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मतगणना के कार्य में लगे अधिकारी गंभीरता के साथ निभाएं ड्यूटी : चोपड़ा
Mon, 30 Sep 2024 03:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:39 AM IST
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भिवानी। चुनाव प्रशिक्षण के जिला नोडल अधिकारी कम सीईओ जिला परिषद अजय चोपड़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्वक पूरा करवाने मे मतगणना कर्मियों की अहम भूमिका होती है। सीईओ अजय ने कहा कि ठंडे दिमाग से मतगणना कार्य में लगे अधिकारी गंभीरता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी कम उपायुक्त महावीर कौशिक के दिशा-निर्देश पर निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार मतगणना से जुड़े अधिकारियों को रविवार को स्थानीय पंचायत भवन के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जिला परिषद के सीईओ अजय ने कहा कि विधानसभा चुनाव की मतगणना आठ अक्तूबर को होगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करवाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है।
उसी क्रम में गणना पर्यवेक्षक, सूक्ष्म प्रेक्षक और गणना सहायकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पोस्टल बैलेट पेपर और ईटीपीबीएस के नोडल अजय ने मतगणना की बारीकियां बताईं। पोस्टल बैलेट पेपर के नोडल अधिकारी एवं सीईओ अजय ने पोस्टल बैलेट और ईटीपीबीएस के वैध और अवैध मतपत्रों को छांटने की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि आठ अक्तूबर को मतगणना के दिन संबंधित गणना सभागार में ही अलग से व्यवस्था कर पोस्टल बैलेट की गणना की जाएगी। इसके लिए वहीं मतगणना केंद्र स्थापित किया जाएगा। जिलास्तरीय सहायक प्रशिक्षण नोडल अधिकारी कम मास्टर ट्रेनर रमन शांडिल्य ने प्रशिक्षण के दौरान ईवीएम से मतगणना करने के तरीके बताए।
उन्होंने मतगणना के दिन सभी जरूरी कागजात तैयार करने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण माहौल में चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने में मतगणना स्टाफ की खासी अहमियत होती है। उन्होंने कहा कि गणनाकर्मी अपनी ड्यूटी को पूरी गंभीरता के साथ निभाएं।
उन्होंने कहा कि सात अक्तूबर को दोपहर बाद इसी सभागार में सामान्य प्रेक्षक के सामने जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना कर्मचारियों को रैंडमाइजेशन प्रक्रिया से टेबल आवंटित की जाएगी। जिस अधिकारी को जो टेबल दी जाए, वह वहीं पर बैठेगा। टेबल पर उन बूथों की सूची लगी होगी, जिनकी गिनती वहां पर करवाई जानी है।
बूथ के अनुसार ही टेबल पर मतगणना के लिए स्ट्रांग रूम से ईवीएम की कंट्रोल यूनिट भिजवाई जाएगी। गणना कर्मी मशीन को खोलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि यह ईवीएम उन्हीं को आवंटित है। गणना के बाद मशीन को वापस सील लगाकर स्ट्रांग रूम में रखवा दिया जाएगा। इस कार्य के लिए अलग से स्टाफ लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि मशीन में जितने वोट दिखे हैं, उनका फार्म 17 सी में दी गई वोट संख्या से मिलान अवश्य कर लें। कंट्रोल यूनिट मशीन के डिस्पले को गणना अभिकर्ताओं के सामने कर अच्छी तरह से दिखाया जाए। गणना केंद्र के अंदर कोई कर्मचारी मोबाइल फोन, स्मार्ट वाच, कैलकुलेटर आदि इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर नहीं जाएगा।
इस दौरान उन्होंने मतगणना से संबंधित प्रश्नोत्तर के माध्यम से मतगणना कर्मियों की कार्य कुशलता की जांच की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर ने मतगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों को बैलेट पेपर के वोटों की गिनती की प्रक्रिया भी सिखाई। इसके तहत मतगणना कर्मियों को गणना संबंधी दस्तावेजों का मिलान, मतगणना परिणाम प्राप्त करने सहित अन्य प्रक्रिया बताई।
ईवीएम के कंट्रोल यूनिट के माध्यम से मतों की गणना विधि सिखाई। उन्होंने बताया कि मतगणना का कार्य पूरा होने के बाद किन्हीं भी पांच बूथों की वीवीपैट लाकर उनसे निकाली गई पर्ची की गणना प्रत्याशी के नाम के अनुसार करवाई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो जाए कि जो परिणाम मशीन में आया है, वही वीवीपैट का भी है या नहीं। वीवीपैट की पर्चीप रखने के लिए टेबल पर प्लास्टिक का एक बॉक्स दिया जाएगा, जिसके खानों में प्रत्याशियों के नाम लिखे होंगे। वीवीपैट की पर्ची को उम्मीदवार के नाम अनुसार ही उनके खानों में रखना है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी कम उपायुक्त महावीर कौशिक के दिशा-निर्देश पर निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार मतगणना से जुड़े अधिकारियों को रविवार को स्थानीय पंचायत भवन के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जिला परिषद के सीईओ अजय ने कहा कि विधानसभा चुनाव की मतगणना आठ अक्तूबर को होगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करवाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है।
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उसी क्रम में गणना पर्यवेक्षक, सूक्ष्म प्रेक्षक और गणना सहायकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पोस्टल बैलेट पेपर और ईटीपीबीएस के नोडल अजय ने मतगणना की बारीकियां बताईं। पोस्टल बैलेट पेपर के नोडल अधिकारी एवं सीईओ अजय ने पोस्टल बैलेट और ईटीपीबीएस के वैध और अवैध मतपत्रों को छांटने की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि आठ अक्तूबर को मतगणना के दिन संबंधित गणना सभागार में ही अलग से व्यवस्था कर पोस्टल बैलेट की गणना की जाएगी। इसके लिए वहीं मतगणना केंद्र स्थापित किया जाएगा। जिलास्तरीय सहायक प्रशिक्षण नोडल अधिकारी कम मास्टर ट्रेनर रमन शांडिल्य ने प्रशिक्षण के दौरान ईवीएम से मतगणना करने के तरीके बताए।
उन्होंने मतगणना के दिन सभी जरूरी कागजात तैयार करने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण माहौल में चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने में मतगणना स्टाफ की खासी अहमियत होती है। उन्होंने कहा कि गणनाकर्मी अपनी ड्यूटी को पूरी गंभीरता के साथ निभाएं।
उन्होंने कहा कि सात अक्तूबर को दोपहर बाद इसी सभागार में सामान्य प्रेक्षक के सामने जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना कर्मचारियों को रैंडमाइजेशन प्रक्रिया से टेबल आवंटित की जाएगी। जिस अधिकारी को जो टेबल दी जाए, वह वहीं पर बैठेगा। टेबल पर उन बूथों की सूची लगी होगी, जिनकी गिनती वहां पर करवाई जानी है।
बूथ के अनुसार ही टेबल पर मतगणना के लिए स्ट्रांग रूम से ईवीएम की कंट्रोल यूनिट भिजवाई जाएगी। गणना कर्मी मशीन को खोलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि यह ईवीएम उन्हीं को आवंटित है। गणना के बाद मशीन को वापस सील लगाकर स्ट्रांग रूम में रखवा दिया जाएगा। इस कार्य के लिए अलग से स्टाफ लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि मशीन में जितने वोट दिखे हैं, उनका फार्म 17 सी में दी गई वोट संख्या से मिलान अवश्य कर लें। कंट्रोल यूनिट मशीन के डिस्पले को गणना अभिकर्ताओं के सामने कर अच्छी तरह से दिखाया जाए। गणना केंद्र के अंदर कोई कर्मचारी मोबाइल फोन, स्मार्ट वाच, कैलकुलेटर आदि इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर नहीं जाएगा।
इस दौरान उन्होंने मतगणना से संबंधित प्रश्नोत्तर के माध्यम से मतगणना कर्मियों की कार्य कुशलता की जांच की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर ने मतगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों को बैलेट पेपर के वोटों की गिनती की प्रक्रिया भी सिखाई। इसके तहत मतगणना कर्मियों को गणना संबंधी दस्तावेजों का मिलान, मतगणना परिणाम प्राप्त करने सहित अन्य प्रक्रिया बताई।
ईवीएम के कंट्रोल यूनिट के माध्यम से मतों की गणना विधि सिखाई। उन्होंने बताया कि मतगणना का कार्य पूरा होने के बाद किन्हीं भी पांच बूथों की वीवीपैट लाकर उनसे निकाली गई पर्ची की गणना प्रत्याशी के नाम के अनुसार करवाई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो जाए कि जो परिणाम मशीन में आया है, वही वीवीपैट का भी है या नहीं। वीवीपैट की पर्चीप रखने के लिए टेबल पर प्लास्टिक का एक बॉक्स दिया जाएगा, जिसके खानों में प्रत्याशियों के नाम लिखे होंगे। वीवीपैट की पर्ची को उम्मीदवार के नाम अनुसार ही उनके खानों में रखना है।