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सेना के हथियारों संग युवाओं ने ली सेल्फी
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एचएयू के गेट नंबर तीन पर किसान मेला मैदान में आयोजित दो दिवसीय सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी में बोफोर्स तोप, एंटी मिसाइल टैंक, कृत्रिम पुल, आधुनिक उपकरणों को देखकर स्कूली विद्यार्थी दिनभर सेल्फी लेते दिखे।
यह प्रदर्शनी शुक्रवार को भी आम जन और विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी। 33 आर्म्ड डिविजन के जीओसी राजपाल पूनिया ने सेना को जानो नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। आईजी अमिताभ ढिल्लो, एसपी मनीषा चौधरी, एसडीएम परमजीत चहल सहित सेना के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। प्रदर्शनी में सेना द्वारा प्रयोग किए जा रहे आधुनिक हथियारों, टैंकों, युद्ध के दौरान नदी-नाले आदि पार करने के लिए बनाए जाने वाले ब्रिज, आधुनिक दूरबीन, राइफल, राडार आदि का प्रदर्शन करते हुए सैन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। यहां विश्व की आधुनिकतम तकनीक का रूस से आयात किया गया टी-90 टैंक का भी प्रदर्शन किया गया, जिसका अब अपने देश में भी निर्माण शुरू हो गया है।
मिसाइल के अंदर के हिस्से देखे
डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल की छात्रा युक्ता ने ओसाका नामक मिसाइल कॅरिअर के अंदरूनी हिस्से में जाकर इसके संचालन की जानकारी ली। इससे बाहर आकर युक्ता ने रोमांचित होकर बताया कि अंदर स्क्रीन पर टारगेट शो हो रहा था। जैसे ही अटैक किया जाता है तो स्क्रीन पर वैपन जाते हुए दिखाई देता है। इतना ही नहीं, अटैक का बटन दबाने से 15 सेकेंड पहले से ही यह हमले के लिए तैयार होता है। स्कूली विद्यार्थियों, विशेषकर एनसीसी कैडेट्स ने खुद हथियारों की कार्यप्रणाली को समझा। छोटे उपकरणों को हाथ में लेकर गौरवान्वित हुए। अधिकतर छात्र आर्मी हथियारों के साथ सेल्फी लेते दिखे।
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युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करना प्रदर्शनी का लक्ष्य
पत्रकारों से बातचीत में जीओसी राजपाल पूनिया ने बताया कि यहां प्रदर्शनी लगाने का मकसद भावी पीढ़ी, विशेषकर युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करना है। सेना के गौरव को अनुभव करके युवा सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में शौर्य, हिम्मत, बहादुरी है और यहां के युवा अन्य प्रदेशों के मुकाबले अधिक स्वस्थ होते हैं, इसलिए सेना को यहां से बेहतर मानव संसाधन उपलब्ध होते हैं।
हरियाणा का जज्बा देश में सबसे अलग
जीओसी पूनिया ने बताया कि जींद जिले के पैरा कमांडो कैप्टन पवन कुमार पिछले दिनों आतंकवादियों को मारकर उनसे जूझते हुए खुद शहीद हो गए थे। जब मैं उनके पिता से मिला तो उन्होंने कहा कि यदि मेरा एक और बेटा होता तो मैं उसे भी सेना में भेज देता। यह जज्बा और देश के प्रति समर्पण का भाव हरियाणा को दूसरे राज्यों से अलग बनाता है। उपकरणों की जानकारी देने के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं।
फोटो 46 से 51
- सेना को जानो प्रदर्शनी में बोफोर्स, एंटी मिसाइल, कृत्रिम पुल को देखा
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हिसार।
एचएयू के गेट नंबर तीन पर किसान मेला मैदान में आयोजित दो दिवसीय सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी में बोफोर्स तोप, एंटी मिसाइल टैंक, कृत्रिम पुल, आधुनिक उपकरणों को देखकर स्कूली विद्यार्थी दिनभर सेल्फी लेते दिखे।
यह प्रदर्शनी शुक्रवार को भी आम जन और विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी। 33 आर्म्ड डिविजन के जीओसी राजपाल पूनिया ने सेना को जानो नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। आईजी अमिताभ ढिल्लो, एसपी मनीषा चौधरी, एसडीएम परमजीत चहल सहित सेना के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। प्रदर्शनी में सेना द्वारा प्रयोग किए जा रहे आधुनिक हथियारों, टैंकों, युद्ध के दौरान नदी-नाले आदि पार करने के लिए बनाए जाने वाले ब्रिज, आधुनिक दूरबीन, राइफल, राडार आदि का प्रदर्शन करते हुए सैन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। यहां विश्व की आधुनिकतम तकनीक का रूस से आयात किया गया टी-90 टैंक का भी प्रदर्शन किया गया, जिसका अब अपने देश में भी निर्माण शुरू हो गया है।
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मिसाइल के अंदर के हिस्से देखे
डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल की छात्रा युक्ता ने ओसाका नामक मिसाइल कॅरिअर के अंदरूनी हिस्से में जाकर इसके संचालन की जानकारी ली। इससे बाहर आकर युक्ता ने रोमांचित होकर बताया कि अंदर स्क्रीन पर टारगेट शो हो रहा था। जैसे ही अटैक किया जाता है तो स्क्रीन पर वैपन जाते हुए दिखाई देता है। इतना ही नहीं, अटैक का बटन दबाने से 15 सेकेंड पहले से ही यह हमले के लिए तैयार होता है। स्कूली विद्यार्थियों, विशेषकर एनसीसी कैडेट्स ने खुद हथियारों की कार्यप्रणाली को समझा। छोटे उपकरणों को हाथ में लेकर गौरवान्वित हुए। अधिकतर छात्र आर्मी हथियारों के साथ सेल्फी लेते दिखे।
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युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करना प्रदर्शनी का लक्ष्य
पत्रकारों से बातचीत में जीओसी राजपाल पूनिया ने बताया कि यहां प्रदर्शनी लगाने का मकसद भावी पीढ़ी, विशेषकर युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करना है। सेना के गौरव को अनुभव करके युवा सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में शौर्य, हिम्मत, बहादुरी है और यहां के युवा अन्य प्रदेशों के मुकाबले अधिक स्वस्थ होते हैं, इसलिए सेना को यहां से बेहतर मानव संसाधन उपलब्ध होते हैं।
हरियाणा का जज्बा देश में सबसे अलग
जीओसी पूनिया ने बताया कि जींद जिले के पैरा कमांडो कैप्टन पवन कुमार पिछले दिनों आतंकवादियों को मारकर उनसे जूझते हुए खुद शहीद हो गए थे। जब मैं उनके पिता से मिला तो उन्होंने कहा कि यदि मेरा एक और बेटा होता तो मैं उसे भी सेना में भेज देता। यह जज्बा और देश के प्रति समर्पण का भाव हरियाणा को दूसरे राज्यों से अलग बनाता है। उपकरणों की जानकारी देने के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं।
फोटो 46 से 51
- सेना को जानो प्रदर्शनी में बोफोर्स, एंटी मिसाइल, कृत्रिम पुल को देखा