{"_id":"5c21343fbdec2256c66bb9c4","slug":"111545679935-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांचवीं तक स्कूल गया है मुन्नाभाई स्टाइल का मास्टर माइंड मनोज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पांचवीं तक स्कूल गया है मुन्नाभाई स्टाइल का मास्टर माइंड मनोज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में मुन्नाभाई स्टाइल में दूसरे के स्थान पर पेपर देने की योजना बनाने वाला मास्टरमाइंड मनोज है, जो पांचवीं कक्षा तक ही स्कूल गया है। इस योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने प्रति पेपर दो लाख रुपये में बीटेक पास सुनील को मोहरा बनाया और उसे दिल्ली से बुलाया गया। इसके बाद उसने फतेहाबाद के विक्रम और चरखी दादरी के बाढ़डा वासी विनीत कुुमार के स्थान पर पेपर देना था। सुबह के समय सुनील ने विक्रम के स्थान पर फतेहाबाद में पेपर दिया और फिर गाड़ी से हिसार विनीत कुमार का पेपर देने पहुंच गया। किसी तरह वह परीक्षा केंद्र के अंदर तक पहुंच गया, लेकिन सीएम फ्लाइंग टीम द्वारा धरा गया, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हो गया।
जाल बिछाकर पकड़े दूसरे आरोपी
सीएम फ्लाइंग टीम द्वारा सुनील की गिरफ्तारी के बाद केंद्र के बाहर खड़े विनीत कुमार को गिरफ्तार किया जाना था। इसके लिए टीम ने पुलिस के साथ मिलकर योजना बनाई और सुनील को घेरे में एग्जाम सेंटर से बाहर भेजकर विनीत की पहचान कराई गई, जिसके बाद मौके से विनीत को भी काबू कर लिया गया। इसके अलावा सुनील और विनीत की निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों को भी रविवार को ही हिरासत में ले लिया गया।
बायोमीट्रिक मशीन करेगी खुलासा
मामले का पटाक्षेप होने के बाद पुलिस ने सेंट सोफिया परीक्षा केंद्र से उस बायोमीट्रिक मशीन को कब्जे में ले लिया था, जिससे सुनील ने अपनी हाजिरी लगाई थी। अब इस मशीन से जांच की जाएगी कि फार्म भरते समय क्या सुनील के अंगूठे का निशान दिया गया या किसी अन्य का। यदि किसी अन्य का दिया गया होगा तो केंद्र के जांच अधिकारियों भी इस मामले में संदिग्ध भूमिका रहेगी। उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने जांच ठीक से की या नहीं और सुनील कैसे अंदर चला गया। यदि फार्म में सुनील के ही अंगूठे का निशान दिया गया था तो जांच से इस बात से पर्दा उठेगा इस योजना की बहुत पहले से ही रूपरेखा बनाई जा चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में मुन्नाभाई स्टाइल में दूसरे के स्थान पर पेपर देने की योजना बनाने वाला मास्टरमाइंड मनोज है, जो पांचवीं कक्षा तक ही स्कूल गया है। इस योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने प्रति पेपर दो लाख रुपये में बीटेक पास सुनील को मोहरा बनाया और उसे दिल्ली से बुलाया गया। इसके बाद उसने फतेहाबाद के विक्रम और चरखी दादरी के बाढ़डा वासी विनीत कुुमार के स्थान पर पेपर देना था। सुबह के समय सुनील ने विक्रम के स्थान पर फतेहाबाद में पेपर दिया और फिर गाड़ी से हिसार विनीत कुमार का पेपर देने पहुंच गया। किसी तरह वह परीक्षा केंद्र के अंदर तक पहुंच गया, लेकिन सीएम फ्लाइंग टीम द्वारा धरा गया, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हो गया।
जाल बिछाकर पकड़े दूसरे आरोपी
सीएम फ्लाइंग टीम द्वारा सुनील की गिरफ्तारी के बाद केंद्र के बाहर खड़े विनीत कुमार को गिरफ्तार किया जाना था। इसके लिए टीम ने पुलिस के साथ मिलकर योजना बनाई और सुनील को घेरे में एग्जाम सेंटर से बाहर भेजकर विनीत की पहचान कराई गई, जिसके बाद मौके से विनीत को भी काबू कर लिया गया। इसके अलावा सुनील और विनीत की निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों को भी रविवार को ही हिरासत में ले लिया गया।
विज्ञापन
बायोमीट्रिक मशीन करेगी खुलासा
मामले का पटाक्षेप होने के बाद पुलिस ने सेंट सोफिया परीक्षा केंद्र से उस बायोमीट्रिक मशीन को कब्जे में ले लिया था, जिससे सुनील ने अपनी हाजिरी लगाई थी। अब इस मशीन से जांच की जाएगी कि फार्म भरते समय क्या सुनील के अंगूठे का निशान दिया गया या किसी अन्य का। यदि किसी अन्य का दिया गया होगा तो केंद्र के जांच अधिकारियों भी इस मामले में संदिग्ध भूमिका रहेगी। उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने जांच ठीक से की या नहीं और सुनील कैसे अंदर चला गया। यदि फार्म में सुनील के ही अंगूठे का निशान दिया गया था तो जांच से इस बात से पर्दा उठेगा इस योजना की बहुत पहले से ही रूपरेखा बनाई जा चुकी थी।
विज्ञापन