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Banda News: जांच रिपोर्ट में खुलासा...आवासीय विद्यालय में परोसी जा रही थी कीड़े वाली दाल
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बांदा। झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर आवासीय स्कूल में दो बच्चों की मौत के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच रिपोर्ट आ गई है।
रिपोर्ट ने विद्यालय की लापरवाही उजागर कर दी है। स्कूल की रसोई से लिया गया मूंग की दाल का नमूना जांच में फेल मिला है। इसमें कीड़े पाए गए हैं। वहीं स्कूल और ठेले से लिए गए अन्य सात नमूने जांच में पास हुए हैं।
17 अगस्त को विद्यालय में कक्षा छह के छात्र नितिन और कक्षा दो के छात्र अरुण की पेट दर्द के बाद मौत हो गई थी। बताया गया था कि फिंगर चिप्स और मोमोज खाने के बाद दोनों की हालत बिगड़ी थी। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने विद्यालय की रसोई से मूंग की दाल, रिफाइंड, आटा, पकी हुई रोटी, पकी हुई सब्जी और पके हुए चावल के नमूने लिए थे।
इसके अलावा मोमोज और फिंगर चिप्स बेचने वाली गांव निवासी नोखी पत्नी डिल्ली के ठेले से अरारोट और रिफाइंड के नमूने लिए गए थे। कुल आठ नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को इनकी रिपोर्ट विभाग को मिली।
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सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि मूंग की दाल का नमूना असुरक्षित पाया गया है। इसमें कीड़े मिले हैं। अन्य सात नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।
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स्कूल के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय के पास खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा विद्यालय में खाना बनाने वाले रसोइयों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था।
ऐसे में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। कीड़े वाली दाल विद्यालय की रसोई में रखे होने का मामला भी गंभीर है।
बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और उसके रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, दोनों बच्चों की मौत का सीधा कारण दाल ही थी, यह रिपोर्ट से साबित नहीं हुआ है।
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सीजेएम न्यायालय में दायर होगा मुकदमा
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि मूंग की दाल का नमूना असुरक्षित मिलने के बाद विद्यालय संचालक ओमप्रकाश के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत विभाग अपनी रिपोर्ट और जांच से संबंधित अभिलेख न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगा। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ही दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति को मिलने वाले दंड का निर्णय करेगा।
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अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार
आवासीय विद्यालय में दो बच्चों की मौत के मामले खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट को अहम माना जा रहा था। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद बस विसरा रिपोर्ट का ही आना बाकी है।
दरअसल दोनों बच्चों के की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। ऐसे में विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था। परिजन और पुलिस दोनों को ही उम्मीद है कि विसरा रिपोर्ट में मौत का राज जरूर खुल सकेगा।
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रिपोर्ट ने विद्यालय की लापरवाही उजागर कर दी है। स्कूल की रसोई से लिया गया मूंग की दाल का नमूना जांच में फेल मिला है। इसमें कीड़े पाए गए हैं। वहीं स्कूल और ठेले से लिए गए अन्य सात नमूने जांच में पास हुए हैं।
17 अगस्त को विद्यालय में कक्षा छह के छात्र नितिन और कक्षा दो के छात्र अरुण की पेट दर्द के बाद मौत हो गई थी। बताया गया था कि फिंगर चिप्स और मोमोज खाने के बाद दोनों की हालत बिगड़ी थी। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने विद्यालय की रसोई से मूंग की दाल, रिफाइंड, आटा, पकी हुई रोटी, पकी हुई सब्जी और पके हुए चावल के नमूने लिए थे।
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इसके अलावा मोमोज और फिंगर चिप्स बेचने वाली गांव निवासी नोखी पत्नी डिल्ली के ठेले से अरारोट और रिफाइंड के नमूने लिए गए थे। कुल आठ नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को इनकी रिपोर्ट विभाग को मिली।
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सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि मूंग की दाल का नमूना असुरक्षित पाया गया है। इसमें कीड़े मिले हैं। अन्य सात नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।
स्कूल के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय के पास खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा विद्यालय में खाना बनाने वाले रसोइयों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था।
ऐसे में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। कीड़े वाली दाल विद्यालय की रसोई में रखे होने का मामला भी गंभीर है।
बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और उसके रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, दोनों बच्चों की मौत का सीधा कारण दाल ही थी, यह रिपोर्ट से साबित नहीं हुआ है।
सीजेएम न्यायालय में दायर होगा मुकदमा
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि मूंग की दाल का नमूना असुरक्षित मिलने के बाद विद्यालय संचालक ओमप्रकाश के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत विभाग अपनी रिपोर्ट और जांच से संबंधित अभिलेख न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगा। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ही दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति को मिलने वाले दंड का निर्णय करेगा।
अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार
आवासीय विद्यालय में दो बच्चों की मौत के मामले खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट को अहम माना जा रहा था। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद बस विसरा रिपोर्ट का ही आना बाकी है।
दरअसल दोनों बच्चों के की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। ऐसे में विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था। परिजन और पुलिस दोनों को ही उम्मीद है कि विसरा रिपोर्ट में मौत का राज जरूर खुल सकेगा।