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टीबी का बेहतर उपचार करने पर जिला हुआ कांस्य पदक के लिए नोमिनेट, केंद्र की टीम करेगी सर्वे
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फतेहाबाद। टीबी मरीजों की जांच करके और उन्हें बेहतर उपचार देने पर प्रदेश के पांच जिले कांस्य पदक के लिए नामांकित हुए हैं। जिसमें फतेहाबाद जिला भी शामिल है। अब केंद्र की टीम जिले में आकर टीबी के उपचार को लेकर सर्वे करेगी और रिकॉर्ड जांचेगी। टीम को सर्वे के दौरान धरातल पर जिले में टीबी मरीजों का बेहतर उपचार मिलता है और सरकार द्वारा जो सुविधाएं दी जा रही हैं वह उन तक पहुंच रही हैं तो जिले को कांस्य पदक विश्व टीबी दिवस पर दिया जाएगा।
नामांकित उन जिलों को किया गया है जहां पर पिछले 6 सालों के अंतराल में टीबी मरीजों में कमी आई है। जिले में पिछले साल जनवरी से लेकर दिसंबर माह तक 2113 टीबी मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी को लेकर सरकारी अस्पतालों को 1700 का लक्ष्य दिया गया था, इसमें 76.3 फीसदी मरीज नोटिफाई किए गए है। इसी तरह से निजी अस्पतालों ने 85.9 फीसदी लक्ष्य पूरा किया है। जिले में 59 बच्चे भी टीबी ग्रस्त मिले है। इसके अलावा जिले में टीबी से 141 मौतें हुई है।
जिले में वर्ष 2021 में टीबी को लेकर ये रही स्थिति
सरकारी अस्पतालों में जांच के दौरान मिले टीबी मरीज 1297
निजी अस्पतालों में जांच के दौरान मिले टीबी मरीज 816
पुरूष टीबी ग्रस्त मिल 1338
महिलाएं टीबी ग्रस्त मिली 775
बच्चे मिले टीबी ग्रस्त 59
टीबी से हुई मौतें 141
बच्चे भी हो रहे हैं टीबी का शिकार
वर्ष पुरुष महिला
2017 23 20
2018 29 47
2019 39 52
2020 33 56
सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच और दवा
टीबी को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालो में टीबी की जांच और दवा निशुल्क कर रखी है। टीबी की जांच के कई तरीके है। छाती का एक्सरे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट और सीबीनॉट से भी जांच की जाती है।
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जिले में टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए हमारी टीम बेहतर काम कर रही है। इसके चलते जिले को कांस्य पदक के लिए नोमिनेट किया गया है। केंद्र से टीम आएगी और वह सर्वे करेगी। टीम ये जांचेगी कि यहां पर टीबी को लेकर मरीजों को क्या सुविधा दी जा रही है। रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। केंद्र से आई टीम को भी बेहतर मिलता है तो जिले को कांस्य पदक मिलेगा।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन
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नामांकित उन जिलों को किया गया है जहां पर पिछले 6 सालों के अंतराल में टीबी मरीजों में कमी आई है। जिले में पिछले साल जनवरी से लेकर दिसंबर माह तक 2113 टीबी मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी को लेकर सरकारी अस्पतालों को 1700 का लक्ष्य दिया गया था, इसमें 76.3 फीसदी मरीज नोटिफाई किए गए है। इसी तरह से निजी अस्पतालों ने 85.9 फीसदी लक्ष्य पूरा किया है। जिले में 59 बच्चे भी टीबी ग्रस्त मिले है। इसके अलावा जिले में टीबी से 141 मौतें हुई है।
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जिले में वर्ष 2021 में टीबी को लेकर ये रही स्थिति
सरकारी अस्पतालों में जांच के दौरान मिले टीबी मरीज 1297
निजी अस्पतालों में जांच के दौरान मिले टीबी मरीज 816
पुरूष टीबी ग्रस्त मिल 1338
महिलाएं टीबी ग्रस्त मिली 775
बच्चे मिले टीबी ग्रस्त 59
टीबी से हुई मौतें 141
बच्चे भी हो रहे हैं टीबी का शिकार
वर्ष पुरुष महिला
2017 23 20
2018 29 47
2019 39 52
2020 33 56
सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच और दवा
टीबी को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालो में टीबी की जांच और दवा निशुल्क कर रखी है। टीबी की जांच के कई तरीके है। छाती का एक्सरे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट और सीबीनॉट से भी जांच की जाती है।
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जिले में टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए हमारी टीम बेहतर काम कर रही है। इसके चलते जिले को कांस्य पदक के लिए नोमिनेट किया गया है। केंद्र से टीम आएगी और वह सर्वे करेगी। टीम ये जांचेगी कि यहां पर टीबी को लेकर मरीजों को क्या सुविधा दी जा रही है। रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। केंद्र से आई टीम को भी बेहतर मिलता है तो जिले को कांस्य पदक मिलेगा।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन