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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Garment Shop open secret in the theft, the thief turned out to neighbors

गारमेंट शॉप में हुई चोरी का खुला भेद, पड़ोसी ही निकला चोर

Wed, 11 Nov 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी Updated Wed, 11 Nov 2015 12:31 AM IST
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भिवानी। नेहरू पार्क के सामने विजया बैंक के ऊपर छह नवंबर को गारमेंट शॉप और फोटो स्टूडियो को निशाना बना तीन लाख का सामान चोरी का भेद खुल गया है। चोरी करने वाले कोई और नहीं बल्कि पड़ोसी ही थे। चोर गिरोह के तीन सदस्य पुलिस के काबू आ गए है। पकड़े गए चोरों ने नेहरू पार्क के साथ दो दुकानों में सेंधमारी व एक अन्य में चोरी की वारदात भी कबूली है।
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पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक युवक को घंटाघर चौक से काबू किया। गहनता से पूछताछ की गई, तो उसके दो और साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। तीनों युवकों की पहचान ढाणी सरोगियान वासी राकेश उर्फ मासा, अरुण उर्फ नोनिया व हनुमान ढाणी वासी देवेंद्र उर्फ शुभम के रूप में हुई। राकेश इस गिरोह का मास्टर माइंड था। पूछताछ में तीनों ने खुलासा किया कि छह नवंबर को नेहरू पार्क के सामने मयूर डिजिटल स्टूडियो व फैशन हाउस को अपना निशाना बनाया था। यहां से महंगे कैमरे, काफी संख्या में पेंट शर्ट चोरी की थी। करीब तीन लाख का सामान चोरी किया गया था। चोरी के आरोप में पकड़े गए राकेश का मकान विजया बैंक के बराबर में ही है।
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पूछताछ में राकेश ने खुलासा किया कि नेहरू पार्क के साथ लगती स्टेशनरी दुकान, मेडिकल शॉप में भी उसी ने चोरी की थी। कुछ माह पूर्व नेहरू पार्क के सामने एक गली में स्थित एक कंप्यूटर दुकान में भी उसी ने चोरी की थी। बरगली स्टाफ इंचार्ज एएसआई कृष्ण मलिक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर राकेश काबू किया। उसी से पूछताछ के आधार पर उसके दो साथियों अरुण व देवेंद्र को काबू किया गया। इनके कुछ और साथियों के नाम सामने आए है। जिन्हें भी जल्द काबू कर लिया जाएगा। चोरों को पकड़ने वाली टीम में हेड कांस्टेबल सुभाष, प्रवीण, सिपाही लक्ष्मण, दीपक, विकास शामिल रहे।
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पहले चोरी करते और फिर हालचाल जानने पहुंचते
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी करने के बाद चोर पर किसी को शक न हो इसके लिए वह भागने की बजाए वहीं रहकर सारी स्थिति का जायजा लेते। चोरी के दौरान पुलिस कार्रवाई पर नजर रखते और दुकानदार से भी कैसे हुई चोरी आदि की जानकारी लेते। पड़ोस का ही युवक होने के कारण चारों चोरी की वारदातों में इन पर किसी को शक भी नहीं हुआ।

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