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नाइट स्वीपिंग पर हर माह हो रहा साढ़े चार लाख खर्च, डीजल अलग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 11:12 PM IST
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Four and a half lakh rupees are being spent every month on night sweeping, diesel is different
फतेहाबाद में नगर परिषद की नाईट स्वीपिंग मशीन मुख्य मार्ग पर सफाई करते हुए। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नगर परिषद की हाउस बैठक में 25 जुलाई को पार्षदों ने नाइट स्वीपिंग मशीन को बंद करने का प्रस्ताव पास किया था। मशीन को फिजूलखर्ची बताया था लेकिन दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मशीन चालू है और नप का कंपनी को भुगतान कर रही है। इस मशीन को अधिकारिक तौर पर बंद करने के अफसरों ने आदेश ही जारी नहीं किए हैं।
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बता दें कि नगर परिषद नाइट स्वीपिंग मशीन को लेकर हर माह करीब साढ़े चार लाख रुपये भुगतान कर रहा है। यानी एक साल में करीब 54 लाख रुपये सिर्फ मशीन पर खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा तेल खर्च अलग से है। करीब डेढ़ साल से मशीन शहर की मुख्य सड़कों पर चल रही है। जिन पार्षदों ने मशीन को लेकर मुद्दा उठाया था वह भी अपने वार्ड की गलियों की मशीन से ही सफाई करवा रहे हैं। वहीं नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची का कहना है कि मशीन बंद करने में कानूनी अड़चन आ रही है। संवाद
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रोजाना 50 लीटर डीजल का खर्चा
नाइट स्वीपिंग मशीन पर रोजाना होने वाले तेल खर्च को नगर परिषद वहन करता है। मशीन पर रोजाना करीब 50 लीटर डीजल खर्च होता है। यानी पांच हजार रुपये का डीजल मशीन को चलाने पर खर्च हो रहा है। मशीन दो से तीन घंटे तक चलाई जाती है।
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तीन साल पहले मशीन लाने के प्रस्ताव को हाउस ने किया था रद
नगर परिषद के पिछले हाउस में करीब तीन साल पहले नाइट स्वीपिंग मशीन को लाने का तत्कालीन ईओ जितेंद्र कुमार ने प्रस्ताव रखा था। लेकिन पार्षदों ने मना कर दिया था और इसे हाउस में रद कर दिया था। लेकिन डेढ़ साल बाद नगर निकाय ने मशीन भेज दी।
कोट
नाइट स्वीपिंग मशीन को लेकर बड़ा गड़बड़ झाला है तभी इसे बंद नहीं किया जा रहा है। जब इसे बैठक में बंद करने का प्रस्ताव पास किया जा चुका है तो अब तक हो जानी चाहिए थी। नप प्रधान भी अपनी कही बात से मुकर रहे हैं। मशीन को जल्द से जल्द बंद किया जाना चाहिए।
-हरदीप सिंह, प्रधान, जिंदगी संस्था
कोट
नाइट स्वीपिंग मशीन को बंद करने को लेकर हमारे पास कोई लिखित आदेश नहीं आए हैं। इसके अलावा न ही संबंधित कंपनी को कोई आदेश दिए गए हैं। जब आदेश आएंगे तो मशीन को बंद कर दिया जाएगा।

-मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक
कोट
ये बात यही है कि हाउस बैठक में नाइट स्वीपिंग मशीन बंद करने का प्रस्ताव पास किया गया था लेकिन अभी तक नहीं की गई है। इसको लेकर कुछ कानूनी अड़चन आ रही है। जल्द ही मशीन को बंद करके दूसरा समाधान किया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
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