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Hisar News: नहरों में खेतों का पानी डालने पर तीन दिन रोक, भरे जाएंगे जलघर
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किरतान में टैंकर से पानी लेती महिलाएं।
हिसार। सूखे जलघरों को भरने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने तीन दिन के लिए नहरों में गंदा पानी डालने पर रोक लगा दी है। मंत्री के निर्देशों के अनुसार 29 सितंबर की शाम से नहरों में पानी डालना बंद किया जाएगा और 2 या 3 अक्तूबर की रात तक केवल जलघरों को भरने के लिए साफ पानी की निकासी की जाएगी।
जिले के करीब 65 गांवों में जलघरों में गंदा पानी भरा हुआ है और 30 गांवों के जलघर पूरी तरह खाली हैं। खेतों से निकाले गए बारिश के पानी को नहरों में डालने के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर सूखने के कगार पर हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग पिछले करीब 25 दिन से नहरों से जलघर भरने का कार्य नहीं कर पा रहा है। अब जलघरों में पानी बेहद कम बचा है। विभाग के अधिकारियों ने इस समस्या को देखते हुए मंत्री गंगवा से एक सप्ताह के लिए नहरों में खेतों का पानी न डालने की मांग की थी। मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर तीन दिन का ब्रेक तय किया।
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मंत्री गंगवा ने कहा कि नहरों में आदेशों का पालन नहीं करने वाले गांवों में बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे। तीन दिन के ब्रेक में जलघर भरने का कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इस दौरान खेतों का पानी निकालने पर रोक रहेगी, ताकि किसानों की अगली फसल की बिजाई प्रभावित न हो।
इन गांवों में डाला जा रहा खेतों का पानी
घिराय, खरकड़ी, नियाना, शिकारपुर, रायपुर, मिर्जापुर, खोखा, रायपुर ढाणी।
गांव में भी टैंकरों से पहुंच रहा पानी:
ग्रामीण क्षेत्रों में जलघरों में पानी न होने या गंदा पानी होने के कारण लोग टैंकर से पानी मंगवा रहे हैं। कुछ पंचायतें अपने स्तर पर भी पानी उपलब्ध करा रही हैं। ग्रामीण 500 से 700 रुपये में टैंकर से पानी मंगवा रहे हैं। कई गांवों में लोग दूसरे गांवों से भी पानी ला रहे हैं।
जलघरों में पानी नहीं बचा है। अब जलघरों को नहीं भरेंगे तो समस्या बढ़ जाएगी। वहीं किसानों को खेतों का पानी निकालने से रोकेंगे तो उनकी अगली फसल की बिजाई भी नहीं हो सकेगी। ऐसे में तीन दिन के लिए एक ब्रेक दिया जाएगा। इसमें जलघरों को भरा जाएगा। इस दौरान नहरों में खेतों का पानी नहीं डाला जाएगा।
- रणबीर गंगवा, मंत्री जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा।
आज शाम से बंद करेंगे पानी डालना
29 सितंबर की शाम से नहरों में पानी डालना बंद किया जाएगा। 2 या 3 अक्तूबर की रात तक नहरों में पानी डाला जाएगा। 30 सितंबर से जलघरों को भरने का काम शुरू किया जाएगा। सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहर के मोघे पर जाकर जांच करेंगे। इसके बाद ही जलघरों के लिए पानी डालने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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जिले के करीब 65 गांवों में जलघरों में गंदा पानी भरा हुआ है और 30 गांवों के जलघर पूरी तरह खाली हैं। खेतों से निकाले गए बारिश के पानी को नहरों में डालने के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर सूखने के कगार पर हैं।
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जनस्वास्थ्य विभाग पिछले करीब 25 दिन से नहरों से जलघर भरने का कार्य नहीं कर पा रहा है। अब जलघरों में पानी बेहद कम बचा है। विभाग के अधिकारियों ने इस समस्या को देखते हुए मंत्री गंगवा से एक सप्ताह के लिए नहरों में खेतों का पानी न डालने की मांग की थी। मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर तीन दिन का ब्रेक तय किया।
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मंत्री गंगवा ने कहा कि नहरों में आदेशों का पालन नहीं करने वाले गांवों में बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे। तीन दिन के ब्रेक में जलघर भरने का कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इस दौरान खेतों का पानी निकालने पर रोक रहेगी, ताकि किसानों की अगली फसल की बिजाई प्रभावित न हो।
इन गांवों में डाला जा रहा खेतों का पानी
घिराय, खरकड़ी, नियाना, शिकारपुर, रायपुर, मिर्जापुर, खोखा, रायपुर ढाणी।
गांव में भी टैंकरों से पहुंच रहा पानी:
ग्रामीण क्षेत्रों में जलघरों में पानी न होने या गंदा पानी होने के कारण लोग टैंकर से पानी मंगवा रहे हैं। कुछ पंचायतें अपने स्तर पर भी पानी उपलब्ध करा रही हैं। ग्रामीण 500 से 700 रुपये में टैंकर से पानी मंगवा रहे हैं। कई गांवों में लोग दूसरे गांवों से भी पानी ला रहे हैं।
जलघरों में पानी नहीं बचा है। अब जलघरों को नहीं भरेंगे तो समस्या बढ़ जाएगी। वहीं किसानों को खेतों का पानी निकालने से रोकेंगे तो उनकी अगली फसल की बिजाई भी नहीं हो सकेगी। ऐसे में तीन दिन के लिए एक ब्रेक दिया जाएगा। इसमें जलघरों को भरा जाएगा। इस दौरान नहरों में खेतों का पानी नहीं डाला जाएगा।
- रणबीर गंगवा, मंत्री जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा।
आज शाम से बंद करेंगे पानी डालना
29 सितंबर की शाम से नहरों में पानी डालना बंद किया जाएगा। 2 या 3 अक्तूबर की रात तक नहरों में पानी डाला जाएगा। 30 सितंबर से जलघरों को भरने का काम शुरू किया जाएगा। सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहर के मोघे पर जाकर जांच करेंगे। इसके बाद ही जलघरों के लिए पानी डालने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।