दिया था। इस कारण उसकी बेटी बच गई। बाद में प्लॉट के विवाद के चलते कार सवार दो लोगों ने ईश्वर सिंह को भी गोली मार दी। इस तरह पूरा परिवार समाप्त हो गया था।
फोटो 75 और 76
- दो को मारी थी गोली, दूसरा घायल सिसाय का
हमलावरों ने गांव के बीच में जाकर भी किए दो फायर