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Fatehabad News: राइस मिलरों की नाराजगी से मंडी में शुरू नहीं हो सकी धान की सरकारी खरीद

Sat, 28 Sep 2024 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 28 Sep 2024 10:38 PM IST
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Due to misconceptions, paddy procurement could not be done
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अनाज मंडी में दूसरे दिन भी धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। धान की खरीद को लेकर राइस मिलराें और सरकार के बीच चल रहीं भ्रांतियों के कारण खरीद नहीं हो सकी। ऐसे में किसानों को परमल धान की फसल को सरकारी भाव पर बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी खरीद के लिए एक तरफ प्रशासन खरीद संबंधी सभी तैयारियां पूरी करने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ मिल ही अलॉट नहीं हो सकी हैं।
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राइस मिलर नरेश उर्फ टिटू ने बताया कि सरकार ने राइस मिलरों के की ओर से पिछले साल धान की गई खरीद की राशि नहीं चुकाई है और न ही धान के निर्यात का उचित खर्च दे रही है। इस कारण राइस मिलरों को नुकसान सहन करना पड़ा है। ऐसे में जब तक सरकार राइस मिलरों की बकाया राशि नहीं चुकाती है तब तक राइस मिलर धान की सरकारी खरीद नहीं करेंगे। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में परमल धान को सरकारी भाव पर बेचने के लिए किसान व्यापारियों का इंतजार करते रहे। कुछ किसान तो ऐसे हैं, जो एक सप्ताह से मंडी में रात गुजार रहे हैं। वहीं, निजी खरीद पर व्यापारियों द्वारा उनकी फसल का भाव 1,600 रुपये प्रति क्विंटल लगाया जा रहा है। इससे किसान निजी व्यापारियों को फसल बेचने को तैयार नहीं है।
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मैं पुरानी अनाज मंडी में रविवार को धान की फसल लेकर आया था। अभी तक धान की सरकारी खरीद के लिए कोई नहीं पहुंचा है। निजी खरीदार फसल का भाव 1,500 रुपये प्रति क्विंटल लगा रहे हैं। मैं सरकारी खरीद के इंतजार में पिछले एक सप्ताह से मंडी में रातें गुजार रहा हूं। अनाज मंडी में रात को रुकने के लिए किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। - राकेश, किसान, गांव नागपुर

मैं पिछले नौ दिन से अपनी परमल धान की खरीद का इंतजार कर रहा हूं। मेरी धान की फसल में नमी की मात्रा 16 प्रतिशत है। फिर भी खरीदार 1600 रुपये प्रति क्विंटल का भाव लगा रहे हैं। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द धान की सरकारी खरीद शुरू करवानी चाहिए। - साहिल, किसान, गांव खूनन।

मैं अपनी धान की फसल को लेकर फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में सरकारी खरीद का इंतजार कर रहा हूं। पुरानी अनाज मंडी में रात को रुकने के लिए सुविधा नहीं है। पिछले तीन दिनों से नहाया भी नहीं हूं। सरकार को जल्दी खरीद शुरू करनी चाहिए ताकि किसान अपनी फसल को बेचकर घर जा सकें। मुकेश, किसान, गांव चिंदड़

मैं फतेहाबाद की अनाज मंडी में शुक्रवार सुबह 11 बजे सरकारी खरीद होने की सूचना पाकर आया था। अभी तक मेरे पास कोई खरीदार नहीं पहुंचा है। निजी व्यापारी धान की किस्म परमल का भाव 1550 रुपये क्विंटल लगा रहे हैं। मंडी में रात के समय शौचालय बंद कर देते हैं। इससे किसानों को परेशानी होती है। वीरसिंह, किसान, गांव बीघड़


धान की सरकारी खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। दो दिनों में एक भी गेट पास नहीं कट सका है। मंडी में पहुंची धान की ढेरियों की नमी की जांच कर ली गई है। धान की ढेरियों में नमी की मात्रा ज्यादा पाई गई है। सरकार की ओर से 17 प्रतिशत तक नमी वाले धान की खरीद की जाएगी। - यशपाल मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी फतेहाबाद


कपास की आवक शुरू हुई
फतेहाबाद की पुरानी व नई अनाज मंडी में शनिवार को कपास की खरीद शुरू हो गई है। इस सीजन की खरीद के पहले दिन गांव सरवरपुर से पहुंचे किसान से शुरुआत की गई। फतेहाबाद की पुरानी अनाज में करीब 40 क्विंटल कपास और नरमा की खरीद निजी व्यापारियों के द्वारा की गई। इसमें कपास प्रति क्विंटल 8,025 और नरमा 6,975 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीद की गई।
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