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Fatehabad News: डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र की धीमी रफ्तार से विद्यार्थियों का भविष्य अटका

Fri, 25 Sep 2026 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 25 Sep 2026 10:36 PM IST
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Students' future in limbo due to the slow pace of digital birth certificate issuance
फतेहाबाद में प्रमाण पत्रों को लेकर जांच करते हुए कर्मचारी संवाद
फतेहाबाद। डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र के लिए निर्धारित आवेदन सीमा के कारण हरियाणा और पंजाब के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी और पीएचसी पर महीने में केवल 100 आवेदन स्वीकार होने से कई जगह 14 माह तक की वेटिंग चल रही है। इससे विद्यार्थियों के दस्तावेज संबंधी काम भी अटक रहे हैं।
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जाखल पंजाब सीमा से सटा क्षेत्र है। यहां पंजाब से भी प्रसव के मामले आते हैं। सीएचसी जाखल पर करीब 1400 आवेदन लंबित हैं। इनमें अधिकतर पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं। वर्ष 2005 से 2015 तक के जन्म रिकॉर्ड को डिजिटल किए जाने की प्रक्रिया के तहत लोग सीएचसी स्तर पर आवेदन कर रहे हैं।
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आवेदन संख्या अधिक होने से एक से डेढ़ साल तक की प्रतीक्षा चल रही है। जन्म प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया में सख्ती की थी। सीआरएस पोर्टल में बदलाव कर डीसीसीआरएस पोर्टल शुरू किया गया। जन्म प्रमाणपत्र में गड़बड़ी मिलने पर रजिस्ट्रार के साथ जिला रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी भी तय की गई है। संवाद
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रजिस्ट्रार भेजता है जिला रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड
जिला रजिस्ट्रार के पास ऑनलाइन आवेदन आने के बाद मंजूरी के बाद ही डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र जारी होता है। पहले पुराने जन्म प्रमाणपत्र में त्रुटियों को ठीक करवाने या फिर नया डिजिटल जारी करवाने के लिए आवेदन पर रजिस्ट्रार ही जारी कर देते थे लेकिन अब आवेदन रजिस्ट्रार से जिला रजिस्ट्रार के पास जाता है। जिला रजिस्ट्रार दस्तावेजों की जांच के बाद जारी करता है।
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किसी का दाखिला तो किसी का वीजा रुका
इन दिनों सबसे ज्यादा दिक्कत जाखल सीएचसी पर हो रही है। पंजाब से लोग यहां पर जन्म प्रमाणपत्र डिजिटल लेने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें डेढ़ साल तक की वेटिंग दी जा रही है। जाखल सीएचसी के एसएमओ डॉ. राजेश का कहना है कि 1400 आवेदन रुके हुए हैं। कॉलेज के बच्चों को दाखिले के लिए जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है। किसी को वीजा के लिए चाहिए। परेशानी को देखते हुए उच्च अधिकारियों तक को पत्र लिखे जा चुके हैं।
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शहर में दो हजार तक लिमिट
जिले में 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अधीन आने वाले गांवों से सीआरएस पोर्टल पर वर्ष 2005 से 2016 के जन्म प्रमाणपत्र को डिजिटल लेने या फिर त्रुटियों को ठीक करवाने के आवेदन संबंधित पीएचसी पोर्टल पर दर्ज होंगे। विभाग ने इन पीएचसी की लिमिट तय कर दी है। पीएचसी और सीएचसी से 100 से ज्यादा आवेदन नहीं हो पाएंगे। 100 से ज्यादा आवेदन पर फाइल अटक जाएगी। जबकि शहरों में दो हजार तक की लिमिट तय की गई है।


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वर्ष 2025 में जन्म प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रेशन
लड़के - 8013
लड़कियां - 7687
कुल - 15701
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वर्ष 2025 में मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रेशन
लड़के - 4105
लड़कियां - 2683
कुल - 6789
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पोर्टल भारत सरकार का है। पोर्टल पर 100 आवेदन ही सीएचसी के मंजूर हो सकते हैं। जाखल सीएचसी पर सबसे ज्यादा आवेदन पंजाब से हो रहे हैं। इस वजह से दिक्कत आ रही है। इसको लेकर राज्य सरकार से भारत सरकार को पत्र भी भेजा जा चुका है। उम्मीद है जल्द समाधान होगा।
- डॉ. गिरीश, जिला रजिस्ट्रार, फतेहाबाद।
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