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ड्रग कंट्रोलर अधिकारी ने सरकारी कर्मचारी को मेडिकल चलाते हुए पकड़ा
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:46 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। जिला ड्रग कंट्रोलर अधिकारी डॉ. सुरेश चौधरी ने सरकारी कर्मचारी को गांव डाटा में मेडिकल स्टोर चलाते हुए पकड़ा है। आरोपी हांसी के गांव डाटा निवासी ईश्वर सिंह मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के पद पर तैनात है और वह हिसार के गांव तेलनवाली में पोस्टिंग है। आरोपी के खिलाफ ड्रग एक्ट केे तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा उसका फार्मेसी का लाइसेंस रद्द करने के लिए स्टेट फार्मेसी काउंसिल को लिखा गया है। सरकारी कर्मचारी होते हुए मेडिकल चलाने के कारण कार्रवाई के सलिए सिविल सर्जन हिसार को भी पत्र भेजा गया है।
ड्रग कंट्रोलर अधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि उन्हें गांव डाटा में दवाइयों का एक अवैध मेडिकल होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने गांव डाटा में लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल संचालक ईश्वर सिंह मौके पर ही मौजूद मिला। जब संचालक से मेडिकल का लाइसेंस मांगा तो वह किसी तरह के कागजात पेश नहीं कर पाया। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए 32 तरह की अंग्रेजी दवाइयां जब्त करते हुए मेडिकल संचालक के खिलाफ बिना लाइसेंस दवाइयां बेचने का केस दर्ज कर लिया। आरोपी ने लिखित एफिडेविट दिया कि वह सरकारी पद पर कार्यरत है और सितंबर में उसका लाइसेंस रद्द हो चुका है इसके बावजूद वह दवाइयां बेच रहा था। आरोपी के खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए मामला स्टेट फार्मेसी व सिविल सर्जन को भेज दिया है। 21 सितंबर को ऋषि नगर में नशीली दवाइयां बेचने के मामले में शिव शक्ति मेडिकल को सील किया गया था। उस केस में मेडिकल संचालक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और उसे सभी जरूरी रिकॉर्ड जमा करवाने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।
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हिसार। जिला ड्रग कंट्रोलर अधिकारी डॉ. सुरेश चौधरी ने सरकारी कर्मचारी को गांव डाटा में मेडिकल स्टोर चलाते हुए पकड़ा है। आरोपी हांसी के गांव डाटा निवासी ईश्वर सिंह मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के पद पर तैनात है और वह हिसार के गांव तेलनवाली में पोस्टिंग है। आरोपी के खिलाफ ड्रग एक्ट केे तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा उसका फार्मेसी का लाइसेंस रद्द करने के लिए स्टेट फार्मेसी काउंसिल को लिखा गया है। सरकारी कर्मचारी होते हुए मेडिकल चलाने के कारण कार्रवाई के सलिए सिविल सर्जन हिसार को भी पत्र भेजा गया है।
ड्रग कंट्रोलर अधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि उन्हें गांव डाटा में दवाइयों का एक अवैध मेडिकल होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने गांव डाटा में लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल संचालक ईश्वर सिंह मौके पर ही मौजूद मिला। जब संचालक से मेडिकल का लाइसेंस मांगा तो वह किसी तरह के कागजात पेश नहीं कर पाया। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए 32 तरह की अंग्रेजी दवाइयां जब्त करते हुए मेडिकल संचालक के खिलाफ बिना लाइसेंस दवाइयां बेचने का केस दर्ज कर लिया। आरोपी ने लिखित एफिडेविट दिया कि वह सरकारी पद पर कार्यरत है और सितंबर में उसका लाइसेंस रद्द हो चुका है इसके बावजूद वह दवाइयां बेच रहा था। आरोपी के खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए मामला स्टेट फार्मेसी व सिविल सर्जन को भेज दिया है। 21 सितंबर को ऋषि नगर में नशीली दवाइयां बेचने के मामले में शिव शक्ति मेडिकल को सील किया गया था। उस केस में मेडिकल संचालक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और उसे सभी जरूरी रिकॉर्ड जमा करवाने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।
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