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Fatehabad News: बड़ोपल सीएचसी क्षेत्र में कुष्ठ रोगियों की तलाश में होगा घर-घर सर्वे
Mon, 07 Sep 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 07 Sep 2026 10:47 PM IST
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फतेहाबाद में सर्वे करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग अब बड़ोपल सीएचसी के अधीन आने वाले गांवों में कुष्ठ रोगियों की तलाश करेगा। पिछले तीन साल में यहां कुष्ठ रोग के पांच मामले मिल चुके हैं। जिले में कुष्ठ रोग नियंत्रण अभियान भी शुरू किया गया है।
जिला कुष्ठ रोग निवारण समिति की तरफ से शुरू अभियान 14 सितंबर तक फतेहाबाद, रतिया और टोहाना शहर में चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों में कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच करेंगी। अभियान के लिए आशा वर्करों और पुरुष स्वयंसेवकों की 74 टीमें बनाई गई हैं।
इनके साथ 18 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। टीमें 22,936 घरों में रहने वाले 1,17,263 लोगों की जांच करेंगी। इसके साथ ही सीएचसी बड़ोपल, पीएचसी बीघड़ और एमपी रोही क्षेत्र में भी कुष्ठ रोग खोज अभियान शुरू किया गया है। इन क्षेत्रों में 71 टीमें और 15 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।
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टीमें 16,121 घरों में रहने वाले 75,967 लोगों की जांच करेंगी। किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के लक्षण मिलने पर उसे चर्म रोग विशेषज्ञ के पास जांच के लिए भेजा जाएगा।
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एमडीटी दवा से ठीक हो जाता है कुष्ठ रोग
जिला नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह किसी अभिशाप का परिणाम भी नहीं है। यह जीवाणुओं से होने वाला रोग है। इसके प्रमुख लक्षणों में त्वचा पर लाल, पीले या तांबई रंग के दाग-धब्बे होना शामिल है। प्रभावित हिस्से में सुन्नपन या सूखापन रह सकता है। हाथ-पैर में सुन्नपन और दाग वाले हिस्से में पसीना न आना भी इसके लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है। एमडीटी दवा से यह रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। शरीर पर दाग-धब्बे या सुन्नपन-सूखापन जैसे लक्षण दिखने पर जांच करवाने की सलाह दी गई है।
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जिला कुष्ठ रोग निवारण समिति की तरफ से शुरू अभियान 14 सितंबर तक फतेहाबाद, रतिया और टोहाना शहर में चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों में कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच करेंगी। अभियान के लिए आशा वर्करों और पुरुष स्वयंसेवकों की 74 टीमें बनाई गई हैं।
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इनके साथ 18 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। टीमें 22,936 घरों में रहने वाले 1,17,263 लोगों की जांच करेंगी। इसके साथ ही सीएचसी बड़ोपल, पीएचसी बीघड़ और एमपी रोही क्षेत्र में भी कुष्ठ रोग खोज अभियान शुरू किया गया है। इन क्षेत्रों में 71 टीमें और 15 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।
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टीमें 16,121 घरों में रहने वाले 75,967 लोगों की जांच करेंगी। किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के लक्षण मिलने पर उसे चर्म रोग विशेषज्ञ के पास जांच के लिए भेजा जाएगा।
एमडीटी दवा से ठीक हो जाता है कुष्ठ रोग
जिला नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह किसी अभिशाप का परिणाम भी नहीं है। यह जीवाणुओं से होने वाला रोग है। इसके प्रमुख लक्षणों में त्वचा पर लाल, पीले या तांबई रंग के दाग-धब्बे होना शामिल है। प्रभावित हिस्से में सुन्नपन या सूखापन रह सकता है। हाथ-पैर में सुन्नपन और दाग वाले हिस्से में पसीना न आना भी इसके लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है। एमडीटी दवा से यह रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। शरीर पर दाग-धब्बे या सुन्नपन-सूखापन जैसे लक्षण दिखने पर जांच करवाने की सलाह दी गई है।