फतेहाबाद: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर के फर्जी पासपोर्ट के वेरिफिकेशन में गवाही देने वाला व्यक्ति गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए सतनाम सिंह से पूछताछ के बाद अहरवां, रतिया और फतेहाबाद से कई संदिग्ध दबोचे। फर्जी पासपोर्ट से लेकर आतंकी गतिविधियों की जांच के लिए सभी कड़ियां जोड़ने में पुलिस जुटी है।
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर का हरियाणा के फतेहाबाद के फर्जी पते पर पासपोर्ट बनाए जाने के मामले में फतेहाबाद पुलिस ने रविवार शाम को अहरवां निवासी सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इसी सतनाम सिंह ने फतेहाबाद में बने हैंडलर के फर्जी पासपोर्ट के लिए वेरिफिकेशन के तौर पर अपनी गवाही दर्ज करवाई थी। पुलिस ने सोमवार को आरोपी सतनाम सिंह को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस मामले में कई लोगों को राउंडअप भी किया है।
बता दें कि फतेहाबाद सदर थाना पुलिस ने गांव अहरवां के पते पर करन नाम से फर्जी पासपोर्ट बनने का केस दर्ज किया है। पुलिस को करन नाम से बने इस फर्जी पासपोर्ट के बारे में जानकारी तब हुई जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोनीपत पुलिस की मदद से जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर पंजाब के तरनतारन निवासी रवि उर्फ नोनू को उसकी पत्नी और दोस्त के साथ गिरफ्तार किया।
ये तीनों विदेश भागने की तैयारी में थे। सोनीपत पुलिस ने जब इन तीनों की गिरफ्तारी की तो इनसे बरामद हुए पासपोर्ट में रवि के पास फतेहाबाद के पते पर बना हुआ पासपोर्ट मिला और उसमें करन नाम दर्ज था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मौके पर मिले पासपोर्ट के संबंध में फतेहाबाद पुलिस से जानकारी मांगी और पुलिस ने जांच की तो करन नाम से बना पासपोर्ट फर्जी पाया गया।
फर्जी पासपोर्ट के दस्तावेज तैयार करने वाला एक पासपोर्ट एजेंट, दूसरा टाइपिस्ट
पुलिस सूत्रों के अनुसार अहरवां निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि उसने गांव के ही हरमनप्रीत के कहने पर पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए हस्ताक्षर किए। इसके अलावा पुलिस को सतनाम सिंह ने रतिया में मौजूद उन लोगों के नाम भी बताए हैं, जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट बनाने के लिए दस्तावेज तैयार किए। इनमें एक पासपोर्ट एजेंट है और एक टाइपिस्ट है। पुलिस ने रतिया से इन लोगों को राउंडअप किया है।
वहीं, अहरवां गांव से पंजाब तक फर्जी पासपोर्ट के लिए बने सूत्रधार की तलाश में पुलिस छापे मार रही है। जानकारी मिली है कि यह सूत्रधार जम्मू-कश्मीर और सोनीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए हैंडलर को न केवल जानता था बल्कि बिजनेस के रूप में डील तक करता था।
हालांकि, फतेहाबाद से पकड़े गए सभी लोगों के बारे में पुलिस इस बात की जांच गंभीरता से कर रही है कि फर्जी पासपोर्ट तैयार करने के अलावा आतंकी गतिविधि के बारे में किसी प्रकार की जानकारी इन लोगों को थी या नहीं। फिलहाल फर्जी पासपोर्ट के मुख्य सूत्रधार के भतीजे को गांव अहरवां से पुलिस ने राउंडअप कर लिया है और जल्द ही इस पूरे मामले में पुलिस बड़ी खुलासा करेगी।
पंजाब में भी छापे मारने जाएगी पुलिस टीम
फतेहाबाद के गांव अहरवां के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का आरोपी शख्स रवि मूल रूप से पंजाब के तरनतारन का रहने वाला है। अहरवां से पकड़े गए संदिग्ध लोगों की गतिविधियां पंजाब तक होने की जानकारी पुलिस को मिली है। ऐसे में अहरवां से लेकर पंजाब तक की उन सभी कड़ियों को पुलिस जोड़ने के प्रयासों में जुटी है, जिसमें फर्जी पासपोर्ट से लेकर आतंकी गतिविधियों तक की सारी परतों की सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल फर्जी पासपोर्ट मामले में वेरिफिकेशन करने वाला एक शख्स गिरफ्तार कर लिया गया और उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया गया है। आरोपी सतनाम से पूछताछ की जा रही है। जिस गांव से आरोपी है, उसी गांव से कुछ और संदिग्धों के नाम मालूम हुए और आगे इस पूरे केस में सभी कड़ियों को जोड़कर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। - सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद।