भिवानी नप घोटाला: 3.83 करोड़ रुपये फर्जी फर्म के खाते में ट्रांसफर कर संचालक को दिया 11.50 लाख का कमीशन
फर्जी फर्म सिर्फ फर्जीवाड़े के लिए बनाई थी। आरोपी फर्म संचालक को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं पांच दिन के रिमांड के बाद आरोपी बैंक मैनेजर जेल भेजा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद घोटाले में अब बड़े खुलासे होने लगे हैं। मामले में गिरफ्तार पानीपत की फर्म संचालक ने खुलासा किया है कि नगर परिषद के तीन अकाउंट से उसकी फर्म के खातों में तीन करोड़ 83 लाख 57 हजार 835 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बदले उसे 11.50 लाख रुपये कमीशन दिया गया।
आरोपी पानीपत निवासी आढ़ती कपिल को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। उससे और भी खुलासे होने की उम्मीद है। वहीं आरोपी एक्सिस बैंक मैनेजर नितेश को पुलिस ने पांच दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
नगर परिषद घोटाले के तार दिल्ली, पानीपत, लखनऊ के अलावा गुरुग्राम तक जुड़े हैं। पुलिस ने अब इन जिलों में छापे मारकर फर्जी फर्म संचालकों की धरपकड़ शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने पानीपत के एक फर्म संचालक कपिल को गिरफ्तार किया है।
उसे बुधवारको कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। प्राथमिक जांच में ही उसने खुलासा किया कि नगर परिषद के तीन खातों से तीन करोड़ 83 लाख 57 हजार 835 रुपये की राशि उसके खाते में डाली गई, जिसके बदले में 11.50 लाख रुपये कमीशन भी दिया गया।
अब भिवानी-दादरी पर पुलिस का फोकस
फर्जी फर्मों के मामले में पुलिस लखनऊ, दिल्ली, पानीपत तक भागदौड़ कर चुकी है। अब पूरा फोकस भिवानी और चरखी दादरी जिलों पर आ गया है। यहां के इस केस से जुड़े लोगों से ही गहनता से पूछताछ होगी। पुलिस जांच में दादरी के भी एक युवक का नाम सामने आया है, जिसके तार गिरफ्तार किए गए पानीपत निवासी कपिल से जुड़े हैं।
यह था मामला
पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल ने 28 फरवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर नगर परिषद में करोड़ों रुपये के चेक घोटाले के आरोप लगाए थे। पुलिस अधीक्षक ने जांच का जिम्मा इकनॉमिक सेल को दिया। इसके बाद शहर थाने में एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश, व्यापारी विनोद, एक अन्य विकास व नप कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
पुलिस ने 14 मार्च को एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश निवासी चिड़िपाल गली को गिरफ्तार किया। उसे पहले दो दिन और फिर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। उससे 10 लाख रुपये, मोबाइल व रिकॉर्ड बरामद किया गया।
व्यापारी के दो रिश्तेदार काबू
नगर परिषद घोटाले में आरोपी व्यापारी विनोद के दो रिश्तेदारों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनमें चिड़िपाल गली निवासी नितिन और चरखी दादरी निवासी अरुण हैं। नितिन व्यापारी विनोद का रिश्तेदार है और अरुण नितिन का रिश्तेदार है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि अरुण के माध्यम से ही पानीपत के आढ़ती कपिल के खाते में तीन करोड़ 83 लाख 57 हजार 835 रुपये की राशि ट्रांसफर की थी। पुलिस अब इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामले में पानीपत निवासी एक फर्जी फर्म संचालक कपिल को गिरफ्तार किया है। वह आढ़त का काम करता है। उसके खाते में नगर परिषद के तीन खातों से रुपये ट्रांसफर कर उसे करीब साढ़े 11 लाख रुपये का कमीशन दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जो भी आरोपी है, उन सबको गिरफ्तार किया जाएगा। -अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक।