{"_id":"5a453e2d4f1c1b09788b55bd","slug":"131514487341-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भरपूर विवादित जमीन मामला: रतिया के कानूनगो व पटवारी को किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भरपूर विवादित जमीन मामला: रतिया के कानूनगो व पटवारी को किया निलंबित
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
गांव भरपूर में विवादित 256 एकड़ जमीन मामले में हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद कब्जा हटाने में विफलता का ठीकरा रतिया तहसील के कानूनगो राजेंद्र कुमार व पटवारी बोधराज पर गिरी है। दोनों को डीसी ने कोताही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। वहीं इस मामले में हाईकोर्ट ने डीसी को 3 सप्ताह में कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं और विफल रहने पर पर्सनल तौर पर कोर्ट में पेश होने को कहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में मनकोरी आदि बनाम स्टेट हरियाणा का केस चल रहा है। उस केस में हाईकोर्ट ने बीजालाम्बा निवासी मनकोरी आदि के पक्ष में 41 एकड़ 5 कनाल 10 मरले जमीन का कब्जा दिलवाने के पक्ष में निर्देश दिए हुए हैं। बताया गया है कि उक्त जमीनी विवाद 1956 से चल रहा है और गांव भरपूर में लगभग 256 एकड़ जमीन उक्त मामले में विवादों में घिरी हुई है। जमीन के इस विवाद में पहले भी कई बार दोनों पक्षों की पंचायतें हो गई थी, लेकिन पंचायतों में भी मामला नहीं निपट पाया था। जिसके बाद जमीन के मालिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फैसला भू-मालिकों के पक्ष में देते हुए रतिया प्रशासन को कब्जा हटाने के आदेश दिए थे।
19 दिसंबर को गांव भरपूर में करीब 41 एकड़ जमीन का कब्जा हटवाया जाना था। इसके लिए जिला प्रशासन ने नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहाबाद के अलावा अन्य जिलों से भी भारी पुलिस बल बुलवाया हुआ था। जिसके बाद एसडीएम देवीलाल सिहाग व उपपुलिस अधिक्षक रविंद्र तोमर और रेवेन्यू विभाग के अधिकारी गंाव भरपूर में कब्जा हटवाने पहुंचे, पूरा भरपूर गांव जिसमें महिलाएं व पुरुष शामिल थे, हाथों में लाठियां व अन्य हथियार लेकर कब्जा हटाए जाने वाले स्थल पर पहुंच गए और कब्जा हटाने की प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वह अपनी जान दे देंगे लेकिन कब्जा नहीं देंगे। गांव में भारी तनाव उत्पन्न हो गया था। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब ग्रामीण नहीं माने तो प्रशासन को बिना कब्जा हटवाए ही वापस आना पड़ा। इस मामले में रतिया पुलिस के करीब 150 लोगों पर केस भी दर्ज किया हुआ है।
विज्ञापन
अब इस मामले की मार सीधा रतिया तहसील के कानूनगो राजेंद्र कुमार व पटवारी बोधराज पर गिरी है। दोनों ही अधिकारियों को डीसी ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं डीसी को भी हाईकोर्ट ने 3 सप्ताह में कब्जा हटवाने के निर्देश दिए हैं। रतिया के नायब तहसीलदार सुरेंद्र मेहता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कानूनगो व पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
विज्ञापन
फतेहाबाद।
गांव भरपूर में विवादित 256 एकड़ जमीन मामले में हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद कब्जा हटाने में विफलता का ठीकरा रतिया तहसील के कानूनगो राजेंद्र कुमार व पटवारी बोधराज पर गिरी है। दोनों को डीसी ने कोताही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। वहीं इस मामले में हाईकोर्ट ने डीसी को 3 सप्ताह में कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं और विफल रहने पर पर्सनल तौर पर कोर्ट में पेश होने को कहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में मनकोरी आदि बनाम स्टेट हरियाणा का केस चल रहा है। उस केस में हाईकोर्ट ने बीजालाम्बा निवासी मनकोरी आदि के पक्ष में 41 एकड़ 5 कनाल 10 मरले जमीन का कब्जा दिलवाने के पक्ष में निर्देश दिए हुए हैं। बताया गया है कि उक्त जमीनी विवाद 1956 से चल रहा है और गांव भरपूर में लगभग 256 एकड़ जमीन उक्त मामले में विवादों में घिरी हुई है। जमीन के इस विवाद में पहले भी कई बार दोनों पक्षों की पंचायतें हो गई थी, लेकिन पंचायतों में भी मामला नहीं निपट पाया था। जिसके बाद जमीन के मालिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फैसला भू-मालिकों के पक्ष में देते हुए रतिया प्रशासन को कब्जा हटाने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
19 दिसंबर को गांव भरपूर में करीब 41 एकड़ जमीन का कब्जा हटवाया जाना था। इसके लिए जिला प्रशासन ने नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहाबाद के अलावा अन्य जिलों से भी भारी पुलिस बल बुलवाया हुआ था। जिसके बाद एसडीएम देवीलाल सिहाग व उपपुलिस अधिक्षक रविंद्र तोमर और रेवेन्यू विभाग के अधिकारी गंाव भरपूर में कब्जा हटवाने पहुंचे, पूरा भरपूर गांव जिसमें महिलाएं व पुरुष शामिल थे, हाथों में लाठियां व अन्य हथियार लेकर कब्जा हटाए जाने वाले स्थल पर पहुंच गए और कब्जा हटाने की प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वह अपनी जान दे देंगे लेकिन कब्जा नहीं देंगे। गांव में भारी तनाव उत्पन्न हो गया था। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब ग्रामीण नहीं माने तो प्रशासन को बिना कब्जा हटवाए ही वापस आना पड़ा। इस मामले में रतिया पुलिस के करीब 150 लोगों पर केस भी दर्ज किया हुआ है।
विज्ञापन
अब इस मामले की मार सीधा रतिया तहसील के कानूनगो राजेंद्र कुमार व पटवारी बोधराज पर गिरी है। दोनों ही अधिकारियों को डीसी ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं डीसी को भी हाईकोर्ट ने 3 सप्ताह में कब्जा हटवाने के निर्देश दिए हैं। रतिया के नायब तहसीलदार सुरेंद्र मेहता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कानूनगो व पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है।