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Fatehabad News: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 11 से 18 फरवरी तक चलेगा विशेष अभियान
Tue, 28 Jan 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:23 PM IST
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फतेहाबाद। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक लेते एडीसी
फतेहाबाद। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत 11 से 18 फरवरी को जिले में विशेष अभियान चलाकर एक वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। बच्चों को ये गोलियां आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों तथा स्लम एरिया में जाकर खिलाई जाएगी।
कार्यक्रम की समीक्षा के लिए अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी ने लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित आईएमए के डॉक्टरों के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की। एडीसी ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने तथा उन्हें स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग करें।
कार्यक्रम के माध्यम से 11 से 18 फरवरी तक विशेष अभियान के तहत एक से 19 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों तथा स्लम एरिया में जाकर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जानी है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और शत प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।
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कृमि मुक्ति दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पेट के कीड़ों की बीमारी से मुक्त करना है। यह बीमारी बच्चों में शारीरिक कमजोरी उत्पन्न करती है, जिससे बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने में शिक्षक अहम भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक करें। इ
सके अलावा स्कूल व कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य व स्वच्छता के टिप्स बताएं। विशेषकर छोटे बच्चों को हाथ धोने के बाद खाना खाने के फायदे जरूर बताएं। उन्होंने कहा कि जिला में लक्ष्य अनुसार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर ही बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएं। इसके अलावा एएनएम व आंगनबाड़ी वर्कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे।
उप सिविल सर्जन डॉ. लाजवंती गौरी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत 11 से 18 फरवरी को जिला में 3 लाख 13 हजार बच्चों को एल्बेंडाजोल दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक से दो साल तक के बच्चों को आधी गोली, दो से 19 साल तक तथा 20 से 24 साल की प्रजनन वर्ग की महिलाओं को पूरी गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा जो बच्चा इस अभियान के तहत छूट जाते हैं तो उन्हें 18 फरवरी को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली खिलाने के लिए अपने नजदीकी आशा वर्कर, एएनएम आंगनबाड़ी वर्कर को सहयोग करें।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्रोई, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अंजना डाबडा, आईएपी के अध्यक्ष डॉ. पवन मेहता, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीता कुमारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की समीक्षा के लिए अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी ने लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित आईएमए के डॉक्टरों के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की। एडीसी ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने तथा उन्हें स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग करें।
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कार्यक्रम के माध्यम से 11 से 18 फरवरी तक विशेष अभियान के तहत एक से 19 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों तथा स्लम एरिया में जाकर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जानी है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और शत प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।
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कृमि मुक्ति दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पेट के कीड़ों की बीमारी से मुक्त करना है। यह बीमारी बच्चों में शारीरिक कमजोरी उत्पन्न करती है, जिससे बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने में शिक्षक अहम भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक करें। इ
सके अलावा स्कूल व कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य व स्वच्छता के टिप्स बताएं। विशेषकर छोटे बच्चों को हाथ धोने के बाद खाना खाने के फायदे जरूर बताएं। उन्होंने कहा कि जिला में लक्ष्य अनुसार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर ही बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएं। इसके अलावा एएनएम व आंगनबाड़ी वर्कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे।
उप सिविल सर्जन डॉ. लाजवंती गौरी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत 11 से 18 फरवरी को जिला में 3 लाख 13 हजार बच्चों को एल्बेंडाजोल दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक से दो साल तक के बच्चों को आधी गोली, दो से 19 साल तक तथा 20 से 24 साल की प्रजनन वर्ग की महिलाओं को पूरी गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा जो बच्चा इस अभियान के तहत छूट जाते हैं तो उन्हें 18 फरवरी को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली खिलाने के लिए अपने नजदीकी आशा वर्कर, एएनएम आंगनबाड़ी वर्कर को सहयोग करें।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्रोई, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अंजना डाबडा, आईएपी के अध्यक्ष डॉ. पवन मेहता, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीता कुमारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।