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श्रीराम का जीवन त्याग, सेवा, मर्यादा और धर्मपालन का उदाहरण : साध्वी करुणागिरी महाराज
Tue, 07 Oct 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:50 PM IST
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राम कथा के दौरान प्रस्तुत झांकी में भगवान राम को तिलक करते आयोजक। आयोजक
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भिवानी। हालवास गेट स्थित लिटिल हार्ट्स पब्लिक स्कूल के सभागार में नौ दिनों से चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा महायज्ञ का सोमवार को भक्तिभाव और आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। कथा व्यास साध्वी करुणागिरी महाराज ने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का मनमोहक वर्णन करते हुए नौ दिवसीय कथा का सारांश प्रस्तुत किया। साध्वी करुणागिरी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, सेवा, मर्यादा और धर्मपालन का अद्वितीय उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि श्रीराम ने सदैव सत्य और न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी। उनके जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से विमुख नहीं होना चाहिए। साध्वी ने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति की शक्ति हमारे संस्कारों और परंपराओं में निहित है। आज के समय में जब समाज भौतिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब आवश्यक है कि हम अपने बच्चों में संस्कार, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करें। उन्होंने कहा कि समाज का उत्थान तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, सत्य और करुणा को स्थान देगा। इस अवसर पर महंत वेदनाथ महाराज, समाजसेवी रमेश सिंहल, डॉ. बृजपाल पप्पू और कथा आयोजक प्रधान त्रिलोक चंद गोयल मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि श्रीराम ने सदैव सत्य और न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी। उनके जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से विमुख नहीं होना चाहिए। साध्वी ने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति की शक्ति हमारे संस्कारों और परंपराओं में निहित है। आज के समय में जब समाज भौतिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब आवश्यक है कि हम अपने बच्चों में संस्कार, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करें। उन्होंने कहा कि समाज का उत्थान तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, सत्य और करुणा को स्थान देगा। इस अवसर पर महंत वेदनाथ महाराज, समाजसेवी रमेश सिंहल, डॉ. बृजपाल पप्पू और कथा आयोजक प्रधान त्रिलोक चंद गोयल मौजूद रहे।
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