फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Green vegetables have become expensive, they have to be exported from other states

Fatehabad News: महंगी हो गईं हरी सब्जियां, दूसरे राज्यों से करना पड़ रहा निर्यात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:01 AM IST
विज्ञापन
Green vegetables have become expensive, they have to be exported from other states
फतेहाबाद। पिछले कई दिनों से सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे आम लोगो का रसोईघर का खर्च बढ़ गया है। सब्जी के दामों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण है कि जिले में पिछले दिनों अधिक तापमान रहा है। इस कारण सब्जियों की लागत में कमी आई है। वहीं स्थानीय सब्जियों का उत्पादन कम होने के कारण फतेहाबाद की सब्जी मंडी में दूसरे राज्यों से सब्जियां मंगवाई जा रही हैं।
विज्ञापन

इसमें निर्यात का खर्च भी सब्जी की कीमत में जुड़ने के बाद ग्राहकों को सब्जी महंगी मिल रही हैं। इस संबंध में फतेहाबाद की सब्जी मंडी यूनियन के प्रधान के सीता राम सैनी ने बताया कि जिले में अब गाजर, मूली, पालक और हरे धनिया का आवक हो रही है। इसके कारण इन सब्जियों के दाम 15 रुपये प्रति किलो से लेकर 25 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हैं।
विज्ञापन

वहीं अन्य सभी प्रकार की सब्जियों का निर्यात दूसरे राज्यों से हो रहा है। इससे भाव में थोड़ी तेजी है। ऐसे में इन दिनों आलू पंजाब राज्य से मिर्च और प्याज नासिक से निर्यात हो रहा है। वहीं मटर का निर्यात राजस्थान और उत्तर प्रदेश से हो रहा है। इसके अलावा अदरक जैसे ही जिले में ठंड बढ़ेगी सब्जियों की लागत भी बढ़ेगी। इसके बाद सब्जियों का भाव सामान्य होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीजनल सब्जियों के दाम भी छू रहे आसमान
नवंबर माह के अंत में सर्दी के सीजन की गोभी, टमाटर हरी मिर्च, कच्चा प्याज, शलगम, धनिया और पालक भी 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही हैं। व्यापारियों की मानें तो बारिश होने और ठंड बढ़ने तक लोगों को सब्जियों के दामों पर महंगाई की मार झेलनी होगी। लिहाजा इसके बाद स्थानीय सब्जियों की आवक शुरू हो जाएगी। इसके बाद ही दामों में गिरावट की उम्मीद लगाई जा सकती है। दिसंबर तक बारिश नहीं होने के चलते स्थानीय सब्जियां पक कर तैयार नहीं हुई है। इसके चलते मंडी में सब्जियों की आपूर्ति के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसके कारण दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों का परिवहन खर्च और वेस्टेज को मिलाकर सब्जियों के दाम आम वर्ग की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।
सब्जी-भाव
आलू-25
फूल गोभी-50
पत्ता गोभी- 40
अदरक - 110
प्याज-50
टमाटर-50
मटर-90
लहसुन-350
हरी मिर्च-120
शलगम- 40
गाजर-30
खीरा- 50
पालक- 50
बैंगन- 60
सरसों साग-40
कच्चा प्याज-50
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed