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अनिल कुंबले की तरह नाम रोशन करेगा मेरा बेटा
jind/bureau
Updated Tue, 24 May 2016 11:42 PM IST
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अनिल कुंबले की तरह नाम रोशन करेगा
- फोटो : bureau
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- युजवेंद्र के पिता केके चहल बोले
इंडियन क्रिकेट टीम में चयनित 25 वर्षीय युजवेंद्र चहल के पिता केके चहल का सपना था कि उनका बेटा एक बड़ा खिलाड़ी बने। अब यह सपना साकार होने जा रहा है। केके चहल ने बताया कि अनिल कुंबले की तरह उनका बेटा देश के लिए नाम कमाएगा। चहल का चयन जून माह में जिम्बाबे में खेले जाने वाले एक दिवसीय व टी-20 मुकाबलों के लिए भारतीय टीम में हुआ है। जब कोई खिलाड़ी खेलना शुरू करता है, तो उसका बस एक ही सपना होता है, टीम इंडिया के लिए खेले। ऐसा ही सपना लेकर युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
युजवेंद्र का पैतृक गांव दरियावाला वाला है और फिलहाल उनका परिवार जींद रेलवे रोड के नजदीक रहता है। जींद जैसे छोटे शहर जहां क्रिकेट खेलने के लिए क्रिकेट स्टेडियम तक नहीं है और कोचिंग के लिए भी किसी प्रकार की कोई सुविधा भी नहीं है। पेशे से वकील पिता केके चहल ने बेटे के क्रिकेट के प्रति शौक को देखते हुए अपने खेत में ही पिच बना दी।
यहीं पर साथियों के साथ युजवेंद्र ने क्रिकेट खेलना शुरू किया। तीन नवंबर 2009 में हरियाणा की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। साल 2011 में युजवेंद्र के कैरियर को उस समय नई दिशा मिली, जब उनका आईपीएल के लिए मुंबई की टीम में चयन हुआ। हालांकि मुंबई की तरफ से उन्हें काफी कम मौके मिले।
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इसके बाद उनको रॉयल चैलेंजर बंगलुरु की टीम ने ले लिया। साल 2015 में आईपीएल के आठवें संस्करण में 15 मुकाबलों में 23 विकेट लेकर सुर्खियों में छा गए। मौजूदा आईपीएल के नौंवे संस्करण में युजवेंद्र चहल ने अपनी लेग स्पिन व गुगली की छाप छोड़ते हुए बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाजों को छकाया। प्ले ऑफ के मुकाबले होने तक युजवेंद्रा ने 11 मुकाबलों में 19 विकेट छटकते हुए सबसे ज्यादा विकेट लेकर चयन समिति का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन जिम्बॉबे दौरे के लिए टीम इंडिया में हुआ।
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इंडियन क्रिकेट टीम में चयनित 25 वर्षीय युजवेंद्र चहल के पिता केके चहल का सपना था कि उनका बेटा एक बड़ा खिलाड़ी बने। अब यह सपना साकार होने जा रहा है। केके चहल ने बताया कि अनिल कुंबले की तरह उनका बेटा देश के लिए नाम कमाएगा। चहल का चयन जून माह में जिम्बाबे में खेले जाने वाले एक दिवसीय व टी-20 मुकाबलों के लिए भारतीय टीम में हुआ है। जब कोई खिलाड़ी खेलना शुरू करता है, तो उसका बस एक ही सपना होता है, टीम इंडिया के लिए खेले। ऐसा ही सपना लेकर युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
युजवेंद्र का पैतृक गांव दरियावाला वाला है और फिलहाल उनका परिवार जींद रेलवे रोड के नजदीक रहता है। जींद जैसे छोटे शहर जहां क्रिकेट खेलने के लिए क्रिकेट स्टेडियम तक नहीं है और कोचिंग के लिए भी किसी प्रकार की कोई सुविधा भी नहीं है। पेशे से वकील पिता केके चहल ने बेटे के क्रिकेट के प्रति शौक को देखते हुए अपने खेत में ही पिच बना दी।
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यहीं पर साथियों के साथ युजवेंद्र ने क्रिकेट खेलना शुरू किया। तीन नवंबर 2009 में हरियाणा की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। साल 2011 में युजवेंद्र के कैरियर को उस समय नई दिशा मिली, जब उनका आईपीएल के लिए मुंबई की टीम में चयन हुआ। हालांकि मुंबई की तरफ से उन्हें काफी कम मौके मिले।
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इसके बाद उनको रॉयल चैलेंजर बंगलुरु की टीम ने ले लिया। साल 2015 में आईपीएल के आठवें संस्करण में 15 मुकाबलों में 23 विकेट लेकर सुर्खियों में छा गए। मौजूदा आईपीएल के नौंवे संस्करण में युजवेंद्र चहल ने अपनी लेग स्पिन व गुगली की छाप छोड़ते हुए बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाजों को छकाया। प्ले ऑफ के मुकाबले होने तक युजवेंद्रा ने 11 मुकाबलों में 19 विकेट छटकते हुए सबसे ज्यादा विकेट लेकर चयन समिति का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन जिम्बॉबे दौरे के लिए टीम इंडिया में हुआ।