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गाड़ियों के आगे लेट गए बच्चे और महिलाएं, कब्जा खाली करवाने आई टीम लौटी बेरंग
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:25 PM IST
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महिलाओं व बच्चों ने डीएसपी रविन्द्र तोमर टोहाना व वक्फबोर्ड के रेंट कलेक्टर अधिकारी जाहिद हुसैन की गाड़ी के आगे जमीन पर लेटकर खूब हंगामा किया।
प्रदर्शनकारियों ने उपरोक्त अधिकारियों से गाड़ी ऊपर से गुजार देने के लिए भी बार-बार पुकारा। डीएसपी तोमर प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर देखकर बिना किसी कार्रवाई के ही वापस चले गए।
सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी कीमत पर हमें उजाड़ा गया तो गंभीर परिणाम होंगे। अधिकारियों ने 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले के समाधान हेतु संबंधित विभाग से मिलने के लिए आग्रह किया।
क्या है मामला
ग्राम पंचायत बुवान में वक्फ बोर्ड की 51 कनाल 58 मरले भूमि रिकार्ड में दर्ज है। जिसको अपने अधीन करने के लिए वक्फ बोर्ड के रेंट कलेक्टर जाहिद हुसैन, सम्पता अधिकारी उवेदुलाखान, ड्यूटी मैजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार ओमप्रकाश, डीएसपी रविन्द्र तोमर टोहाना, कार्यवाहक एसएचओ साधुराम, हल्का कानूनगो भगवान दास व पटवारी राजेंद्र शर्मा तथा महिला सब इंस्पेक्टर पुष्पा सिहाग भारी पुलिस दल बल के साथ बुधवार को वक्फ बोर्ड की कब्जा स्थल भूमि पर पहुंचे।
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मामले की सूचना मिलते ही वार्ड नंबर 5, 9, 10,12 के सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। इनमें महिलाओं एवं बच्चों की संख्या भारी मात्रा में थी।
महिलाएं व बच्चे गाड़ियों के आगे लेट एवं बैठ गए तथा पुरुषों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों के व्यापक विरोध को देखकर प्रशासनिक अमले की हवा निकल गई।
अफरा-तफरी में गाड़ियों को वापस मोड़कर पशु अस्पताल में लोगों को बुला लिया। प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों को बताया कि वे मकान तोड़ने नहीं आए हैं, अपितु जमीन की निशानदेही संबंधित दस्तावेज तैयार किए जाने हैं।
मगर ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी और कहा कि वे आजादी से इसी भूमि पर अपने मकान बनाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। जमीन उनके बुजुर्गों की है। जिसको किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी दे देंगे।
1947 से है लोगों का कब्जा
ग्राम पंचायत बुवान के सरपंच प्रतिनिधि सरदार केवल सिंह, पूर्व सरपंच दलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र कंबोज, बलंवत सिंह, कर्मबीर सिंह, नरेश कुमार कंबोज, रामचंद्र कंबोज आदि सैकड़ों लोगों ने बताया कि उपरोक्त जमीन पर चार वार्डों के करीब 95 परिवार 1947 से इस जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं।
लेकिन वक्फबोर्ड की आड़ में कुछ अधिकारी अपना उल्लू सीधा करने की साजिश रच रहे हैं। जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
रेंट कलेक्टर जाहिद हुसैन ने बताया कि बुवान गांव में 51 कनाल 58 मरले भूमि वक्फ बोर्ड के नाम सरकारी रिकार्ड में दर्ज है। जिसकी निशानदेही व अन्य दस्तावेज पिछले ढाई वर्षों से कार्रवाई चल रही है।
कब्जाधारी लोगों को 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर वक्फ बोर्ड अंबाला के बोर्ड आफ डायरेक्टर से मिलने के लिए कहा गया है। समाधान नहीं हुआ तो खाली करवाई जाएगी।
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प्रदर्शनकारियों ने उपरोक्त अधिकारियों से गाड़ी ऊपर से गुजार देने के लिए भी बार-बार पुकारा। डीएसपी तोमर प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर देखकर बिना किसी कार्रवाई के ही वापस चले गए।
सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी कीमत पर हमें उजाड़ा गया तो गंभीर परिणाम होंगे। अधिकारियों ने 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले के समाधान हेतु संबंधित विभाग से मिलने के लिए आग्रह किया।
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क्या है मामला
ग्राम पंचायत बुवान में वक्फ बोर्ड की 51 कनाल 58 मरले भूमि रिकार्ड में दर्ज है। जिसको अपने अधीन करने के लिए वक्फ बोर्ड के रेंट कलेक्टर जाहिद हुसैन, सम्पता अधिकारी उवेदुलाखान, ड्यूटी मैजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार ओमप्रकाश, डीएसपी रविन्द्र तोमर टोहाना, कार्यवाहक एसएचओ साधुराम, हल्का कानूनगो भगवान दास व पटवारी राजेंद्र शर्मा तथा महिला सब इंस्पेक्टर पुष्पा सिहाग भारी पुलिस दल बल के साथ बुधवार को वक्फ बोर्ड की कब्जा स्थल भूमि पर पहुंचे।
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मामले की सूचना मिलते ही वार्ड नंबर 5, 9, 10,12 के सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। इनमें महिलाओं एवं बच्चों की संख्या भारी मात्रा में थी।
महिलाएं व बच्चे गाड़ियों के आगे लेट एवं बैठ गए तथा पुरुषों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों के व्यापक विरोध को देखकर प्रशासनिक अमले की हवा निकल गई।
अफरा-तफरी में गाड़ियों को वापस मोड़कर पशु अस्पताल में लोगों को बुला लिया। प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों को बताया कि वे मकान तोड़ने नहीं आए हैं, अपितु जमीन की निशानदेही संबंधित दस्तावेज तैयार किए जाने हैं।
मगर ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी और कहा कि वे आजादी से इसी भूमि पर अपने मकान बनाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। जमीन उनके बुजुर्गों की है। जिसको किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी दे देंगे।
1947 से है लोगों का कब्जा
ग्राम पंचायत बुवान के सरपंच प्रतिनिधि सरदार केवल सिंह, पूर्व सरपंच दलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र कंबोज, बलंवत सिंह, कर्मबीर सिंह, नरेश कुमार कंबोज, रामचंद्र कंबोज आदि सैकड़ों लोगों ने बताया कि उपरोक्त जमीन पर चार वार्डों के करीब 95 परिवार 1947 से इस जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं।
लेकिन वक्फबोर्ड की आड़ में कुछ अधिकारी अपना उल्लू सीधा करने की साजिश रच रहे हैं। जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
रेंट कलेक्टर जाहिद हुसैन ने बताया कि बुवान गांव में 51 कनाल 58 मरले भूमि वक्फ बोर्ड के नाम सरकारी रिकार्ड में दर्ज है। जिसकी निशानदेही व अन्य दस्तावेज पिछले ढाई वर्षों से कार्रवाई चल रही है।
कब्जाधारी लोगों को 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर वक्फ बोर्ड अंबाला के बोर्ड आफ डायरेक्टर से मिलने के लिए कहा गया है। समाधान नहीं हुआ तो खाली करवाई जाएगी।