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पैसे डबल करने का फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी ट्रेडमार्क का दफ्तर सील
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। फ्यूचर मेकर कंपनी के बाद एक और चिटफंड कंपनी ट्रेडमार्ट के दफ्तर को तहसीलदार ने सील कर दिया। इस बारे में उनको पुलिस की तरफ से पत्र भेजा गया था। कंपनी के खिलाफ लक्ष्मी विहार कालोनी निवासी प्रदीप सिवाच ने फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया था। इस मामले में कंपनी संचालक गांव उचाना कलां के नरेश मलिक व लवलेश जिंदल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
कंपनी का मास्टर माइंड गिरफ्तार
वीरवार को पुलिस टीम ने छापेमारी करके बनगांव निवासी नवीन को गिरफ्तार किया था। नवीन ने ही इस कंपनी को चलाने का मास्टर प्लान बनाया था। पुलिस टीम ने आरोपी से पंद्रह लाख रुपये भी बरामद कर चुकी है। आज आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उसे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
दो महीने पहले बनाई थी कंपनी
एसआईटी टीम के इंचार्ज डीएसपी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी नवीन इस कंपनी में योजना बनाने वाले सदस्यों की टीम का सदस्य था। जिन्होंने एक अन्य चिटफंड कंपनी फ्यूचर मेकर के आधार पर पांच जुलाई को फतेहाबाद के एक होटल में बैठकर नरवाना निवासी शमशेर व आन्दपाल के साथ मिलकर कंपनी का सॉफ्टवेयर तैयार करवाया था। इसके बाद उन्होंने केन्द्र सरकार से एएसजी ट्रेड मार्क सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर करवाई। नियम के मुताबिक इस कंपनी ने अपने उपभोक्ताओं से कोई नकद राशि नहीं लेनी थी। लोगों को षड़यंत्र में फंसाने व धोखाधड़ी करने की नीयत से एक अवैध और दूसरे नाम से ट्रेडमार्ट टीएमटी से शुरू करके लोगों से नकद राशि लेनी शुरू कर दी। इस कंपनी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया हिसार व भटिंडा में दो खाते खुलवाए। यह दोनों खाते पुलिस की ओर से सील किये जा चुके हैं। तहसीलदार को कंपनी का ऑफिस सील करने के बारे में लिखा गया था।
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हिसार। फ्यूचर मेकर कंपनी के बाद एक और चिटफंड कंपनी ट्रेडमार्ट के दफ्तर को तहसीलदार ने सील कर दिया। इस बारे में उनको पुलिस की तरफ से पत्र भेजा गया था। कंपनी के खिलाफ लक्ष्मी विहार कालोनी निवासी प्रदीप सिवाच ने फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया था। इस मामले में कंपनी संचालक गांव उचाना कलां के नरेश मलिक व लवलेश जिंदल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
कंपनी का मास्टर माइंड गिरफ्तार
वीरवार को पुलिस टीम ने छापेमारी करके बनगांव निवासी नवीन को गिरफ्तार किया था। नवीन ने ही इस कंपनी को चलाने का मास्टर प्लान बनाया था। पुलिस टीम ने आरोपी से पंद्रह लाख रुपये भी बरामद कर चुकी है। आज आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उसे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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दो महीने पहले बनाई थी कंपनी
एसआईटी टीम के इंचार्ज डीएसपी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी नवीन इस कंपनी में योजना बनाने वाले सदस्यों की टीम का सदस्य था। जिन्होंने एक अन्य चिटफंड कंपनी फ्यूचर मेकर के आधार पर पांच जुलाई को फतेहाबाद के एक होटल में बैठकर नरवाना निवासी शमशेर व आन्दपाल के साथ मिलकर कंपनी का सॉफ्टवेयर तैयार करवाया था। इसके बाद उन्होंने केन्द्र सरकार से एएसजी ट्रेड मार्क सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर करवाई। नियम के मुताबिक इस कंपनी ने अपने उपभोक्ताओं से कोई नकद राशि नहीं लेनी थी। लोगों को षड़यंत्र में फंसाने व धोखाधड़ी करने की नीयत से एक अवैध और दूसरे नाम से ट्रेडमार्ट टीएमटी से शुरू करके लोगों से नकद राशि लेनी शुरू कर दी। इस कंपनी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया हिसार व भटिंडा में दो खाते खुलवाए। यह दोनों खाते पुलिस की ओर से सील किये जा चुके हैं। तहसीलदार को कंपनी का ऑफिस सील करने के बारे में लिखा गया था।
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