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बुढ़ापा पेंशन, मेडिकल के लिए भटके रहे बुजुर्गों ने लघु सचिवालय पर धरना देकर किया प्रदर्शन, बुधवार तक का दिया था अल्टीमेटम, लेकिन

Thu, 07 Mar 2019 12:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2019 12:31 AM IST
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बुढ़ापा पेंशन, मेडिकल के लिए भटके रहे बुजुर्गों ने लघु सचिवालय पर धरना देकर किया प्रदर्शन, बुधवार तक का दिया था अल्टीमेटम, लेकिन
मेडिकल नहीं होने पर बुजुर्गों ने लघु सचिवालय के बाहर दिया धरना
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। बुढ़ापा पेंशन को लेकर नागरिक अस्पताल में मेडिकल के लिए चक्कर काट रहे रतिया व भूना ब्लॉक के बुजुर्गों में बुधवार को रोष फैल गया। मेडिकल न होने से परेशान बुजुर्गों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दे दिया और प्रदर्शन आरंभ कर दिया। आरोप था कि बुधवार को भी उनका मेडिकल नहीं हुआ है, जिस कारण उनकी बुढ़ापा पेंशन में देरी हो रही है। मामले की सूचना पाकर डीसी धीरेंद्र खड़गटा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि 7 व 8 मार्च को ब्लॉक स्तर पर दो दिन बुजुर्गों का पेंशन के लिए मेडिकल होगा। इसके बाद बुजुर्गों ने धरना हटा दिया। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने इसे जनता के संघर्ष की जीत बताया है। धरने की अध्यक्षता जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल ने की व संचालन रमेश जाण्डली ने किया। गौरतलब है कि लगातार 3 बुधवारों से सैकड़ों महिला-पुरुष बुढ़ापा पेंशन के लिए मेडिकल करवाने के लिए उपायुक्त कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। पिछले बुधवार 27 फरवरी को भी जब बुजुर्गों का मेडिकल नहीं हुआ तो बुजुर्गों ने डीसी कार्यालय पर धरना दे दिया था। तब उप मंडलाधीश फतेहाबाद ने दो दिन का समय मांगकर बुजुर्गों के धरने को समाप्त करवाया था, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी प्रशासन के असंवेदनशील रुख के चलते बुजुर्गों का मेडिकल केंप नहीं लगवाया गया। धरने को संबोधित करते हुए कामरेड रामकुमार बहबलपुरिया, जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल ने बताया कि प्रदेश की मनोहर सरकार बुढ़ापा पेंशन लगवाने के लिए मेडिकल के नाम पर बुजुर्गों का अपमान कर रही है। बुढ़ापा पेंशन के लिए निर्धारित 60 वर्ष की आयु के स्कूल प्रमाण पत्र को धता बताया जा रहा है और प्रत्येक बुधवार सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक 65-70 किलोमीटर दूर जाकर नागरिक अस्पताल में पेंशन बनवाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पिछले 3 महीने से लोग चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनका मेडिकल नहीं किया जा रहा। समाज कल्याण विभाग प्राइमरी से नीचे के स्कूल द्वारा प्रमाणित जन्मतिथि को नहीं मान रहा है। विभाग उन पर कक्षा दसवीं का जन्म प्रमाण पत्र लाने की शर्त थोप रहा है। लगभग 1 बजे उपायुक्त फतेहाबाद ने सीएमओ व समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और माकपा प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। उपायुक्त ने अधिकारियों को 7 व 8 मार्च को रतिया व भूना में ब्लॉक स्तर पर मेडिकल केंप लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद ही बुजुर्गों ने राहत की सांस ली। धरने को माकपा जिला सचिव का. जगतार सिंह पूर्व सरपंच, रामकुमार बहबलपुरिया, मोहन लाल नारंग ने संबोधित करते हुए कहा कि बुजुुर्गों की पेंशन, मकान ग्रांट व बीपीएल सर्वे की मांगों को गांव-गांव में होने वाली जनसभाओं में रखा जाएगा और 17 मार्च को जींद में होने वाली रैली में भी जनता के इस मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाएगा। धरने को महेंद्र सिंह, रघुबीर, रूपाराम, नन्ही देवी, तरसेम, बीरमति सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया।
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