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सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन भाइयों सहित चार को तीन-तीन साल कैद
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। न्यायिक दंडाधिकारी सुमित तुरकिया की अदालत ने कई लोगों से नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने के तीन भाइयों सहित 4 दोषियों को 3-3 साल की कैद और 3-3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला लगभग चार साल पुराना है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अदालत के आदेश पर खैरी निवासी मनराज, सत्यनारायण, रामकलन, सोनू और कृष्ण के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपियों में एक व्यक्ति कृष्ण पीओ चल रहा है। शिकायतकर्ता लालवास निवासी सुग्रीव ने अदालत में दायर इस्तगासे में कहा कि उसका कजिन देवपाल आरोपी कृष्ण को जानता था। कृष्ण ने भरोसा दिलवाया कि वह केंद्र सरकार के पब्लिक हेल्थ विभाग के कई बड़े अफसरों को जानता है। उसने बताया कि 20 पद खाली पड़े है, वह शिकायतकर्ता व उसके रिश्तेदारों को वहां नौकरी लगवा सकता है और प्रति व्यक्ति 7 लाख रुपये लगेंगे। इस बात पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता सुग्रीव, अयाल्की निवासी अनूप, हंसगा निवासी इंद्रकुमार, धांगड़ विनोद कुमार, ढ़ाणी छतरियां निवासी राजकुमार, गोरखपुर निवासी सतीश कुमार व धांगड़ निवासी देवपाल को नौकरी लगने के लिए तैयार कर लिया। कुल 49 लाख रुपये में से 26 लाख रुपये की राशि दो किस्तों में आरोपी कृष्ण कुमार को ढाणी धांगड़ में व 7 लाख 65 हजार रुपये की राशि रामकलन को अपने खाते से विभिन्न तारीखों को अदा किए। 7 लाख रुपये की राशि धांगड़ मेें कृष्ण को और 8 लाख 35 हजार सत्यनारायण को दिए। इस पर उन्हें नौकरी का नियुक्ति पत्र दिखाया और कहा कि यह जल्द ही दे देंगे। 22 अक्तूबर 2010 को शिकायतकर्ता और दूसरों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। शिकायत में यह भी बताया गया कि शिकायतकर्ता व उसके रिश्तेदारों को नई दिल्ली के एयरफोर्स स्टेशन के पास तीन माह की ट्रेनिंग के लिए पुरानी बिल्डिंग में रखा गया जो हेल्थ विभाग से संबंध रखती थी। फिर 15 दिन गुवाहाटी ले गए। संदेह होने व इंक्वायरी करने पर इस गड़बड़झाले का पता चला। इसके बाद पंचायत हुई और आरोपियों ने एक चेक शिकायतकर्ता को दिया। जिस पर कोई खाता नंबर नहीं था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत दोषी करार दिया था। जबकि एक आरोपी कृष्ण कुमार पीओ हो गया था।
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फतेहाबाद। न्यायिक दंडाधिकारी सुमित तुरकिया की अदालत ने कई लोगों से नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने के तीन भाइयों सहित 4 दोषियों को 3-3 साल की कैद और 3-3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला लगभग चार साल पुराना है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अदालत के आदेश पर खैरी निवासी मनराज, सत्यनारायण, रामकलन, सोनू और कृष्ण के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपियों में एक व्यक्ति कृष्ण पीओ चल रहा है। शिकायतकर्ता लालवास निवासी सुग्रीव ने अदालत में दायर इस्तगासे में कहा कि उसका कजिन देवपाल आरोपी कृष्ण को जानता था। कृष्ण ने भरोसा दिलवाया कि वह केंद्र सरकार के पब्लिक हेल्थ विभाग के कई बड़े अफसरों को जानता है। उसने बताया कि 20 पद खाली पड़े है, वह शिकायतकर्ता व उसके रिश्तेदारों को वहां नौकरी लगवा सकता है और प्रति व्यक्ति 7 लाख रुपये लगेंगे। इस बात पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता सुग्रीव, अयाल्की निवासी अनूप, हंसगा निवासी इंद्रकुमार, धांगड़ विनोद कुमार, ढ़ाणी छतरियां निवासी राजकुमार, गोरखपुर निवासी सतीश कुमार व धांगड़ निवासी देवपाल को नौकरी लगने के लिए तैयार कर लिया। कुल 49 लाख रुपये में से 26 लाख रुपये की राशि दो किस्तों में आरोपी कृष्ण कुमार को ढाणी धांगड़ में व 7 लाख 65 हजार रुपये की राशि रामकलन को अपने खाते से विभिन्न तारीखों को अदा किए। 7 लाख रुपये की राशि धांगड़ मेें कृष्ण को और 8 लाख 35 हजार सत्यनारायण को दिए। इस पर उन्हें नौकरी का नियुक्ति पत्र दिखाया और कहा कि यह जल्द ही दे देंगे। 22 अक्तूबर 2010 को शिकायतकर्ता और दूसरों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। शिकायत में यह भी बताया गया कि शिकायतकर्ता व उसके रिश्तेदारों को नई दिल्ली के एयरफोर्स स्टेशन के पास तीन माह की ट्रेनिंग के लिए पुरानी बिल्डिंग में रखा गया जो हेल्थ विभाग से संबंध रखती थी। फिर 15 दिन गुवाहाटी ले गए। संदेह होने व इंक्वायरी करने पर इस गड़बड़झाले का पता चला। इसके बाद पंचायत हुई और आरोपियों ने एक चेक शिकायतकर्ता को दिया। जिस पर कोई खाता नंबर नहीं था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत दोषी करार दिया था। जबकि एक आरोपी कृष्ण कुमार पीओ हो गया था।
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