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Bhiwani News: सर्वर में अटका गेहूं का आवंटन, 1.99 लाख परिवारों को नहीं मिला राशन
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राशन डिपो पर लगी पात्र परिवारों की लाइन।
भिवानी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सर्वर में तकनीकी खामी के कारण जिले के 1.99 लाख बीपीएल परिवारों को सितंबर का गेहूं नहीं मिल पाया है। डिपो की 460 पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों में गेहूं का आवंटन नहीं दिखने से वितरण प्रभावित है और चीनी भी अब तक नहीं बंटी है।
जिले में 12,907 अंत्योदय बीपीएल और 1,86,428 स्टेट बीपीएल परिवार हैं। इन 1,99,335 परिवारों को हर माह डिपो के माध्यम से मुफ्त राशन दिया जाता है। विभाग ने सितंबर और अक्तूबर के दो माह के गेहूं का आवंटन एक साथ किया है। इसके बावजूद जिले के साढ़े चार सौ से अधिक डिपो की पीओएस मशीनों में आवंटन शून्य दिख रहा है।
कुछ डिपो की मशीनों में सितंबर का गेहूं दिख रहा है लेकिन अक्तूबर का आवंटन गायब है। ऐसे में डिपो संचालकों के सामने भी असमंजस की स्थिति है। दो माह का गेहूं एक साथ देने पर पात्र उपभोक्ता को दोबारा बुलाना पड़ सकता है। चीनी के लिए भी उपभोक्ताओं को अलग से डिपो के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
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गेहूं का निवाला अटका, चीनी का स्वाद भी कड़वा
सितंबर और अक्तूबर के गेहूं का आवंटन डिपो पर पहुंचने के बावजूद सर्वर की खामी से वितरण अटक गया है। सितंबर खत्म होने में अब दस दिन ही बचे हैं लेकिन अभी तक चीनी का वितरण शुरू नहीं हुआ है। अंत्योदय परिवार को सितंबर और अक्तूबर के लिए 35-35 किलोग्राम यानी कुल 70 किलोग्राम गेहूं मिलना है। बीपीएल परिवार को प्रति सदस्य पांच किलोग्राम के हिसाब से दोनों माह का कुल 10 किलोग्राम गेहूं दिया जाना है।
पूरा माह बीतने को है लेकिन अभी तक गेहूं मिला है न चीनी। डिपो भी शाम को खुलते हैं और दिनभर बंद रहते हैं। नियम के अनुसार डिपो के बाहर उसके खुलने का समय दर्शाना और तय समय पर खोलना जरूरी है लेकिन न निरीक्षण हो रहा है और न वितरण। गरीबों को केवल चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
-सुमन देवी, लाइनपार क्षेत्र निवासी
दो बार डिपो पर जा चुका हूं लेकिन हर बार कहा जाता है कि पीओएस मशीन में राशन का आवंटन नहीं दिख रहा है। मशीन में आवंटन आने के बाद ही राशन मिल पाएगा। ऐसे में पूरा माह बिना राशन के बीतने को है। अधिकारियों को समय पर राशन का आवंटन भेजना चाहिए ताकि माह की शुरुआत में ही पात्र परिवारों को राशन मिल सके। -भारत, शास्त्री नगर निवासी
हर बार डिपो पर राशन का वितरण माह के अंतिम सप्ताह में ही होता है। इससे पहले न डिपो संचालक सुध लेते हैं और न विभागीय अधिकारी संज्ञान लेते हैं। राशन वितरण से पहले ही कई खाद्य वस्तुओं को दायरे से बाहर किया जा चुका है। अब गेहूं और चीनी के लिए भी लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। -पप्पी देवी, दिनोद रोड क्षेत्र निवासी
राशन डिपो पर नई मशीनें दी गई हैं। इससे पहले वाली मशीनों का सर्वर अक्सर डाउन रहता था। अब फाइव-जी पीओएस मशीनें हैं फिर भी राशन वितरण प्रणाली में सुधार नहीं हुआ है। हर माह एक पखवाड़ा बीतने के बाद ही गरीबों के राशन वितरण की याद आती है जबकि यह काम माह की शुरुआत में होना चाहिए। -सुनीता देवी, दिनोद रोड, शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी
विभाग के सर्वर में तकनीकी कार्य चल रहा था जिसकी वजह से पीओएस मशीनों में दिक्कत आई थी। अब यह दिक्कत दूर हो चुकी है। जिन राशन डिपो की आपूर्ति बंद हो चुकी है, उनका राशन भी नजदीकी डिपो पर स्थानांतरित किया जा रहा है। सितंबर और अक्तूबर के गेहूं का आवंटन सभी डिपो को दिया जा चुका है और वितरण भी निरंतर किया जा रहा है। इसके बावजूद किसी उपभोक्ता को दिक्कत है तो वह विभाग में शिकायत दे सकता है। -मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, भिवानी
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जिले में 12,907 अंत्योदय बीपीएल और 1,86,428 स्टेट बीपीएल परिवार हैं। इन 1,99,335 परिवारों को हर माह डिपो के माध्यम से मुफ्त राशन दिया जाता है। विभाग ने सितंबर और अक्तूबर के दो माह के गेहूं का आवंटन एक साथ किया है। इसके बावजूद जिले के साढ़े चार सौ से अधिक डिपो की पीओएस मशीनों में आवंटन शून्य दिख रहा है।
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कुछ डिपो की मशीनों में सितंबर का गेहूं दिख रहा है लेकिन अक्तूबर का आवंटन गायब है। ऐसे में डिपो संचालकों के सामने भी असमंजस की स्थिति है। दो माह का गेहूं एक साथ देने पर पात्र उपभोक्ता को दोबारा बुलाना पड़ सकता है। चीनी के लिए भी उपभोक्ताओं को अलग से डिपो के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
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गेहूं का निवाला अटका, चीनी का स्वाद भी कड़वा
सितंबर और अक्तूबर के गेहूं का आवंटन डिपो पर पहुंचने के बावजूद सर्वर की खामी से वितरण अटक गया है। सितंबर खत्म होने में अब दस दिन ही बचे हैं लेकिन अभी तक चीनी का वितरण शुरू नहीं हुआ है। अंत्योदय परिवार को सितंबर और अक्तूबर के लिए 35-35 किलोग्राम यानी कुल 70 किलोग्राम गेहूं मिलना है। बीपीएल परिवार को प्रति सदस्य पांच किलोग्राम के हिसाब से दोनों माह का कुल 10 किलोग्राम गेहूं दिया जाना है।
पूरा माह बीतने को है लेकिन अभी तक गेहूं मिला है न चीनी। डिपो भी शाम को खुलते हैं और दिनभर बंद रहते हैं। नियम के अनुसार डिपो के बाहर उसके खुलने का समय दर्शाना और तय समय पर खोलना जरूरी है लेकिन न निरीक्षण हो रहा है और न वितरण। गरीबों को केवल चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
-सुमन देवी, लाइनपार क्षेत्र निवासी
दो बार डिपो पर जा चुका हूं लेकिन हर बार कहा जाता है कि पीओएस मशीन में राशन का आवंटन नहीं दिख रहा है। मशीन में आवंटन आने के बाद ही राशन मिल पाएगा। ऐसे में पूरा माह बिना राशन के बीतने को है। अधिकारियों को समय पर राशन का आवंटन भेजना चाहिए ताकि माह की शुरुआत में ही पात्र परिवारों को राशन मिल सके। -भारत, शास्त्री नगर निवासी
हर बार डिपो पर राशन का वितरण माह के अंतिम सप्ताह में ही होता है। इससे पहले न डिपो संचालक सुध लेते हैं और न विभागीय अधिकारी संज्ञान लेते हैं। राशन वितरण से पहले ही कई खाद्य वस्तुओं को दायरे से बाहर किया जा चुका है। अब गेहूं और चीनी के लिए भी लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। -पप्पी देवी, दिनोद रोड क्षेत्र निवासी
राशन डिपो पर नई मशीनें दी गई हैं। इससे पहले वाली मशीनों का सर्वर अक्सर डाउन रहता था। अब फाइव-जी पीओएस मशीनें हैं फिर भी राशन वितरण प्रणाली में सुधार नहीं हुआ है। हर माह एक पखवाड़ा बीतने के बाद ही गरीबों के राशन वितरण की याद आती है जबकि यह काम माह की शुरुआत में होना चाहिए। -सुनीता देवी, दिनोद रोड, शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी
विभाग के सर्वर में तकनीकी कार्य चल रहा था जिसकी वजह से पीओएस मशीनों में दिक्कत आई थी। अब यह दिक्कत दूर हो चुकी है। जिन राशन डिपो की आपूर्ति बंद हो चुकी है, उनका राशन भी नजदीकी डिपो पर स्थानांतरित किया जा रहा है। सितंबर और अक्तूबर के गेहूं का आवंटन सभी डिपो को दिया जा चुका है और वितरण भी निरंतर किया जा रहा है। इसके बावजूद किसी उपभोक्ता को दिक्कत है तो वह विभाग में शिकायत दे सकता है। -मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, भिवानी