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भिवानी में बड़ा हादसा: बारिश के कारण मकान की छत गिरी, छह दबे; 3 नाबालिग लड़कियों की मौत; कलिंगा गांव की घटना
Wed, 03 Sep 2025 11:01 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:01 AM IST
सार
ग्रामीणों ने बताया कि ओमपाल जिस मकान में रह रहा था, उसके घर के पीछे की दीवार के साथ बरसात के चलते काफी पानी जमा था तथा साथ लगता हुआ किसी अन्य का मकान भी नहीं था।
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बारिश के कारण मकान की छत गिरी
- फोटो : संवाद
विस्तार
कलिंगा गांव में मंगलवार रात अधिक बरसात के चलते मकान की दीवार दकरने से मकान में सो रहे छह सदस्य नीचे दब गए। इस घटना में मकान में सो रहे छह सदस्यों में तीन की मौत हो गई जबकि तीन अन्य को गंभीर घायल होने के चलते रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया गया। इस घटना में 47 वर्षीय ओमपाल, 42 वर्षीय पत्नी अनिता तथा 5 वर्षीय बेटा ध्रूव घायल है, जबकि ओमपाल की तीन नाबालिग बेटियां 15 वर्षीय अंशिका, 9 वर्षीय दिशा, 7 वर्षीय भारती की मकान में दबने से मृत्यु हो गई है।
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मौके पर पहुंचे तहसीलदार जयबीर व ग्राम सचिव अजय ने बताया कि घटना का शिकार ओमपाल अपने चार बच्चों व पत्नी सहित गांव के बाहरी क्षेत्र में कृष्ण के मकान में चार वर्षों से किराये पर रह रहा था। वह मूल रूप से मजदूरी का कार्य करता था। उसका खुद का मकान गांव के बीच में जर्जर अवस्था में था, जो रहने लायक नहीं होने के चलते उसे किराये पर रहना पड़ रहा था।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे के बाद ओमपाल को मकान बनाने के लिए इस योजना में भी शामिल किया गया था तथा उसका मकान बनना अभी बाकी था। उन्होंने बताया कि गांव कलिंगा में पिछले तीन दिनों से चल रही बरसात के चलते गांव के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। निकासी की व्यवस्था नहीं होने के चलते प्रशासन द्वारा मोटर व ट्रैक्टर लगाए गए है।
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वहीं, इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए ओमपाल के चाचा मनबीर व पड़ोसी संदीप फौजी व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ओमपाल जिस मकान में रह रहा था, उसके घर के पीछे की दीवार के साथ बरसात के चलते काफी पानी जमा था तथा साथ लगता हुआ किसी अन्य का मकान भी नहीं था। घटना की जानकारी उन्हें सुबह पांच बजे चली, जब राहगीरों ने मकान को गिरा हुआ देखा तो तुरंत परिवार के सदस्यों को निकालकर रोहतक मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया। ग्रामीणों ने इस मजदूर परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने व उसके परिवार के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने की मांग भी की।