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Fatehabad News: थारीबाई के जीवन में 94 की उम्र में दिखा उल्लास, परीक्षा देकर मिटाया अनपढ़ होने का दाग

Sun, 20 Sep 2026 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 20 Sep 2026 10:22 PM IST
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At the age of 94, Tharibais life was filled with joy as she took an exam and shed the stigma of illiteracy
फतेहाबाद में परीक्षा देते हुए स्त्रोत ​शिक्षा विभाग
फतेहाबाद। उम्र के जिस पड़ाव पर लोग किताब-कॉपी से दूर हो जाते हैं उस उम्र में 94 साल की थारीबाई ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर ये साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। 82 साल के मंगतरात ने भी उल्लास कार्यक्रम के तहत आयोजित परीक्षा दी।
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जिले में करीब तीन हजार लोगों ने पढ़ना-लिखना सीखकर जिंदगी भर साथ रहे अनपढ़ शब्द के दाग को मिटाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उल्लास कार्यक्रम के तहत 3750 ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। जबकि 3389 ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए जिला नोडल अधिकारी रमेश कुमार और सदस्य रमनदीप ने केंद्रों का निरीक्षण किया।
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जिले में रविवार को उल्लास कार्यक्रम के तहत नवसाक्षरों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। जिले के 265 केंद्रों पर बुजुर्ग महिला-पुरुष परीक्षा देने पहुंचे। कई परीक्षार्थियों के साथ उनके पोते-पोतियां और दोहते-दोहती भी केंद्र तक पहुंचे। परिवार के युवा सदस्यों ने न केवल उनका हौसला बढ़ाया बल्कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और जरूरी मदद करने में भी साथ दिया।
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94 वर्षीय थारीबाई के परीक्षा देने पहुंचने का नजारा केंद्र पर मौजूद लोगों के लिए भी प्रेरणादायक रहा। उम्र के इस पड़ाव पर भी किताब और कलम थामने का उनका जज्बा उन लोगों के लिए संदेश है जो किसी भी कारण से शिक्षा से वंचित रह गए। वहीं 82 वर्षीय मंगतरात ने भी परीक्षा देकर साबित किया कि सीखने की शुरुआत के लिए देर जैसी कोई बात नहीं होती।
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22 हजार लोग हो चुके साक्षर
जिले में उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से अब तक करीब 22 हजार निरक्षर को साक्षर बनाया जा चुका है। इस परीक्षा के लिए जिले में 3750 लोगों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और रोजमर्रा के जीवन में पढ़ाई के महत्व के प्रति जागरूक करना भी है।

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खंड उपस्थित पुरुष विद्यार्थी
भट्टू कलां
272 83
189
फतेहाबाद 1108
398
710
भूना
568
180
388
रतिया
768
281
487
जाखल
261
121
140
टोहाना
412
116
296
कुल 3389
1179
2210
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सर्वे में ये मिले लर्नर
2023-24 :924
2024-25 :18391
2025-26 : 6680
2026-27 : 2474

- परीक्षा में पास हुए

वर्ष 2024 -: 5381
वर्ष.2025 : 6243
वर्ष 2025 : 3868
मार्च माह वर्ष 2026 : 6212
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बुजुर्गों की यह पहल समाज के लिए भी बड़ा संदेश है। अगर 94 साल की उम्र में कोई व्यक्ति पढ़ना सीखने और परीक्षा देने का साहस कर सकता है तो उम्र, परिस्थितियों या झिझक को शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। शिक्षा विभाग की तरफ से उल्लास कार्यक्रम के तहत जो निरक्षर हैं उन्हें साक्षर बनाया जा रहा है।
- रमेश कुमार, जिला नोडल अधिकारी, उल्लास कार्यक्रम
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