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Bhiwani News: 13 किलोमीटर के बाईपास पर 35 जगह सफर में जोखिम, सड़क की लेयर के नीचे खिसकी मिट्टी

Wed, 28 Jun 2023 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 28 Jun 2023 10:51 PM IST
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Risk in traveling at 35 places on 13 kilometer bypass, soil slipped under the road layer
भिवानी। तेज बारिश हाईवे के बाईपास पर आफत बनकर बरसी है, जिससे दौड़ लगा रहे तेज रफ्तार वाहनों में सफर करने वालों की जान पर भी जोखिम बढ़ गया है। भिवानी के 13 किलोमीटर लंबे बाईपास पर तेज बारिश से 35 जगहों पर सड़क की लेयर के नीचे से भारी मात्रा में मिट्टी खिसक चुकी है। जिस कारण गहरे कटाव बन गए हैं।
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गलती से भी अगर किसी तेज रफ्तार वाहन का टायर ऊपर से गुजरा तो गहरी खाई में गिरकर हादसे का शिकार हो जाएगा। अभी तो पूरा मानसून बाकी है। बाईपास सीजन की दो बारिश भी नहीं झेल पाया है। बाईपास की सड़क पर बने खतरनाक कटाव जान लेवा साबित हो सकते हैं। बाईपास पर इन गहरे कटावों के आसपास वाहनों को चेताने के लिए कोई संकेतक तक नहीं हैं। ऐसे में अचानक कोई भी वाहन इसकी चपेट में आ सकता है।
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रोहतक रोड पर गांव निनान से शुरू होकर दादरी और लोहारू रोड को जोड़ने वाला बाईपास दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व पंजाब से महाराष्ट्र और मुंबई तक जाने वाले माल ढुलाई वाहनों के आवागमन का मुख्य रास्ता है। फिलहाल शहरी दायरे में दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई के सरकुलर रोड पर करीब चार किलोमीटर दायरे में सीसी पैटर्न पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इसी वजह से एक साल के लिए इस रास्ते को बंद कर दिया है। जबकि राजस्थान, पंजाब से दिल्ली की तरफ जाने वाले माल ढुलाई वाहनों व अन्य बड़े वाहनों को बाईपास पर ही डायवर्ट किया हुआ है। ऐसे में यहां पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी बढ़ गया है। रोजाना ही बाईपास से औसतन 60 हजार वाहनों का आवागमन हो रहा है। बारिश के दौरान बाईपास में बने ये खतरनाक मिट्टी के कटाव वाहनों के लिए कभी भी आफत बन सकते हैं।
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एप्रोच रोड की हालत भी खस्ता

बाईपास पर आसपास के गांवों के लिए भी एप्रोच व सर्विस रोड बनाए गए हैं। इनकी हालत भी बारिश के बाद खस्ताहाल हो गई है। हालांकि इन पर थोड़े वाहनों का ही आवागमन होता है। मगर मिट्टी कटाव की वजह से ये रास्ते भी काफी संकरे और खतरनाक हो गए हैं। जबकि बाईपास पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं। अचानक रास्ते में कौन सा कटाव कहां आ जाए वाहन चालक को जरा सी भी भनक तक नहीं हो पाती और हादसा हो सकता है।

बारिश के दौरान बाईपास के किनारों पर पानी बहाव के साथ मिट्टी का कटाव हो जाता है। ऐसे बिंदुओं की पहचान कराकर जल्द ही उन्हें दुरुस्त कराएंगे। कर्मचारियों को भी बाईपास की लगातार मॉनिटरिंग कर उसके रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं।
-राहुल चहल, कार्यकारी अभियंता, नेशनल हाईवे अथॉरिटी रोहतक मंडल।
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