फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Unemployment and debt burden for last one year turned him into a criminal

Bhiwani News: एक साल से बेरोजगारी व कर्ज के बोझ ने बना दिया अपराधी

Sun, 29 Dec 2024 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 29 Dec 2024 01:14 AM IST
विज्ञापन
Unemployment and debt burden for last one year turned him into a criminal
पकड़े गए आरोपी के साथ पुलिस। 
भिवानी। इंजीनियरिंग और पत्रकारिता की डिग्री कर चुका सत्यवान पिछले एक साल से बेरोजगारी व कर्ज की मार झेल रहा था। इससे निपटने के लिए उसके दिमाग में बैंक के अंदर चोरी का विचार आया। इसको अंजाम तक पहुंचाने के लिए पहले बहादुरगढ़ और फिर रोहतक शहर के कई बैंकों की रेकी भी कराई। लेकिन वहां उसे वारदात को अंजाम देने के लिए पर्याप्त माहौल नहीं मिला। इसके बाद उसने भिवानी के हांसी गेट स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के साथ में खाली प्लाॅट दिखा, जिसके अंदर काफी घनी झाड़ियां थी।
विज्ञापन

हिसार के बालसमंद निवासी 34 वर्षीय सत्यवान दिल्ली में किराये के मकान में रहता था। वह बैंक में चोरी के लिए भिवानी पहुंचा। उसने सात नवंबर को बैंक में अपना चालू खाता खुलवाने के लिए रेकी भी की। उसने इस दौरान यह सटीक अंदाजा लगा लिया कि बैंक का स्ट्राॅन्ग रूम कहां पर है। इसके बाद वह सड़क तोड़ने का हैमर और डि्रल मशीन साथ लाया और खाली प्लाॅट के अंदर झाड़ियों को काटकर एक ऐसी सुरक्षित जगह बनाई, जिससे कि काम के दौरान किसी को उसके इरादों की भनक तक न लगे। रात के समय के बजाय उसने दिन में ही अपने काम को जारी रखा, ताकि वाहनों के शोरगुल से हैमर और डि्रल मशीन की आवाज सुनाई न दे। करीब साढ़े तीन फीट तक दीवार को काटकर सुरंग बना डाली। बैंक के अंदर हिस्से में कुछ इंच जगह ही बची थी कि जिसे तोड़ने से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
विज्ञापन

फसल बीमा से जुड़े कार्य के लिए बैंक में आया था कर्मी
बैंक कर्मचारी अश्वनी कुमार जांगड़ा ने पुलिस को बताया कि वह शनिवार को छुट्टी के दिन फसल बीमा से संबंधित कामकाज के लिए आया था। जब वह शाखा के अंदर दाखिल हुआ तो उसे हैमर चलने की तेज आवाजें सुनाई दीं। जिसके बाद वह बैंक की छत पर पहुंचा तो साइड में खाली प्लाॅट में झांककर देखा तो एक व्यक्ति बैंक की दीवार को हैमर से तोड़ रहा था। उसने बैंक की छत पर से ही बिजली का तार भी जोड़ रखा था। इसके बाद उसने बैंक में डेलीवेज पर काम करने वाले जोगेंद्र सिंह को फोन किया। इसके बाद डायल 112 पर फोन कर इसकी सूचना पुलिस को दी। डायल 112 की टीम ने ही उसे बैंक शाखा की दीवार तोड़ते हुए रंगे हाथ दबोचा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मई 2015 में थाना से महज सौ मीटर दूर बैंक ऑफ बड़ौदा में भी खोदी थी दस फुट सुरंग

सिविल लाइन पुलिस थाना से महज सौ मीटर दूर स्थित सरकुलर रोड के बैंक ऑफ बड़ौदा में मई 2015 में दस फुट सुरंग खोदकर स्ट्रॉन्ग रूम से पैसा चोरी प्रयास की वारदात हुई थी। लुटेरा सुरंग खोदकर बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंच गया था, लेकिन नकदी चोरी में नाकाम रहा था। उस दिन भी बैंक शाखा की छुट्टी थी, लेकिन दोपहर को बैंक मैनेजर सीए परीक्षा के प्रश्न-पत्र लेने शाखा पहुंचा था। स्ट्राॅन्ग रूम तक सुरंग खुदी देख वो सकते में आ गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी थी। लुटेरे पुरी तरह से हाईटेक था। पुलिस को सुरंग के पास से एक सीसीटीवी कैमरा, एलसीडी और अन्य उपकरण भी मिले। लेकिन पुलिस आज तक लुटेरे का पता नहीं लगा पाई है। बैंक में सुरंग का ये मामला काफी दिनों तक चर्चा में रहा और पुलिस भी हर पहलु पर जांच में जुटी रही, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। लुटेरे ने एक पत्र भी छोड़ा जिसमें उसे पकड़ने के लिए पुलिस को भी चुनौती दी गई थी।

बैंकों की सुरक्षा में चूक, एटीएम में सुरक्षा गार्ड तक नहीं
शहर के अंदर करीब डेढ़ सौ से अधिक बैंक शाखाएं हैं। इनमें से अधिकांश बैंकों के एटीएम में सुरक्षा गार्ड तक नहीं है। इसके अलावा बैंकों के आसपास भी खाली जगह व प्लाॅट हैं। जिनके अंदर सुनसान और झाड़ियां होने से बैंकों की सुरक्षा में गंभीर चूक माना जा रहा है। हालांकि बैंकों को आसपास की खाली जगह पर भी सीसीटीवी कैमरे लगवाने और झाड़ियों को साफ कराए जाने के निर्देश हैं। जबकि जिन प्लाॅटों को खाली छोड़ा गया है। उन प्लाॅट के मालिकों को उनकी दीवारे ऊंची कराए जाने की भी हिदायतें हैं। इसके बावजूद भी भिवानी में बैंक में सुरंग खोदने की यह दूसरी वारदात सामने आई है।


बैंकों के अंदर सुरक्षा प्रबंधों को लेकर सभी बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की जा चुकी है। इस संबंध में स्पष्ट निर्देश हैं कि बैंक शाखा और एटीएम की सुरक्षा के प्रबंध प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं। पुलिस प्रशासन भी समय-समय पर बैंक व एटीएम की सुरक्षा की जांच कर रही है। जिन बैंकों के आसपास खाली जगह हैं वहां पर भी अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके अलावा बैंक शाखा के अंदर अलार्म सिस्टम को भी समय-समय पर जांचें, ताकि आपात स्थिति में उससे किसी भी तरह की वारदात को रोका जा सके।
-नीतीश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed