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Bhiwani News: जलभराव से टूटा तोशाम-बीरण लिंक रोड, आठ गांवों का संपर्क कटा
Sun, 03 Aug 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 03 Aug 2025 11:28 PM IST
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गांव दांगकला से तोशाम मार्ग पर सड़क टूटने से बहता पानी।
भिवानी। भारी जलभराव के कारण गांव बलियाली से तोशाम को जोड़ने वाला लिंक रोड रविवार को टूट गया, जिससे तोशाम से आठ गांवों का संपर्क कट गया है। सड़क टूटने से कपास और बाजरे की लगभग 200 एकड़ फसल जलमग्न हो गई जिससे फसल खराब होने की आशंका है और किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल भिवानी-घग्गर ड्रेन बीते एक महीने में तीन बार टूट चुकी है। ड्रेन में लगातार अतिरिक्त पानी के दबाव के चलते सड़क पानी का भार नहीं झेल पाई और गांव सागवान के पास अचानक टूट गई। पानी ने खेतों की ओर रुख कर लिया, जहां कपास, बाजरा और ग्वार की फसलें खड़ी थीं। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान खुद ही सड़क पाटने में जुट गए हैं। इससे पहले रामुपुरा और दांग गांवों के पास भी ड्रेन टूटने से 150 से 250 एकड़ खेतों में तीन फीट तक पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी न होने से वहां भी फसलें चौपट हो गई हैं।
सिंचाई विभाग के अनुसार निंगाना फीडर में चार पंप लगाए गए हैं जिनमें से दो पंप बंद पड़े हैं। बाकी दो पंपों से करीब 40 क्यूसेक पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में डाला जा रहा है। जलभराव और अधिकता के कारण ड्रेन टूटने से सड़क भी ध्वस्त हो गई।
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इस मार्ग से आठ गांवों के लोग करते हैं आवागमन
तोशाम-बीरण लिंक रोड से होकर रोजाना बलियाली, दांग खुर्द, दांग कलां, सागवान, बीरण, भुरटाना, रामुपुरा और सुई गांव के लोग तोशाम आते-जाते हैं। लेकिन सड़क टूटने के कारण अब ग्रामीणों को पांच किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर तोशाम-भिवानी मुख्य मार्ग से आना-जाना पड़ रहा है। इससे किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रेन टूटना ही जलभराव का बड़ा कारण
देवसर चुंगी से हर रोज करीब 10 क्यूसेक गंदा पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में डाला जा रहा है। इसके अलावा, प्रेमनगर और सेक्टर-13, 23 के साथ-साथ चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय और 35 से अधिक गांवों का बरसाती पानी भी इसी ड्रेन में पहुंच रहा है। ड्रेन का अधिकांश हिस्सा कच्चा है जिससे अतिरिक्त दबाव पड़ने पर किनारे टूट जाते हैं। किसानों का कहना है कि शहर का गंदा पानी इस ड्रेन में डालने से खेतों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो रही है।
तोशाम-बीरण लिंक मार्ग रविवार दोपहर को पानी के दबाव से टूट गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसानों की मदद से मिट्टी के कट्टों से टूटे हिस्से को भरने में जुटे हैं। पानी की निकासी का कार्य भी जारी है। – जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज, सिंचाई विभाग
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दरअसल भिवानी-घग्गर ड्रेन बीते एक महीने में तीन बार टूट चुकी है। ड्रेन में लगातार अतिरिक्त पानी के दबाव के चलते सड़क पानी का भार नहीं झेल पाई और गांव सागवान के पास अचानक टूट गई। पानी ने खेतों की ओर रुख कर लिया, जहां कपास, बाजरा और ग्वार की फसलें खड़ी थीं। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान खुद ही सड़क पाटने में जुट गए हैं। इससे पहले रामुपुरा और दांग गांवों के पास भी ड्रेन टूटने से 150 से 250 एकड़ खेतों में तीन फीट तक पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी न होने से वहां भी फसलें चौपट हो गई हैं।
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सिंचाई विभाग के अनुसार निंगाना फीडर में चार पंप लगाए गए हैं जिनमें से दो पंप बंद पड़े हैं। बाकी दो पंपों से करीब 40 क्यूसेक पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में डाला जा रहा है। जलभराव और अधिकता के कारण ड्रेन टूटने से सड़क भी ध्वस्त हो गई।
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इस मार्ग से आठ गांवों के लोग करते हैं आवागमन
तोशाम-बीरण लिंक रोड से होकर रोजाना बलियाली, दांग खुर्द, दांग कलां, सागवान, बीरण, भुरटाना, रामुपुरा और सुई गांव के लोग तोशाम आते-जाते हैं। लेकिन सड़क टूटने के कारण अब ग्रामीणों को पांच किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर तोशाम-भिवानी मुख्य मार्ग से आना-जाना पड़ रहा है। इससे किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रेन टूटना ही जलभराव का बड़ा कारण
देवसर चुंगी से हर रोज करीब 10 क्यूसेक गंदा पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में डाला जा रहा है। इसके अलावा, प्रेमनगर और सेक्टर-13, 23 के साथ-साथ चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय और 35 से अधिक गांवों का बरसाती पानी भी इसी ड्रेन में पहुंच रहा है। ड्रेन का अधिकांश हिस्सा कच्चा है जिससे अतिरिक्त दबाव पड़ने पर किनारे टूट जाते हैं। किसानों का कहना है कि शहर का गंदा पानी इस ड्रेन में डालने से खेतों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो रही है।
तोशाम-बीरण लिंक मार्ग रविवार दोपहर को पानी के दबाव से टूट गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसानों की मदद से मिट्टी के कट्टों से टूटे हिस्से को भरने में जुटे हैं। पानी की निकासी का कार्य भी जारी है। – जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज, सिंचाई विभाग