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मेयर बैठ रहे निगम कमिश्नर के कार्यालय में, कमिश्नर ने एसई कार्यालय को बनाया ठिकाना
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम में बुधवार दोपहर को अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। मेयर गौतम सरदाना की वजह से नवनियुक्त कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग को अपना कार्यालय बदलना पड़ गया। कमिश्नर अपनी फाइलों को उठाकर एसई के कार्यालय में बैठ गए। दरअसल, हुआ यूं कि मेयर का ग्राउंड फ्लोर पर कार्यालय अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। निगम कमिश्नर का कार्यालय पहली मंजिल पर बना हुआ है। बुधवार को जब मेयर के साथ लोगों का जमावड़ा देखा तो कमिश्नर ने उसी कार्यालय में साथ बैठे रहने की बजाय कमरा बदलने का विचार बनाया। उन्होंने कर्मचारी बुलाकर अपनी फाइलें और सामान इसी मंजिल पर बने एसई रामजीलाल के कमरे में रखवा दिया।
ज्वाइंट कमिश्नर भी पहले कमिश्नर के कमरे में ही बैठकर निपटाती थीं फाइलें
विशेष बात यह है कि जब कमिश्नर को कमरा बदलते देखा तो ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेतल को भी अपना ठिकाना बदलना पड़ा। पहले ज्वाइंट कमिश्नर भी कमिश्नर के कार्यालय में ही बैठकर अपनी फाइलों को निपटा लेती थी। मगर उन्होंने बुधवार को मीटिंग हॉल में बैठकर अपना काम निपटाया। हालांकि अब एसई के कार्यालय में कमिश्नर के बैठने के बाद एसई को अपना नया ठिकाना तलाशना पड़ेगा।
मुझसे खुद कमिश्नर ने ही कमरा बदलने के लिए कहा था। इसमें मुद्दा बनने जैसी कोई बात नहीं है। मुझे कौन सा यहां रोज बैठना है। मेरा कार्यालय तैयार होने में अभी वक्त लगेगा। कार्यालय बनते ही मैं वहां शिफ्ट हो जाऊंगा।
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गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
मेरे ऑफिस बदलने जैसी कोई बात नहीं है। मेयर साहब का ऑफिस अंडर कंस्ट्रक्शन है, इसलिए कुछ समय तक वह मेरे ऑफिस में बैठेंगे। यह कोई इश्यू नहीं है।
- अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम
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हिसार। नगर निगम में बुधवार दोपहर को अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। मेयर गौतम सरदाना की वजह से नवनियुक्त कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग को अपना कार्यालय बदलना पड़ गया। कमिश्नर अपनी फाइलों को उठाकर एसई के कार्यालय में बैठ गए। दरअसल, हुआ यूं कि मेयर का ग्राउंड फ्लोर पर कार्यालय अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। निगम कमिश्नर का कार्यालय पहली मंजिल पर बना हुआ है। बुधवार को जब मेयर के साथ लोगों का जमावड़ा देखा तो कमिश्नर ने उसी कार्यालय में साथ बैठे रहने की बजाय कमरा बदलने का विचार बनाया। उन्होंने कर्मचारी बुलाकर अपनी फाइलें और सामान इसी मंजिल पर बने एसई रामजीलाल के कमरे में रखवा दिया।
ज्वाइंट कमिश्नर भी पहले कमिश्नर के कमरे में ही बैठकर निपटाती थीं फाइलें
विशेष बात यह है कि जब कमिश्नर को कमरा बदलते देखा तो ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेतल को भी अपना ठिकाना बदलना पड़ा। पहले ज्वाइंट कमिश्नर भी कमिश्नर के कार्यालय में ही बैठकर अपनी फाइलों को निपटा लेती थी। मगर उन्होंने बुधवार को मीटिंग हॉल में बैठकर अपना काम निपटाया। हालांकि अब एसई के कार्यालय में कमिश्नर के बैठने के बाद एसई को अपना नया ठिकाना तलाशना पड़ेगा।
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मुझसे खुद कमिश्नर ने ही कमरा बदलने के लिए कहा था। इसमें मुद्दा बनने जैसी कोई बात नहीं है। मुझे कौन सा यहां रोज बैठना है। मेरा कार्यालय तैयार होने में अभी वक्त लगेगा। कार्यालय बनते ही मैं वहां शिफ्ट हो जाऊंगा।
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गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
मेरे ऑफिस बदलने जैसी कोई बात नहीं है। मेयर साहब का ऑफिस अंडर कंस्ट्रक्शन है, इसलिए कुछ समय तक वह मेरे ऑफिस में बैठेंगे। यह कोई इश्यू नहीं है।
- अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम