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Bhiwani News: जै बंदे तन्नै सुनना गीता ज्ञान......म्हारै हरियाणे मै आईए
Tue, 10 Dec 2024 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Dec 2024 01:57 AM IST
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गीता जयंती कार्यक्रम में प्रस्तुति दिखाते कलाकार।
भिवानी। शहर के हुड्डा पार्क के सामने तीन दिवसीय जिलास्तरीय गीता जयंती महोत्सव का आगाज सोमवार को हुआ। महोत्सव में स्कूली बच्चों ने गीता का संदेश देते हुए रंगारंग प्रस्तुति दी। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने हरियाणवी भजन जै बंदे तन्नै सुनना गीता ज्ञान... म्हारै हरियाणे मै आईए पर प्रस्तुति दे कर पंडाल में मौजूद सभी दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर जिला उपायुक्त महाबीर कौशिक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उपायुक्त ने पंडित मांगेराम की महाभारत के किस्से की रुक्मिणी बोली श्रीकृष्ण से मनै महाभारत का हाल बता... सात जीतगी, ग्यारह हारी, कैसे हुआ कमाल बता की रागनी से सभी को मंत्रमुग्ध किया। उपायुक्त हुड्डा पार्क में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। डीसी ने हवन यज्ञ में पूर्णाहुति डालकर व गीता पूजन कर गीता महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान डीसी ने गीता महोत्सव की प्रदर्शनी में धार्मिक व सामाजिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों व विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
महोत्सव में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम पवन कुमार, सीईओ अजय चौपड़ा, एसडीएम महेश कुमार, सीटीएम विपिन कुमार के अलावा महंत चरण दास, वैद्य नाथ, माई महाराज, ओपी नंदवाणी, विनोद छाबड़ा, नरेश कुमार आहुजा, डॉ. मुरलीधर शास्त्री, इंद्रेश मौजूद रहे। गीता महोत्सव में अपना संदेश देते हुए डीसी कौशिक ने कहा कि गीता भारतीय संस्कृति का आधार है और हिन्दू शास्त्रों में गीता को प्रमुख स्थान दिया गया है। गीता एक ऐसा संपूर्ण विचार है जो भारतीय संस्कृति की विरासत है। हजारों साल पहले भारत की धरती पर श्री कृष्ण भगवान ने गीता के रूप में उपदेश दिया था, उसे आज पूरी दुनिया मानती है।
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गीता सुख, शांति, समृद्धि व विकास का मूल मंत्र है। हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर भगवान कृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश आज भी सार्थक है और भविष्य में भी रहेगा। गीता में मानव को कर्म करने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि गीता प्रत्येक इंसान के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करती है। गीता सभी समस्याओं का समाधान है। गीता जीवन जीने की कला भी सिखाती है। ऐसे में हमें गीता के संदेश को जीवन में धारण करना चाहिए।
इस अवसर पर डीसी महावीर कौशिक, सीटीएम विपिन कुमार, एसडीएम महेश कुमार ने हवन में पूर्णाहुति डाली और श्रीमद्भागवत के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। हवन में सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शॉडिल्य, जिला शिक्षा अधिकारी नरेश महता, डीडीईओ संतोष नागर, पशुपालन उपनिदेशक डॉ. रविन्द्र सहरावत, डॉ. राजेश जांखड, डॉ. विरेन्द्र श्योरण, डीएचओ डॉ. देवी लाल, ओपी नंदवानी, डॉ. मुरलीधर शास्त्री, डॉ. अनिल गौड़, डीआरपीआरओ संजीव सैनी व एआइपीआरओ बलवान मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के शुभारंभ पर जिला उपायुक्त महाबीर कौशिक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उपायुक्त ने पंडित मांगेराम की महाभारत के किस्से की रुक्मिणी बोली श्रीकृष्ण से मनै महाभारत का हाल बता... सात जीतगी, ग्यारह हारी, कैसे हुआ कमाल बता की रागनी से सभी को मंत्रमुग्ध किया। उपायुक्त हुड्डा पार्क में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। डीसी ने हवन यज्ञ में पूर्णाहुति डालकर व गीता पूजन कर गीता महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान डीसी ने गीता महोत्सव की प्रदर्शनी में धार्मिक व सामाजिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों व विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
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महोत्सव में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम पवन कुमार, सीईओ अजय चौपड़ा, एसडीएम महेश कुमार, सीटीएम विपिन कुमार के अलावा महंत चरण दास, वैद्य नाथ, माई महाराज, ओपी नंदवाणी, विनोद छाबड़ा, नरेश कुमार आहुजा, डॉ. मुरलीधर शास्त्री, इंद्रेश मौजूद रहे। गीता महोत्सव में अपना संदेश देते हुए डीसी कौशिक ने कहा कि गीता भारतीय संस्कृति का आधार है और हिन्दू शास्त्रों में गीता को प्रमुख स्थान दिया गया है। गीता एक ऐसा संपूर्ण विचार है जो भारतीय संस्कृति की विरासत है। हजारों साल पहले भारत की धरती पर श्री कृष्ण भगवान ने गीता के रूप में उपदेश दिया था, उसे आज पूरी दुनिया मानती है।
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गीता सुख, शांति, समृद्धि व विकास का मूल मंत्र है। हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर भगवान कृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश आज भी सार्थक है और भविष्य में भी रहेगा। गीता में मानव को कर्म करने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि गीता प्रत्येक इंसान के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करती है। गीता सभी समस्याओं का समाधान है। गीता जीवन जीने की कला भी सिखाती है। ऐसे में हमें गीता के संदेश को जीवन में धारण करना चाहिए।
इस अवसर पर डीसी महावीर कौशिक, सीटीएम विपिन कुमार, एसडीएम महेश कुमार ने हवन में पूर्णाहुति डाली और श्रीमद्भागवत के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। हवन में सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शॉडिल्य, जिला शिक्षा अधिकारी नरेश महता, डीडीईओ संतोष नागर, पशुपालन उपनिदेशक डॉ. रविन्द्र सहरावत, डॉ. राजेश जांखड, डॉ. विरेन्द्र श्योरण, डीएचओ डॉ. देवी लाल, ओपी नंदवानी, डॉ. मुरलीधर शास्त्री, डॉ. अनिल गौड़, डीआरपीआरओ संजीव सैनी व एआइपीआरओ बलवान मौजूद रहे।