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जीएलएफ फार्म के रखवालों ने किया नील गाय व सूअर का शिकार

Fri, 13 Apr 2018 01:24 AM IST
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:24 AM IST
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जीएलएफ फार्म के रखवालों ने किया नील गाय व सूअर का शिकार
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
गांव ठसका के पास बने राजकीय पशुधन फार्म के तीन रखवालों द्वारा नीलगाय और सूअर का शिकार करने का मामला सामने आया है। तीनों रखवालों के ठिकाने से मीट और एक चाकू भी बरामद किया गया है। जांच के बाद वन्य जीव रक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से तीनों पर वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। अभी इन तीनों के साथियों की भी तलाश की जा रही है।
फार्म के पास बने खेत मालिक ने दी सूचना
जानकारी के अनुसार फार्म के पास बने अशोक बिश्नोई ने अपने खेत में मृत पशुओं को देखा। इसके बाद उन्होंने वन्य जीव रक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पाकर वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर रामेश्वर दास, सब इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा, फॉरेस्ट गार्ड सुमेर सिंह व प्रवीन कुमार मौके पर पहुंचे। टीम ने जांच के दौरान पाया कि एक नीलगाय और एक सूअर का शिकार किया हुआ है। तीनों आरोपियों को फार्म के खेतों में रखवाली के लिए रखा हुआ है। उनके ठिकाने की तलाशी ली गई तो वहां एक तसला मीट से भरा हुआ मिला। वहीं नीलगाय और सूअर को काटने में प्रयोग किया गया चाकू भी बरामद हुआ।
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और भी साथी होने की आशंका
अधिकारियों ने गांव ठसका और चिकनवास से पशु चिकित्सक डॉ. मनीष यादव और डॉ. संजय कुमार को मौके पर बुलाया और मृत नीलगाय और सूअर का पोस्टमार्टम करवाया। हालांकि अभी तक अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। सूचना पाकर गांव के प्रमुख लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए और इस कृत्य की घोर निंदा की गई। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इतनी अधिक मात्रा में मांस एकत्रित किया गया है। इसलिए जरूर इन तीनों रखवालों के साथ अन्य लोग भी शामिल रहे होंगे। इस बारे में भी जांच की जा रही है।
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वर्जन
एक नीलगाय और एक सूअर का तीनों रखवालों ने शिकार किया हुआ है। रखवाली के लिए लगाए गए कृष्ण बांवरी, रणजीत और बीरू के खिलाफ वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। घटना में और भी कई दोषी मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
रामेश्वर दास, इंस्पेक्टर, जीव रक्षा विभाग
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