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मुख्यालय से 721 की आई सूची, 15 दिनों में 187 बुजुर्गों की घर बैठे बनी पेंशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 11:12 PM IST
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List of 721 came from the headquarters, pension of 187 elderly people sitting at home in 15 days
फतेहाबाद। वृद्धावस्था पेंशन योजना को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने के बाद अब बुजुर्गों को राहत मिलने लगी है। जब से यह योजना शुरू हुई है, तब से घर बैठे ही पेंशन बनने लगी है। पिछले 15 दिनों से परिवार पहचान पत्र के आधार पर जिला समाज कल्याण विभाग के पास मुुख्यालय से 721 ऐसे पात्रों की सूची पहुंची है, जिनकी पेंशन बननी है। इनमें से जिले के 187 बुजुुर्गों की पेंशन बन भी चुकी है। इस योजना के बाद अब बुजुुर्गों को पेंशन बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में परिवार पहचान पत्र को पेंशन योजना से जोड़ा गया था। अब पीपीपी में दर्ज उम्र देखकर ही पेंशन शुरू हो जाएगी। संवाद
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दो साल से भटक रहे थे पेंशन बनवाने के लिए
जिले के नागरिक अस्पताल में हर बुधवार को पेंशन के आवेदनकर्ताओं के लिए शिविर लगाया जाता था, जिसमें बुजुर्गों की आयु का आंकलन करके उनका आयु प्रमाण पत्र बनाया जाता था। पिछले दो साल से कोरोना काल के कारण यह शिविर नहीं लग पा रहे थे और बुजुर्गों का मेडिकल नहीं हो पा रहा था। इस कारण जिले के हजारों बुजुर्ग अपनी पेंशन नहीं बनवा पा रहे थे। यही नहीं सरकार ने करीब एक साल पहले यह सुविधा भी बंद कर दी थी, जिसके तहत अगर किसी बुजुर्ग की संतान की उम्र 40 साल या इससे अधिक है तो उसकी पेंशन बना दी जाए। इस सुविधा के बंद हो जाने के कारण भी बुजुर्गों को पेंशन बनवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा था।
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अब नहीं भरने पड़ेंगे फॉर्म
बुजुर्गों को अपनी पेंशन बनवाने के लिए पहले सरल केंद्रों में जाकर फॉर्म भरना पड़ता था। इसके लिए उम्र से संबंधित सभी कागजात जमा करवाने पड़ते थे, फिर वेरिफिकेशन के लिए उनको लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल पर स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें भी कई बार कई त्रुटियां निकालने से उनकी पेंशन नहीं बन पाती थी। अब बुजुर्गों को न तो सरल केंद्रों पर जाने की आवश्यकता है और न ही उनको फॉर्म भरने की। न ही मेडिकल प्रमाण पत्र देने की जरूरत है।
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कोट
प्रदेश सरकार ने बुजुर्गों के पेंशन पोर्टल के साथ परिवार पहचान पत्र को जोड़ दिया है। अब बुजुर्गों की घर बैठे ही पेंशन बनेगी। पोर्टल के अनुसार जो बुजुर्ग 60 साल का है, उसकी सूची लगातार हमारे पास आ रही है। सूची के आधार पर इन बुजुर्गों के घर जाकर उनकी वेरिफिकेशन की जा रही है। उनकी फोटो व दस्तावेज लेने के बाद उनकी पेंशन शुरू की जा रही है। अब तक जिले में 187 बुजुर्गों की पेंशन बन चुकी है।
-इंद्रा यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, फतेहाबाद
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