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पले के आरोपों से क्षुब्ध नंदीशाला कमेटी ने नपा अधिकारियों को सौंपा अपना इस्तीफा

Tue, 27 Feb 2018 12:37 AM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:37 AM IST
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पले के आरोपों से क्षुब्ध नंदीशाला कमेटी ने नपा अधिकारियों को सौंपा अपना इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
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रतिया।
रतिया के सहनाल रोड पर नगरपालिका के सहयोग से पिछले वर्ष बनाई गई नंदीशाला की कमेटी के प्रधान सहित सभी पदाधिकारियों ने निरंतर घपले के लग रहे आरोपों से क्षुब्ध होकर सोमवार को नपा अधिकारियों को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने प्रेस कांफ्र्रेंस कर कमेटी पर लगाए जा रहे आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कमेटी में एक वर्ष से किए गए कार्यों का लेखाजोखा भी प्रस्तुत किया।
सहनाल रोड पर स्थित श्री शिवभोले नंदीशाला कमेटी के प्रधान रमेश मेहता, उपप्रधान संजय मोदी, कोषाध्यक्ष राजू करंडी तथा अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने सोमवार को बैठक के पश्चात नपा अधिकारियों को पुरी कार्यकारिणी का इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रधान रमेश मेहता व उपप्रधान संजय मोदी ने बताया कि पिछले वर्ष 22 मार्च को शहरवासियों व नगरपालिका के सहयोग से सहनाल रोड पर नपा की जगह पर श्री शिवभोले नंदीशाला बनाई गई थी। जिसमें शहरवासियों द्वारा पूरा सहयोग दिया गया था, लेकिन पिछले दिनों पार्षद प्रतिनिधियों व बजरंग दल के पदाधिकारियों द्वारा नंदीशाला कमेटी पर 70 लाख रुपये के जो घपले के आरोप लगाए गए थे जोकि बेबुनियाद है।
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नगरपालिका द्वारा अभी तक नंदीशाला को मात्र 22 लाख की ही ग्रांट दी गई है, जिसमें पांच कमरे, ट्यूब्वेल, चारदीवारी के लिए नींव की खुदाई, दीवार, लोहे का गेट, रास्ता, चारे की ट्राली और लाइट इत्यादि का कार्य टेंडर के माध्यम से करवाया गया था और ठेकेदार ने अपना मुनाफा भी नंदीशाला को दान कर दिया था, इसलिए इस मामले में घपले की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। साथ में नंदीशाला में जो चार बड़े व एक छोटा शेड बनाए गए हैं। वह भी उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त की मंजूरी के बाद डी-प्लान के खाते से निर्मित किए गए हैं। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन पर घपले के आरोपों का जबाब देते हुए कहा कि नंदीशाला में कार्यरत छह कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन दिया जाता था, जबकि अन्य कर्मचारियों को नंदीशाला कमेटी चंदे से वेतन देती है।
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उन्होंने बताया कि चंदे से ही नंदीशाला का खर्च चलाया जा रहा है और एक ट्रेक्टर-ट्राली भी खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि इस बात से क्षुब्ध नंदीशाला कमेटी ने नपा को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और 28 फरवरी तक का सभी उधारी व वेतन भुगतान हो चुका है और किसी का कोई बकाया तक भी नहीं है। इस बारे में नगरपालिका सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वे अभी बाहर है और दफ्तर आने के बाद ही इस बारे में कुछ बता सकते है।
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