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Bhiwani News: विश्वविद्यालयों में एचकेआरएनएल कर्मचारियों का 3 माह का वेतन अटका
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भिवानी। हरियाणा के विश्वविद्यालयों में एचकेआरएनएल के तहत कार्यरत गैर-शिक्षक कर्मचारियों के लंबित वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर गैर-शिक्षक विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ हरियाणा ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मंगलवार को सीबीएलयू की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र सौंपा।
संघ के प्रांत महामंत्री प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में एचकेआरएनएल कर्मचारियों का तीन माह 19 दिन का वेतन पिछले एक साल से लंबित है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बच्चों की स्कूल फीस और बीमार बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयों का खर्च जुटाना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल पर कर्मचारियों का डाटा स्थानांतरित किए जाने के समय कई कर्मचारी पांच साल की सेवा पूरी कर चुके थे। नियमों के अनुसार पांच वर्ष के अनुभव पर वेतन वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन पोर्टल पर उनका पुराना अनुभव शून्य कर दिया गया। संघ ने पांच वर्ष का कार्य अनुभव बहाल करने की मांग की है।
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प्रदीप कुमार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दाल, आटा, तेल, घरेलू गैस, किराया और बच्चों की शिक्षा पर खर्च लगभग दोगुना हो गया है, जबकि कर्मचारियों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। उन्होंने महंगाई को देखते हुए सभी एचकेआरएनएल विश्वविद्यालय कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग की।
संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में तीनों प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें एक साल से लंबित तीन माह 19 दिन के वेतन का तत्काल भुगतान, पोर्टल पर शून्य किए गए पांच वर्ष के कार्य अनुभव को बहाल करना और कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।
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संघ के प्रांत महामंत्री प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में एचकेआरएनएल कर्मचारियों का तीन माह 19 दिन का वेतन पिछले एक साल से लंबित है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बच्चों की स्कूल फीस और बीमार बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयों का खर्च जुटाना मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल पर कर्मचारियों का डाटा स्थानांतरित किए जाने के समय कई कर्मचारी पांच साल की सेवा पूरी कर चुके थे। नियमों के अनुसार पांच वर्ष के अनुभव पर वेतन वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन पोर्टल पर उनका पुराना अनुभव शून्य कर दिया गया। संघ ने पांच वर्ष का कार्य अनुभव बहाल करने की मांग की है।
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प्रदीप कुमार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दाल, आटा, तेल, घरेलू गैस, किराया और बच्चों की शिक्षा पर खर्च लगभग दोगुना हो गया है, जबकि कर्मचारियों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। उन्होंने महंगाई को देखते हुए सभी एचकेआरएनएल विश्वविद्यालय कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग की।
संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में तीनों प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें एक साल से लंबित तीन माह 19 दिन के वेतन का तत्काल भुगतान, पोर्टल पर शून्य किए गए पांच वर्ष के कार्य अनुभव को बहाल करना और कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।