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सदर पुलिस ने हटा दी थी झपटमारी की धारा, सिरसा डीएसपी ने दोबारा लगाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 11:06 PM IST
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Sadar Police had removed the section of snatching, Sirsa DSP again imposed
एसपी से मिलने आए अहरवां के ग्रामीण। - फोटो : Fatehabad
गांव अहरवां निवासी रणजीत सिंह की हत्या का मामला अजीब मोड़ ले चुका है। इस मामले में पीड़ित पक्ष के लोग भी मारपीट व झपटमारी के आरोप में फंस गए हैं जिसमें एक लाख कैश व सोने का कड़ा छीनने का आरोप है। इस मामले में वीरवार को पीड़ित पक्ष के लोग एसपी से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा है कि ये आरोप झूठे हैं और मामले की दोबारा जांच होनी चाहिए।
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पीड़ित पक्ष ने बताया कि उनके खिलाफ दूसरे पक्ष की शिकायत पर मारपीट व झपटमारी के आरोप में केस दर्ज हुआ था, जिसमें सदर थाना पुलिस ने झपटमारी की धारा हटा दी थी। इसके बाद मामला आईजी के पास पहुंचा। आईजी के आदेश पर मामले की जांच सिरसा के डीएसपी संजय कुमार को सौंपी थी। अब सिरसा के डीएसपी संजय कुमार ने झपटमारी के आरोपों को सही ठहराया है। इसके आधार पर पुलिस ने झपटमारी की धारा दोबारा लगा दी है। हत्या मामले में मृतक के परिजनों को अब झपटमारी मामले में आरोपी बनाया गया है। मृतक रणजीत के परिवार के रजवंत सिंह का कहना है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रही। वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा है कि पुलिस तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई करेगी। किसी को नाजायज नहीं फंसाया जाएगा।
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यह था मामला
यह मामला 31 मार्च 2021 का है। गांव अहरवां में दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें 50 वर्षीय रणजीत सिंह पर जानलेवा हमला हुआ। तीन चार दिन बाद हमले में घायल रणजीत सिंह की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मौत से पहले रणजीत सिंह के बयान दर्ज किए थे, जिसके आधार पर गुरशरण सिंह, मेहरबान सिंह, सुखा सिंह आदि पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। उधर, दूसरे पक्ष ने भी मृतक के परिवारजनों पर मारपीट व झपटमारी के आरोप लगाए थे। इसके चलते पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज कर लिया। एक पक्ष के खिलाफ हत्या का केस था तो दूसरे पक्ष के खिलाफ पुलिस ने मारपीट के साथ-साथ धारा 379-बी जोड़ दी। मामले की जांच में बाद सदर थाना पुलिस ने धारा 379-बी को सही नहीं माना और धारा हटा दी। इसके बाद दूसरा पक्ष आईजी के पास पहुंच गया। आईजी ने उनकी तसल्ली के लिए मामले की जांच सिरसा के एक डीएसपी संजय कुमार को दे दी। सिरसा के डीएसपी ने जांच के बाद कहा है कि आरोप सही हैं और मामला झपटमारी का बनता है। इसके बाद आरोप है कि पुलिस ने झपटमारी के आरोपियों को जमानत की बात कहकर थाने में बुलाया और वहीं पर गिरफ्तार कर लिया। इसको लेकर मृतक रणजीत के परिवार पक्ष के लोग एसपी से मिलने पहुंचे थे। उनका कहना है कि झपटमारी का आरोप भी गलत है और पुलिस ने उनके लोगों को धोखे से गिरफ्तार किया है।
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किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा: एसपी
इस मामले को लेकर एसपी राजेश कुमार ने कहा है कि इस मामले में पूरी जांच के बाद कार्रवाई की गई है। यदि अब भी कोई संदेह है तो कोई भी पक्ष अपनी शिकायत दे। उस शिकायत पर दोबारा जांच कर ली जाएगी। किसी को बिना साक्ष्यों व तथ्यों के झूठे आरोपों में फंसाया नहीं जाएगा।
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