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Fatehabad News: हाईवे किनारे चार इंच कम तो दो और गांवों में पहुंचा पानी
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फतेहाबाद। शहर के हांसपुर चौक से लेकर भूना रोड पुल तक बाढ़ का पानी के लेवल में बढ़ोतरी नहीं हुई है। हालांकि चार इंच पानी कम जरूर हुआ है लेकिन फिर भी अभी खतरा बरकरार है। वहीं दो और गांव हिजरावां कलां, दौलतपुर के इलाके में भी बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने हाईवे किनारे ही डेरा डाल रखा है और बनाए गए करीब आठ फुट ऊंचे बंधे पर नजर रखे हुए हैं। बारिश होने पर शहर में बाढ़ के पानी की एंट्री के खतरे को देखते हुए नगर परिषद ने इंद्रपुरा मोहल्ला और शक्ति नगर के पीछे बंधे बनाने का काम शुरू कर दिया है।
जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 127 हो गई है। 24 घंटे के दौरान प्रशासन ने 21 लोगों को ढाणियों से बाहर निकाला है जबकि 162 लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया है। इसके अलावा पोल्ट्री फार्म से 19 हजार 300 चूजों को भी शिफ्ट किया गया है। वहीं बंधे बनाने को लेकर इंद्रपुरा मोहल्ला और नगर परिषद कर्मचारियों में खींचतान भी हुई। मोहल्ले के लोगों ने कहा कि प्रशासन एक नई कॉलोनी जिसकी अभी चार दीवारी हुई है उसे बचाने का प्रयास कर रहा है और उनकी कॉलोनी की तरफ बंधे नहीं बनाया जा रहा है। मौके पर पहुंचे जेई अरुण ने मोहल्ले के लोगों को शांत करवाया और मिट्टी डलवाकर बंधे बनाने का आश्वासन दिया। शिक्षा विभाग ने खंड फतेहाबाद के 20 गांवों में स्कूल खोलने के आदेश जारी कर दिए है हालांकि शहर में बंद रहेंगे। रतिया के पूरे खंड में फिलहाल स्कूल बंद रहेंगे।
हाईवे पर हांसपुर चौक से लेकर भूना रोड पुल तक बंधे को 6 से 8 फुट तक ऊंचा किया जा चुका है और करीब दो से तीन फुट चौड़ा किया गया है। अब पानी का लेवल सिरसा रोड की तरफ भी बढऩे लगा है। इसके चलते प्रशासन ने सिरसा रोड की तरफ भी बंधे को ऊंचा करने का काम शुरू कर दिया है। यहां भी 6 से 8 फुट तक बंधे ऊंचा किया जा रहा है।
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रतिया रोड पर बनी ढाणियों में कम होने लगा पानी
रतिया रोड पर रंगोई नाले से कुलदीप पैलेस तक सड़क पर फिलहाल पानी है। यहां से पीछे अयाल्की, रतिया की तरफ सड़क बिल्कुल सूखी है और सड़क पर आवाजाही भी अब शुरू हो गई है। खेतों में जरूर अभी पानी है, लेकिन अयाल्की, रजाबाद, काताखेड़ी, धिड़ बोसवाल आदि क्षेत्रों में अब खेतों की डोलियां व खेत अब वापस दिखने शुरू हो चुके हैं। बाढ़ का पानी फतेहाबाद के हाईवे से लेकर पीछे पांच किलोमीटर के एरिया में ही एकत्रित हो चुका है।
बीच के खेतों व ढाणियों में अभी भी 10 फीट से ज्यादा तो कहीं-कहीं तीन-चार फीट पानी है। कुलदीप पैलेस तक रतिया सड़क पर भी डेढ़ से दो फीट पानी है। अयाल्की के पास पिछले दिनों पानी की क्रॉसिंग दूसरी तरफ करने के लिए खोदी गई सड़क को भी पाट दिया गया है। इसी कारण रतिया की तरफ से वाहन लगातार यहां तक आते हैं और यहां से आगे फतेहाबाद की तरफ पानी होने के चलते वापस चले जाते हैं। गांव जांडवाला सोतर व काताखेड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि अयाल्की व आसपास के इलाकों में खेत दिखने शुरू होने लगे हैं और पानी पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। हालांकि गांवों में जो सड़कें तोड़ दी गई थी, उनसे अभी भी यातायात प्रभावित हैं।
किश्तियों के जरिये ढाणियों में पहुंच रहा राशन
हाईवे किनारे करीब 50 से ज्यादा ढाणियों में पानी भरा हुआ है। इन ढाणियों में कई परिवार रुके हुए हैं। जिनमें उनके पशु भी है। ढाणियों में रुके परिवार के लिए किश्तियों के जरिये खाना पहुंचाया है। इसके अलावा सूखा राशन भी सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं पहुंचा रही है। पीड़ितों की मदद के लिए युवा भी आगे आ रहे है, जो कि खाना तैयार करके बंधे बनाने में जुटे लोगों तक पहुंचा रहे हैं। डीसी मनदीप कौर का कहना है कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं का सहयोग मिल रहा है जो कि प्रभावितों तक खाने की सामग्री पहुंचा रहा है।
बाढ़ के पानी में से निकल कर आए पांच सांपों को पकड़ा
बाढ़ के पानी में अब सांप भी निकल कर आने लगे हैं। रविवार दोपहर को हाईवे किनारे करीब पांच सांपों को पकड़ा गया। सांपों को पकडऩे के लिए रेस्क्यू किया गया। इन्हें पकड़कर टीम अब जंगल में छोड़ेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी सांप काटने पर एडवाइजरी जारी कर रखी है। बचाव के लिए विभाग के पास 31 इंजेक्शनों का स्टॉक है।
खाली कट्टे की बढ़ी डिमांड, 6 रुपये तक में बिक रहा
बाढ़ के पानी को रोकने के लिए खाली कट्टों में मिट्टी डालकर बंधे बनाए जा रहे है। फतेहाबाद में हाईवे पर करीब 40 हजार कट्टे बंधे बनाने में लगाए जा चुके हैं। पानी को रोकने के लिए बंधे को ऊंचा किया जा रहा है ऐसे में कट्टों की जरूरत पड़ रही है। वहीं गांवों में भी खाली कट्टों की डिमांड है। बाजार में खाली कट्टे साढ़े 4 रुपये से 6 रुपये तक बिक रहे हैं। ये ही नहीं हिसार से कट्टों की सप्लाई आ रही है।
ये है जिले में बाढ़ की स्थिति
अब तक जिले में प्रभावित गांव : 127
अब तक जिले में जलमग्न ढाणियां : 2323
अब तक शिफ्ट किए गए मवेशी : 23210
अब तक शिफ्ट किए गए लोग : 679
राहत शिविर में रह रहे लोगों की संख्या : 672
कोट
जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हुई हैं, वहां पर बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छता, फॉगिंग और पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने विभाग से संबंधित जो भी कार्य हैं, उन्हें समय रहते करते रहें। फॉगिंग व मेडिकल सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक माह का शेड्यूल निर्धारित करने को कहा गया है।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद
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जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 127 हो गई है। 24 घंटे के दौरान प्रशासन ने 21 लोगों को ढाणियों से बाहर निकाला है जबकि 162 लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया है। इसके अलावा पोल्ट्री फार्म से 19 हजार 300 चूजों को भी शिफ्ट किया गया है। वहीं बंधे बनाने को लेकर इंद्रपुरा मोहल्ला और नगर परिषद कर्मचारियों में खींचतान भी हुई। मोहल्ले के लोगों ने कहा कि प्रशासन एक नई कॉलोनी जिसकी अभी चार दीवारी हुई है उसे बचाने का प्रयास कर रहा है और उनकी कॉलोनी की तरफ बंधे नहीं बनाया जा रहा है। मौके पर पहुंचे जेई अरुण ने मोहल्ले के लोगों को शांत करवाया और मिट्टी डलवाकर बंधे बनाने का आश्वासन दिया। शिक्षा विभाग ने खंड फतेहाबाद के 20 गांवों में स्कूल खोलने के आदेश जारी कर दिए है हालांकि शहर में बंद रहेंगे। रतिया के पूरे खंड में फिलहाल स्कूल बंद रहेंगे।
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हाईवे पर हांसपुर चौक से लेकर भूना रोड पुल तक बंधे को 6 से 8 फुट तक ऊंचा किया जा चुका है और करीब दो से तीन फुट चौड़ा किया गया है। अब पानी का लेवल सिरसा रोड की तरफ भी बढऩे लगा है। इसके चलते प्रशासन ने सिरसा रोड की तरफ भी बंधे को ऊंचा करने का काम शुरू कर दिया है। यहां भी 6 से 8 फुट तक बंधे ऊंचा किया जा रहा है।
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रतिया रोड पर बनी ढाणियों में कम होने लगा पानी
रतिया रोड पर रंगोई नाले से कुलदीप पैलेस तक सड़क पर फिलहाल पानी है। यहां से पीछे अयाल्की, रतिया की तरफ सड़क बिल्कुल सूखी है और सड़क पर आवाजाही भी अब शुरू हो गई है। खेतों में जरूर अभी पानी है, लेकिन अयाल्की, रजाबाद, काताखेड़ी, धिड़ बोसवाल आदि क्षेत्रों में अब खेतों की डोलियां व खेत अब वापस दिखने शुरू हो चुके हैं। बाढ़ का पानी फतेहाबाद के हाईवे से लेकर पीछे पांच किलोमीटर के एरिया में ही एकत्रित हो चुका है।
बीच के खेतों व ढाणियों में अभी भी 10 फीट से ज्यादा तो कहीं-कहीं तीन-चार फीट पानी है। कुलदीप पैलेस तक रतिया सड़क पर भी डेढ़ से दो फीट पानी है। अयाल्की के पास पिछले दिनों पानी की क्रॉसिंग दूसरी तरफ करने के लिए खोदी गई सड़क को भी पाट दिया गया है। इसी कारण रतिया की तरफ से वाहन लगातार यहां तक आते हैं और यहां से आगे फतेहाबाद की तरफ पानी होने के चलते वापस चले जाते हैं। गांव जांडवाला सोतर व काताखेड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि अयाल्की व आसपास के इलाकों में खेत दिखने शुरू होने लगे हैं और पानी पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। हालांकि गांवों में जो सड़कें तोड़ दी गई थी, उनसे अभी भी यातायात प्रभावित हैं।
किश्तियों के जरिये ढाणियों में पहुंच रहा राशन
हाईवे किनारे करीब 50 से ज्यादा ढाणियों में पानी भरा हुआ है। इन ढाणियों में कई परिवार रुके हुए हैं। जिनमें उनके पशु भी है। ढाणियों में रुके परिवार के लिए किश्तियों के जरिये खाना पहुंचाया है। इसके अलावा सूखा राशन भी सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं पहुंचा रही है। पीड़ितों की मदद के लिए युवा भी आगे आ रहे है, जो कि खाना तैयार करके बंधे बनाने में जुटे लोगों तक पहुंचा रहे हैं। डीसी मनदीप कौर का कहना है कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं का सहयोग मिल रहा है जो कि प्रभावितों तक खाने की सामग्री पहुंचा रहा है।
बाढ़ के पानी में से निकल कर आए पांच सांपों को पकड़ा
बाढ़ के पानी में अब सांप भी निकल कर आने लगे हैं। रविवार दोपहर को हाईवे किनारे करीब पांच सांपों को पकड़ा गया। सांपों को पकडऩे के लिए रेस्क्यू किया गया। इन्हें पकड़कर टीम अब जंगल में छोड़ेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी सांप काटने पर एडवाइजरी जारी कर रखी है। बचाव के लिए विभाग के पास 31 इंजेक्शनों का स्टॉक है।
खाली कट्टे की बढ़ी डिमांड, 6 रुपये तक में बिक रहा
बाढ़ के पानी को रोकने के लिए खाली कट्टों में मिट्टी डालकर बंधे बनाए जा रहे है। फतेहाबाद में हाईवे पर करीब 40 हजार कट्टे बंधे बनाने में लगाए जा चुके हैं। पानी को रोकने के लिए बंधे को ऊंचा किया जा रहा है ऐसे में कट्टों की जरूरत पड़ रही है। वहीं गांवों में भी खाली कट्टों की डिमांड है। बाजार में खाली कट्टे साढ़े 4 रुपये से 6 रुपये तक बिक रहे हैं। ये ही नहीं हिसार से कट्टों की सप्लाई आ रही है।
ये है जिले में बाढ़ की स्थिति
अब तक जिले में प्रभावित गांव : 127
अब तक जिले में जलमग्न ढाणियां : 2323
अब तक शिफ्ट किए गए मवेशी : 23210
अब तक शिफ्ट किए गए लोग : 679
राहत शिविर में रह रहे लोगों की संख्या : 672
कोट
जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हुई हैं, वहां पर बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छता, फॉगिंग और पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने विभाग से संबंधित जो भी कार्य हैं, उन्हें समय रहते करते रहें। फॉगिंग व मेडिकल सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक माह का शेड्यूल निर्धारित करने को कहा गया है।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद