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साढे पांच साल की बच्ची के दुष्कर्मी को कठोर आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माना
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने साढे़ पांच साल की एक बच्ची से दुष्कर्म करने वाले 20 वर्षीय मोहन उर्फ मोनू को कठोर आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने के दो लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये मुआवजे के तौर पर बच्ची के परिजनों को देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने आरोपी को 12 दिसंबर को दोषी करार दिया था।
पुलिस ने इस बारे में 13 अक्तूबर 2016 को केस दर्ज किया था। एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी साढे़ पांच साल की एक बेटी है। मैंने तीन दिन पहले शाम के साढे़ चार बजे बेटी को पड़ोसी के घर भैंस को बची रोटी-सब्जी देने भेजा था। बेटी काफी देर नहीं लौटी तो वह पड़ोसी के घर पहुंची। वहां दरवाजा खुला पड़ा था। वह अंदर पहुंची तो उसने देखा कि पड़ोसी का बेटा मोहन उर्फ मोनू उसकी बेटी से गलत काम कर रहा है। घर में और कोई नहीं था। उसने भागकर बेटी को उठाकर गोद में लिया। मोनू को दो-चार थप्पड़ लगाए। वह हाथ छुड़ाकर भागने में सफल रहा। उसने बाद में घर आकर परिजनों को सारी बात बताई। पुलिस ने इस बारे में नामजद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला के 164 के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। पुलिस ने फिर आरोपी मोनू को गिरफ्तार किया था। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद आरोपी को 12 दिसंबर को दोषी करार देकर सजा सुनाने के बारे में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने साढे़ पांच साल की एक बच्ची से दुष्कर्म करने वाले 20 वर्षीय मोहन उर्फ मोनू को कठोर आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने के दो लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये मुआवजे के तौर पर बच्ची के परिजनों को देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने आरोपी को 12 दिसंबर को दोषी करार दिया था।
पुलिस ने इस बारे में 13 अक्तूबर 2016 को केस दर्ज किया था। एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी साढे़ पांच साल की एक बेटी है। मैंने तीन दिन पहले शाम के साढे़ चार बजे बेटी को पड़ोसी के घर भैंस को बची रोटी-सब्जी देने भेजा था। बेटी काफी देर नहीं लौटी तो वह पड़ोसी के घर पहुंची। वहां दरवाजा खुला पड़ा था। वह अंदर पहुंची तो उसने देखा कि पड़ोसी का बेटा मोहन उर्फ मोनू उसकी बेटी से गलत काम कर रहा है। घर में और कोई नहीं था। उसने भागकर बेटी को उठाकर गोद में लिया। मोनू को दो-चार थप्पड़ लगाए। वह हाथ छुड़ाकर भागने में सफल रहा। उसने बाद में घर आकर परिजनों को सारी बात बताई। पुलिस ने इस बारे में नामजद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला के 164 के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। पुलिस ने फिर आरोपी मोनू को गिरफ्तार किया था। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद आरोपी को 12 दिसंबर को दोषी करार देकर सजा सुनाने के बारे में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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