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जिस जेल में बंद है रामपाल वहां हवालाती से मिला मोबाइल
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सेंट्रल जेल नंबर 2 से एक हवालाती के पास से मोबाइल बरामद हुआ है। जेल नंबर 2 में ही हत्या केस में आजीवन उम्रकैद की सजायाफ्ता रामपाल भी बंद है। हवालाती ने अपने आरोप में जेल वार्डर पर ही उस तक मोबाइल पहुंचाने का आरोप लगाया है। दो अन्य हवालातियों के पास से सिम व मोबाइल केबल भी बरामद हुई है। डीएसपी की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। जिस जेल में रामपाल बंद है, उसके वार्डर द्वारा जेल के हवालातियों तक मोबाइल पहुंचाने का मामला सुरक्षा मापदंडों पर सवाल खड़े करता है।
इस बारे में जेल नंबर दो डीएसपी नरेश बूरा ने आजाद नगर चौकी में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने मंगलवार रात को दस बजे स्टाफ के साथ जेल में औचक निरीक्षण अभियान शुरू करवाया। इस दौरान जांच में उन्हे हवालाती गांव पाबड़ा निवासी जगबीर जो कॉटेज नंबर 20 में बंद है, उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके अलावा काटेज 17 में बंद दूसरे हवालाती गांव सिसाय बोलान निवासी भूपेंद्र उर्फ भूप्पी के पास से मोबाइल डाटा केबल बरामद हुई व कॉटेज नंबर 19 में बंद हवालाती जींद के कर्मगढ़ निवासी कुलदीप के पास से एक टूटा हुआ सिम बरामद हुआ।
तलाशी के दौरान जेल से मोबाइल बरामद होने के बाद जब इस बारे में पूछताछ की गई तो आरोपी हवालाती भूपेंद्र और अन्य बंदी जगबीर ने आरोप लगाया कि यह मोबाइल व सिम जेल के वार्डर ने ही उन तक पहुंचाए हैं। इस बारे में हवालातियों ने लिखित में अपने बयान दर्ज करवाए हैं। डीएसपी ने जेल वार्डर की मामले में भूमिका की जांच करके कार्रवाई करने के बारे में लिखा है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी जगबीर, भूपेंद्र और कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अभी तक जेल वार्डर को केस में आरोपी नहीं बनाया गया है।
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चाइनीज कंपनी का है मोबाइल, पहले भी बरामद हो चुके हैं फोन
इस घटना से पहले भी जेल से मोबाइल फोन बरामद होने के मामले सामने आते रहे हैं। करीब एक महीने पहले भी एक मोबाइल जेल परिसर में पड़ा मिला था। देखने वाली बात है कि जेल से बरामद होने वाले फोन चाइनीज होते हैं। इस बार जेल से जो फोन बरामद हुआ है, वह भी चाइनीज है। इसकी वजह यह सामने आई है कि इन फोन का आईएमईआई नंबर का कोई रिकॉर्ड नहीं होता व इससे पहले इस फोन को किसने प्रयोग किया है इसका भी पता नही लगता। इस बार बरामद फोन को जेल तक पहुंचाने का आरोप जेल के वार्डर पर ही लगा है जो अपने आप में बड़ी बात है। इस नए खुलासे से यह बात खुद पता चल सकती है कि पहले बरामद हुए फोन जेल तक कैसे पहुंचे।
इस मामले में डीएसपी जेल की तरफ से उनको शिकायत मिली है। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आज तीनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर पूछताछ की जाएगी। मामले में जेल वार्डर की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। अगर वार्डर की भूमिका मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एसआई संदीप धनखड़ आजाद नगर चौकी प्रभारी
जेल से जांच के दौरान मोबाइल बरामद हुआ है। मोबाइल को जेल के अंदर हवालाती तक पहुंचाने के आरोप जेल वार्डर पर लगे हैं। अभी वार्डर को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है। इसकी भूमिका की जांच की जा रही है और पुलिस को भी इस बारे में कार्रवाई के लिए लिख दिया गया है।
नरेश बूरा, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल नंबर-2
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हिसार। सेंट्रल जेल नंबर 2 से एक हवालाती के पास से मोबाइल बरामद हुआ है। जेल नंबर 2 में ही हत्या केस में आजीवन उम्रकैद की सजायाफ्ता रामपाल भी बंद है। हवालाती ने अपने आरोप में जेल वार्डर पर ही उस तक मोबाइल पहुंचाने का आरोप लगाया है। दो अन्य हवालातियों के पास से सिम व मोबाइल केबल भी बरामद हुई है। डीएसपी की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। जिस जेल में रामपाल बंद है, उसके वार्डर द्वारा जेल के हवालातियों तक मोबाइल पहुंचाने का मामला सुरक्षा मापदंडों पर सवाल खड़े करता है।
इस बारे में जेल नंबर दो डीएसपी नरेश बूरा ने आजाद नगर चौकी में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने मंगलवार रात को दस बजे स्टाफ के साथ जेल में औचक निरीक्षण अभियान शुरू करवाया। इस दौरान जांच में उन्हे हवालाती गांव पाबड़ा निवासी जगबीर जो कॉटेज नंबर 20 में बंद है, उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके अलावा काटेज 17 में बंद दूसरे हवालाती गांव सिसाय बोलान निवासी भूपेंद्र उर्फ भूप्पी के पास से मोबाइल डाटा केबल बरामद हुई व कॉटेज नंबर 19 में बंद हवालाती जींद के कर्मगढ़ निवासी कुलदीप के पास से एक टूटा हुआ सिम बरामद हुआ।
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तलाशी के दौरान जेल से मोबाइल बरामद होने के बाद जब इस बारे में पूछताछ की गई तो आरोपी हवालाती भूपेंद्र और अन्य बंदी जगबीर ने आरोप लगाया कि यह मोबाइल व सिम जेल के वार्डर ने ही उन तक पहुंचाए हैं। इस बारे में हवालातियों ने लिखित में अपने बयान दर्ज करवाए हैं। डीएसपी ने जेल वार्डर की मामले में भूमिका की जांच करके कार्रवाई करने के बारे में लिखा है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी जगबीर, भूपेंद्र और कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अभी तक जेल वार्डर को केस में आरोपी नहीं बनाया गया है।
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चाइनीज कंपनी का है मोबाइल, पहले भी बरामद हो चुके हैं फोन
इस घटना से पहले भी जेल से मोबाइल फोन बरामद होने के मामले सामने आते रहे हैं। करीब एक महीने पहले भी एक मोबाइल जेल परिसर में पड़ा मिला था। देखने वाली बात है कि जेल से बरामद होने वाले फोन चाइनीज होते हैं। इस बार जेल से जो फोन बरामद हुआ है, वह भी चाइनीज है। इसकी वजह यह सामने आई है कि इन फोन का आईएमईआई नंबर का कोई रिकॉर्ड नहीं होता व इससे पहले इस फोन को किसने प्रयोग किया है इसका भी पता नही लगता। इस बार बरामद फोन को जेल तक पहुंचाने का आरोप जेल के वार्डर पर ही लगा है जो अपने आप में बड़ी बात है। इस नए खुलासे से यह बात खुद पता चल सकती है कि पहले बरामद हुए फोन जेल तक कैसे पहुंचे।
इस मामले में डीएसपी जेल की तरफ से उनको शिकायत मिली है। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आज तीनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर पूछताछ की जाएगी। मामले में जेल वार्डर की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। अगर वार्डर की भूमिका मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एसआई संदीप धनखड़ आजाद नगर चौकी प्रभारी
जेल से जांच के दौरान मोबाइल बरामद हुआ है। मोबाइल को जेल के अंदर हवालाती तक पहुंचाने के आरोप जेल वार्डर पर लगे हैं। अभी वार्डर को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है। इसकी भूमिका की जांच की जा रही है और पुलिस को भी इस बारे में कार्रवाई के लिए लिख दिया गया है।
नरेश बूरा, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल नंबर-2