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Bhiwani News: सात लाख की लागत से चिंकारा केंद्र की सुरक्षा होगी मजबूत, दीवारों पर लगाए जा रहे कंटीले तार

Mon, 17 Nov 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 17 Nov 2025 01:35 AM IST
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Security at the Chinkara Centre will be strengthened at a cost of Rs 7 lakh, with barbed wire being installed on the walls.
चिंकारा प्रजनन केंद्र में विचरण करते हिरण।
कैरू। प्रदेश के पहले चिंकारा प्रजनन केंद्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दीवारों पर सात लाख की लागत से लोहे के कंटीले तार लगाए जा रहे हैं जिससे बाहरी हस्तक्षेप और जानवरों के हमलों पर रोक लगेगी। 1986 में गांव कैरू में स्थापित यह केंद्र रेतीले इलाकों की दुर्लभ चिंकारा प्रजाति के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र है। अप्रैल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दौरे के बाद यहां विकास कार्यों को गति मिली है।
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58 एकड़ में फैले इस प्रजनन केंद्र में शुरुआत में केवल 10 चिंकारा लाए गए थे जबकि वर्तमान में यहां 86 चिंकारा खुले वातावरण में सुरक्षित घूमते हैं। पहले से लगी लोहे की जालीदार चहारदीवारी के बावजूद कई बार कुत्तों, बिल्लियों, जंगली जानवरों और शिकारियों के केंद्र में घुस आने की घटनाएं हुई थीं। कुछ समय पहले तीन युवक दीवार फांद कर चिंकारा का शिकार करने पहुंचे थे और पकड़ने के लिए जाल भी बिछा दिया था।
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इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने चहारदीवारी पर लोहे के कंटीले तार लगाने का निर्णय लिया। लगभग सात लाख रुपये की लागत से लगाए जा रहे ये कार्य अगले 15 दिनों में पूरी तरह स्थापित कर दिए जाएंगे। इससे न केवल बाहरी तत्वों से सुरक्षा मिलेगी बल्कि चिंकारा भी बाउंड्री पार कर बाहर नहीं निकल पाएंगे।
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सर्दी से बचाने के लिए बनाए गए चार सेंटर
सर्दी में चिंकारा को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र में चार विशेष सेंटर तैयार किए गए हैं। इनमें धरातल पर पराली बिछाई जाती है ताकि ठंड का असर कम हो। हर शुक्रवार को चिंकारा को चना खिलाया जाता है जिससे वे शीत ऋतु में स्वस्थ बने रहें।




चिंकारा को सुरक्षित रखने के लिए लोहे के कंटीले तार लगाए जा रहे हैं इससे बाहरी हस्तक्षेप रुकेगा। बिना सुरक्षा के चिंकारा को जंगली जानवरों का शिकार होना पड़ता था। सात लाख रुपये की लागत से तार लगाए जा रहे हैं। - देवेंद्र हुड्डा, निरीक्षक, वन्य प्राणी भिवानी
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