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हत्या के दोषी को उम्रकैद
Hisar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एलएन जिदंल की अदालत ने हत्या के एक मामले में शुक्रवार को एक व्यक्ति को उम्रकैद और 13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है जबकि मृतक की पत्नी को साक्ष्याें के अभाव में बरी कर दिया।
जानकारी के अनुसार गांव बनगांव निवासी राजेन्द्र 13 फरवरी 2011 को घर से लापता हो गया। 24 फरवरी को उसकी हत्या कर दी गई। राजेंद्र का शव राजस्थान के हनुमानगढ़ में नौहर फीडर से बरामद हुआ था। शव पर चोटाें के निशान थे। राजेंद्र की पत्नी सुमित्रा देवी ने पुलिस को दिए बयान में राजबीर पर हत्या का शक जाहिर किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पाया कि राजेंद्र की मौत गर्दन पर वार करने से हुई थी। इसके बाद शव को बीघड़ हेड नहर में फेंक दिया। पुलिस ने जांच में पाया कि राजेंद्र की हत्या का कारण राजबीर और सुमित्रा के अवैध संबंध है। दोनाें ने अपने रास्ते से हटाने के लिए राजेन्द्र की हत्या कर दी। 24 फरवरी 2011 को पुलिस ने मृृतक राजेंद्र की पत्नी सुमित्रा और उसके कथित प्रेमी राजबीर पर हत्या करने और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एलएल जिदंल की अदालत ने राजबीर को हत्या का दोषी मनाते हुए उसे उम्रकैद की सजा और 13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने राजेंद्र की पत्नी सुमित्रा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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जानकारी के अनुसार गांव बनगांव निवासी राजेन्द्र 13 फरवरी 2011 को घर से लापता हो गया। 24 फरवरी को उसकी हत्या कर दी गई। राजेंद्र का शव राजस्थान के हनुमानगढ़ में नौहर फीडर से बरामद हुआ था। शव पर चोटाें के निशान थे। राजेंद्र की पत्नी सुमित्रा देवी ने पुलिस को दिए बयान में राजबीर पर हत्या का शक जाहिर किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पाया कि राजेंद्र की मौत गर्दन पर वार करने से हुई थी। इसके बाद शव को बीघड़ हेड नहर में फेंक दिया। पुलिस ने जांच में पाया कि राजेंद्र की हत्या का कारण राजबीर और सुमित्रा के अवैध संबंध है। दोनाें ने अपने रास्ते से हटाने के लिए राजेन्द्र की हत्या कर दी। 24 फरवरी 2011 को पुलिस ने मृृतक राजेंद्र की पत्नी सुमित्रा और उसके कथित प्रेमी राजबीर पर हत्या करने और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एलएल जिदंल की अदालत ने राजबीर को हत्या का दोषी मनाते हुए उसे उम्रकैद की सजा और 13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने राजेंद्र की पत्नी सुमित्रा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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