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Fatehabad News: गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही बढ़ी मूर्तियों की मांग
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शहर के थाना रोड स्थित एक दुकान पर रखी गणेश जी मूर्तियां। संवाद
फतेहाबाद। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को लेकर जिले के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। जगह-जगह भगवान गणेश की मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। पूजा पंडालों के लिए प्रतिमाओं की बुकिंग और सजावटी सामान की खरीदारी तेज हो गई है।
मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में मूर्तियों के दाम बढ़े हैं। सजावट का खर्च भी बढ़ने से प्रतिमाओं की कीमत पर असर पड़ा है।
भूना रोड स्थित मूर्तिकार ज्ञानी राम ने बताया कि वह 15 वर्षों से गणेश प्रतिमा समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां बना रहे हैं। शुरुआती वर्षों में गणेश चतुर्थी पर 10 से 12 मूर्तियां ही तैयार करते थे। पिछले पांच वर्षों से गणेश प्रतिमाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
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उन्होंने बताया कि इस बार करीब 20 गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। पहले एक मूर्ति की सजावट पर कम खर्च आता था। अब लोग आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता वाली सजावट पसंद कर रहे हैं। इससे सजावट का खर्च बढ़ गया है और प्रतिमाओं के दाम भी बढ़े हैं।
ज्ञानी राम ने बताया कि प्रतिमाओं की सजावट में इस्तेमाल होने वाला सामान दिल्ली और उत्तर प्रदेश से मंगाया जाता है। गणेश चतुर्थी नजदीक आने के साथ बुकिंग और खरीदारी में और तेजी आने की उम्मीद है।
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बाजार में छोटी मूर्तियों की मांग बढ़ी
इस बार बड़ी व अधिक ऊंचाई की मूर्तियों के बजाय छोटी दो से तीन फुट की भगवान गणेश की मूर्ति की मांग ज्यादा है। बाजार में 400 रुपये से लेकर 12 से 15 हजार रुपये और दो फुट की मूर्ति तीन से चार हजार रुपये में बिक रही है। पिछले वर्ष तीन फुट की मूर्ति करीब 5 हजार रुपये में मिलती थी अब इसकी कीमत 7 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और सजावटी सामान की लागत बढ़ने से कीमतों में इजाफा हुआ है।
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बुकिंग पर तैयार हो रही है मूर्तियां
दुकानदार रोहित, पवन व अजय ने बताया कि इस बार लोग बजट के अनुसार मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में मुकुट, माला, वस्त्र, कृत्रिम फूल समेत अन्य सजावटी सामग्री की भी मांग बढ़ी है। छोटे घरों से लेकर बड़े पूजा पंडालों तक के लिए गणेश मूर्तियों की खरीदारी शुरू हो गई है। ऐसे में दुकानदारों व मूर्तिकारों को मुनाफे की उम्मीद है।
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मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में मूर्तियों के दाम बढ़े हैं। सजावट का खर्च भी बढ़ने से प्रतिमाओं की कीमत पर असर पड़ा है।
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भूना रोड स्थित मूर्तिकार ज्ञानी राम ने बताया कि वह 15 वर्षों से गणेश प्रतिमा समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां बना रहे हैं। शुरुआती वर्षों में गणेश चतुर्थी पर 10 से 12 मूर्तियां ही तैयार करते थे। पिछले पांच वर्षों से गणेश प्रतिमाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
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उन्होंने बताया कि इस बार करीब 20 गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। पहले एक मूर्ति की सजावट पर कम खर्च आता था। अब लोग आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता वाली सजावट पसंद कर रहे हैं। इससे सजावट का खर्च बढ़ गया है और प्रतिमाओं के दाम भी बढ़े हैं।
ज्ञानी राम ने बताया कि प्रतिमाओं की सजावट में इस्तेमाल होने वाला सामान दिल्ली और उत्तर प्रदेश से मंगाया जाता है। गणेश चतुर्थी नजदीक आने के साथ बुकिंग और खरीदारी में और तेजी आने की उम्मीद है।
बाजार में छोटी मूर्तियों की मांग बढ़ी
इस बार बड़ी व अधिक ऊंचाई की मूर्तियों के बजाय छोटी दो से तीन फुट की भगवान गणेश की मूर्ति की मांग ज्यादा है। बाजार में 400 रुपये से लेकर 12 से 15 हजार रुपये और दो फुट की मूर्ति तीन से चार हजार रुपये में बिक रही है। पिछले वर्ष तीन फुट की मूर्ति करीब 5 हजार रुपये में मिलती थी अब इसकी कीमत 7 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और सजावटी सामान की लागत बढ़ने से कीमतों में इजाफा हुआ है।
बुकिंग पर तैयार हो रही है मूर्तियां
दुकानदार रोहित, पवन व अजय ने बताया कि इस बार लोग बजट के अनुसार मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में मुकुट, माला, वस्त्र, कृत्रिम फूल समेत अन्य सजावटी सामग्री की भी मांग बढ़ी है। छोटे घरों से लेकर बड़े पूजा पंडालों तक के लिए गणेश मूर्तियों की खरीदारी शुरू हो गई है। ऐसे में दुकानदारों व मूर्तिकारों को मुनाफे की उम्मीद है।