फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   किसी प्रकार के नशे का आदी नहीं था बीवी और बेटे का कातिल पिता , रोजाना पति-पत्नी जाते थे सैर पर

किसी प्रकार के नशे का आदी नहीं था बीवी और बेटे का कातिल पिता , रोजाना पति-पत्नी जाते थे सैर पर

Mon, 30 Jul 2018 12:08 AM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
किसी प्रकार के नशे का आदी नहीं था बीवी और बेटे का कातिल पिता , रोजाना पति-पत्नी जाते थे सैर पर
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। हरिपुरा गांव में पलंबर श्रवण द्वारा अपनी बीवी और चार साल के बच्चे की हत्या का मामला सामने आने के बाद से पूरा गांव स्तब्ध है। श्रवण से ऐसे हत्याकांड की उम्मीद किसी को नहीं थी। अवैध संबंधों का शक इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे कारण निकलने से ग्रामीण और भी सकते में हैं। ग्रामीणों के अनुसार श्रवण किसी प्रकार का कोई नशा नहीं करता था, जिसके चलते नशे में इस प्रकार की वारदात को अंजाम देने की कोई संभावना नहीं दिखती।
गांव हरिपुरा के रमेश की मानें तो श्रवण अपनी पत्नी रेखा के साथ सुबह और शाम को रोजाना सैर पर जाता था। कई बार तो उनका बेटा ध्रुव भी उनके साथ होता था। ऐसे में श्रवण ने किन परिस्थितियों के चलते इस प्रकार के जघन्य अपराध को अंजाम दिया, ये अपने आप में जांच का विषय है। इतना ही नहीं, पत्नी रेखा बाहर के कमरे में चारपाई पर सोई हुई थी और अंदर के कमरे में उसकी लाश मिली है, इससे तय है कि रेखा के सिर पर पहला प्रहार होते ही वो भागकर अंदर के कमरे में गई लेकिन अपने कातिल पति से खुद का बचाव नहीं कर सकी।
विज्ञापन

बहरहाल अब गांव में प्रत्येक जुबान पर इसी हत्याकांड और इससे जुड़े किस्से-कहानियां ही हैं। जिस घर में श्रवण अपनी बीवी-बच्चे के साथ रहता था, उसी घर में एक दीवार के दूसरी ओर उसके भाई बबरीक का मकान है। लेकिन उसके परिवार को भी हत्याकांड का पता नहीं लगा। इसके पीछे ये वजह बताई जा रही है कि दोनों घरों के कूलर चल रहे थे और संभवत: मृतकों की चीखों की गूंज दब गई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed