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धुंध के कारण धीमी पड़ी वाहनों की रफ्तार, बसें देरी से चलने के कारण जनजीवन भी अस्त-व्यस्त
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। वीरवार को धुंध के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शहर अलसुबह से ही कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया जो दिन भर जारी रहा। धुंध के कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई। बसें देरी से आने जाने के कारण लोगों की दिनचर्या अस्त व्यस्त हो गई। लंबे रूट पर चलने वाली बसों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़, दिल्ली व रोहतक जाने वाले यात्री घंटों बसों का इंतजार करते नजर आए।
मौसम की यह धुंध गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है जबकि बेलदार व हरी सब्जियों के लिए यह धुंध नुकसानदेह है। गांव खान मोहम्मद रामदीन ने बताया कि उसने तीन कनाल भूमि पर बैंगन की बिजाई कर रखी थी अब भाव भी ठीक चल रहा था लेकिन बुधवार रात से वीरवार शाम तक पड़ी धुंध से बैंगन की फसल खराब हो गई। जिला बागवानी अधिकारी कुलदीप श्योराण ने बताया कि इस मौसम में पालक, बैंगन, मेथी व बेलदार सब्जियां झुलस जाती हैं। वीरवार का तापमान काफी कम रहा। वीरवार को अधिकतम 15.2 डिग्री व न्यूनतम 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धुंध के कारण आम लोगों को काफी परेशानी भी उठानी पड़ी। बाहर से आने वाली सब्जी दूध व समाचार पत्रों की गाड़ियां समय से 3 घंटे लेट पहुंची। जिस कारण वेंडरों को भी परेशानी आई। कृषि उप निदेशक बलवंत सहारण ने बताया कि यह धुंध गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है।
वहीं रतिया में भी पूरा दिन गहरी धुंध छाई रही। धुंध के कारण अचानक ठंड में बढ़ोतरी हो गई। जिस कारण लोग बाइक की बजाय बसों व गाड़ी से सफर करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। बसें व अन्य वाहन चालक लाइट जलाकर सफर करते नजर आए। कई रूटों पर बसें देरी से चलने के कारण यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
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फतेहाबाद। वीरवार को धुंध के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शहर अलसुबह से ही कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया जो दिन भर जारी रहा। धुंध के कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई। बसें देरी से आने जाने के कारण लोगों की दिनचर्या अस्त व्यस्त हो गई। लंबे रूट पर चलने वाली बसों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़, दिल्ली व रोहतक जाने वाले यात्री घंटों बसों का इंतजार करते नजर आए।
मौसम की यह धुंध गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है जबकि बेलदार व हरी सब्जियों के लिए यह धुंध नुकसानदेह है। गांव खान मोहम्मद रामदीन ने बताया कि उसने तीन कनाल भूमि पर बैंगन की बिजाई कर रखी थी अब भाव भी ठीक चल रहा था लेकिन बुधवार रात से वीरवार शाम तक पड़ी धुंध से बैंगन की फसल खराब हो गई। जिला बागवानी अधिकारी कुलदीप श्योराण ने बताया कि इस मौसम में पालक, बैंगन, मेथी व बेलदार सब्जियां झुलस जाती हैं। वीरवार का तापमान काफी कम रहा। वीरवार को अधिकतम 15.2 डिग्री व न्यूनतम 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धुंध के कारण आम लोगों को काफी परेशानी भी उठानी पड़ी। बाहर से आने वाली सब्जी दूध व समाचार पत्रों की गाड़ियां समय से 3 घंटे लेट पहुंची। जिस कारण वेंडरों को भी परेशानी आई। कृषि उप निदेशक बलवंत सहारण ने बताया कि यह धुंध गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है।
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वहीं रतिया में भी पूरा दिन गहरी धुंध छाई रही। धुंध के कारण अचानक ठंड में बढ़ोतरी हो गई। जिस कारण लोग बाइक की बजाय बसों व गाड़ी से सफर करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। बसें व अन्य वाहन चालक लाइट जलाकर सफर करते नजर आए। कई रूटों पर बसें देरी से चलने के कारण यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
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